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मोरक्को ने तोड़ा कनाडा का सपना,3- 0 से हराकर फीफा विश्व कप 2026 के क्वार्टर फाइनल में किया प्रवेश

मुस्लिम नाउ ब्यूरो,हॉस्टन

ह्यूस्टन के स्टेडियम में शनिवार रात मोरक्को ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह केवल मजबूत टीम ही नहीं बल्कि बड़े मुकाबलों की भी माहिर खिलाड़ी है। फीफा विश्व कप 2026 के प्री क्वार्टर फाइनल में मोरक्को ने कनाडा को 3 0 से हराकर शानदार अंदाज में क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। मैच का स्कोर भले ही एकतरफा रहा, लेकिन मुकाबला इतना आसान नहीं था जितना अंतिम नतीजा दिखाता है।

अब मोरक्को का सामना क्वार्टर फाइनल में फ्रांस या पराग्वे में से किसी एक टीम से होगा। वर्ष 2022 में सेमीफाइनल तक पहुंचने वाली अफ्रीकी टीम ने इस बार भी अपने अभियान को मजबूती से आगे बढ़ाया है।

पहले हाफ में कनाडा ने दिखाया दम

करीब 68777 दर्शकों की मौजूदगी में खेले गए इस मुकाबले की शुरुआत कनाडा ने आत्मविश्वास के साथ की। विश्व कप के इतिहास में पहली बार नॉकआउट चरण तक पहुंचने वाली कनाडाई टीम के खिलाड़ी किसी भी तरह से दबाव में नजर नहीं आए।

दसवें मिनट में तानी ओलुवासेयी ने शानदार मौका बनाया। उन्होंने बॉक्स के अंदर तेजी से घूमकर शॉट लगाया, लेकिन मोरक्को के गोलकीपर यासीन बोनो ने शानदार बचाव किया।

इसके बाद कनाडा को लगातार कॉर्नर मिले। चौथे कॉर्नर पर डिफेंडर एलिस्टेयर जॉनस्टन को खुला हेडर मिला, लेकिन वह गोल में बदल नहीं सके। शुरुआती बीस मिनट तक मोरक्को की टीम पूरी तरह दबाव में रही।

चोट ने बदला मोरक्को का समीकरण

पहले हाफ के दौरान मोरक्को को बड़ा झटका भी लगा। टीम के स्टार मिडफील्डर इस्माइल साइबारी चोटिल होकर मैदान से बाहर चले गए। उन्होंने इस विश्व कप में अब तक तीन गोल किए थे और टीम के सबसे प्रभावी खिलाड़ियों में शामिल थे।

उनकी जगह सूफियान रहीमी मैदान पर आए। शुरुआत में उनका प्रभाव ज्यादा नहीं दिखा, लेकिन बाद में वही मैच के अहम किरदार बने।

पहले हाफ में दोनों टीमों के बीच कई बार तनाव भी देखने को मिला। मोरक्को के कप्तान अशरफ हकीमी और कनाडा के रिची लारिया के बीच हल्की धक्का मुक्की हुई। रेफरी माइकल ओलिवर ने दोनों को पीला कार्ड दिखाया। पहले हाफ में कुल छह खिलाड़ियों को चेतावनी मिली। इससे साफ था कि मुकाबला बेहद संघर्षपूर्ण हो चुका था।

दूसरे हाफ में पूरी तरह बदल गया मैच

हाफ टाइम के बाद मैदान पर बिल्कुल अलग मोरक्को दिखाई दिया। टीम ने आक्रामक खेल अपनाया और कनाडा की रक्षापंक्ति पर लगातार दबाव बनाया।

पचासवें मिनट में कप्तान अशरफ हकीमी ने शानदार लो फ्री किक खेली। गेंद बॉक्स के बाहर खड़े अज्जेदीन औनाही तक पहुंची। उन्होंने बिना समय गंवाए दाएं पैर से जोरदार शॉट लगाया। गेंद सीधे गोल में चली गई। कनाडा के गोलकीपर मैक्सिम क्रेपो के सामने अपने ही खिलाड़ी आ गए, जिससे उन्हें गेंद देर से दिखाई दी।

इस गोल ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया।

कनाडा ने वापसी की कोशिश की

गोल खाने के बाद कनाडा ने बराबरी के लिए पूरी ताकत झोंक दी। टीम ने लगातार आक्रमण किए, लेकिन मोरक्को की रक्षापंक्ति बेहद अनुशासित रही। यासीन बोनो ने भी गोलपोस्ट के सामने शानदार संयम दिखाया।

कनाडा के खिलाड़ी गेंद पर नियंत्रण तो बना रहे थे, लेकिन अंतिम पास और फिनिशिंग में चूकते रहे। यही उनकी सबसे बड़ी कमजोरी साबित हुई।

औनाही ने खत्म कर दी कनाडा की उम्मीद

बयासीवें मिनट में मोरक्को ने तेज पलटवार किया। इस हमले में एक बार फिर अज्जेदीन औनाही सही जगह पर मौजूद थे। उन्होंने पहला टच लेते हुए दाएं पैर से गेंद को गोल में पहुंचा दिया।

उनका दूसरा गोल आते ही कनाडा की वापसी की सारी उम्मीदें लगभग खत्म हो गईं। स्टेडियम में मौजूद हजारों मोरक्को समर्थक जश्न में डूब गए।

औनाही ने इस मैच में न केवल दो गोल किए बल्कि पूरे मिडफील्ड को शानदार तरीके से नियंत्रित किया। उन्हें मैच का सबसे प्रभावशाली खिलाड़ी माना गया।

रहीमी ने आखिरी मिनट में लगाई जीत पर मुहर

इंजरी टाइम के आखिरी क्षणों में सूफियान रहीमी ने भी अपना नाम स्कोर शीट में दर्ज करा लिया। कनाडा की रक्षापंक्ति की एक गलती का फायदा उठाते हुए उन्होंने तीसरा गोल दाग दिया।

रेफरी की अंतिम सीटी बजते ही मोरक्को के खिलाड़ी और समर्थक जीत का जश्न मनाने लगे। खिलाड़ियों ने दर्शकों का अभिवादन किया और पूरे स्टेडियम में खुशी का माहौल बन गया।

कनाडा का सफर सम्मान के साथ खत्म

हालांकि कनाडा हार गया, लेकिन इस विश्व कप में उसका प्रदर्शन लंबे समय तक याद रखा जाएगा। टीम ने पहली बार विश्व कप में मैच जीता। पहली बार नॉकआउट चरण तक पहुंची और अपने खेल से दुनिया का ध्यान खींचा।

कोच जेसी मार्श की टीम ने कई मजबूत विरोधियों के सामने बेखौफ फुटबॉल खेली। ह्यूस्टन में भी पहले हाफ में उन्होंने दिखाया कि भविष्य में कनाडा विश्व फुटबॉल की मजबूत टीम बन सकता है।

मोरक्को फिर बना अफ्रीकी उम्मीद

मोरक्को लगातार दूसरे विश्व कप में शानदार प्रदर्शन कर रहा है। वर्ष 2022 में सेमीफाइनल तक पहुंचकर उसने इतिहास रचा था। अब 2026 में भी टीम क्वार्टर फाइनल में पहुंच चुकी है।

कप्तान अशरफ हकीमी का अनुभव, यासीन बोनो की गोलकीपिंग और अज्जेदीन औनाही का शानदार प्रदर्शन टीम की सबसे बड़ी ताकत बनकर सामने आया है।

अगर मोरक्को इसी लय को बरकरार रखता है तो वह एक बार फिर विश्व कप में बड़ा उलटफेर कर सकता है।

अब सबकी नजर क्वार्टर फाइनल पर

क्वार्टर फाइनल में मोरक्को का मुकाबला फ्रांस या पराग्वे से होगा। यदि फ्रांस सामने आता है तो यह मुकाबला बेहद रोमांचक रहने की उम्मीद है। दोनों टीमों के बीच पहले भी बड़े मंच पर यादगार मुकाबले हो चुके हैं।

मोरक्को का आत्मविश्वास फिलहाल सातवें आसमान पर है। टीम के पास मजबूत रक्षा, तेज पलटवार और बेहतरीन मिडफील्ड मौजूद है। यही संतुलन उसे इस विश्व कप के खिताब के दावेदारों में शामिल कर रहा है।

विश्व कप 2026 का रोमांच अब अपने सबसे अहम दौर में पहुंच चुका है और मोरक्को ने साफ कर दिया है कि उसे हल्के में लेना किसी भी टीम के लिए भारी पड़ सकता है।

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