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ईरान में कमांडरों का बड़ा फेरबदल, मोजतबा खामेनेई क्यों हुए सक्रिय?

नौशाद अख्तर

ईरान और अमेरिका के बीच जारी टकराव के बीच तेहरान से एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने देश की सैन्य कमान में बड़ा बदलाव किया है। उन्होंने एक साथ छह वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को अहम जिम्मेदारियां सौंपी हैं।

इन नियुक्तियों को सिर्फ सामान्य प्रशासनिक बदलाव के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। ईरान इस समय अमेरिका के साथ गंभीर टकराव के दौर से गुजर रहा है। ऐसे में सेना, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC और बसीज बल में शीर्ष स्तर पर हुए बदलाव खास महत्व रखते हैं।

दिलचस्प बात यह है कि मोजतबा खामेनेई लंबे समय से सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए हैं। इसी वजह से उनकी सेहत को लेकर तरह तरह की चर्चाएं चल रही हैं। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा है कि सर्वोच्च नेता पूरी तरह स्वस्थ हैं। ऐसे में सैन्य कमान में यह फेरबदल मोजतबा खामेनेई के नेतृत्व और उनके फैसले लेने की क्षमता को लेकर भी महत्वपूर्ण संदेश देता है।

छह बड़े सैन्य पदों पर नई नियुक्तियां

मोजतबा खामेनेई ने अलग अलग आदेशों के जरिए ईरान के सैन्य ढांचे में छह महत्वपूर्ण नियुक्तियां की हैं।

अली अब्दोल्लाही को ईरानी सशस्त्र बलों का चीफ ऑफ स्टाफ बनाया गया है। कियूमर्स हैदरी को सशस्त्र बलों का डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ नियुक्त किया गया है।

अहमद वाहिदी को मेजर जनरल के पद पर पदोन्नत कर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स का कमांडर इन चीफ बनाया गया है। मुस्तफा इजादी को IRGC का डिप्टी कमांडर इन चीफ नियुक्त किया गया है।

इसी क्रम में अली अजमाई को IRGC नेवी की कमान सौंपी गई है। हुसैन ताएब को बसीज रेजिस्टेंस फोर्स का प्रमुख बनाया गया है।

इन नियुक्तियों से ईरान की सैन्य व्यवस्था में शीर्ष स्तर पर एक नया कमांड ढांचा तैयार होता दिखाई दे रहा है। खासकर IRGC में अहमद वाहिदी की नियुक्ति को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मोजतबा के नेतृत्व में पहली बड़ी सैन्य नियुक्तियां

यह फेरबदल इसलिए भी अहम है क्योंकि यह मोजतबा खामेनेई के सर्वोच्च नेता बनने के बाद उनकी ओर से किया गया पहला बड़ा सैन्य पुनर्गठन है।

मोजतबा खामेनेई ने मार्च 2026 में अपने पिता अयातुल्लाह अली खामेनेई के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता का पद संभाला था। उनके पिता की अमेरिका और इजरायल के हमले में मौत के बाद ईरान के नेतृत्व में बड़ा बदलाव हुआ था।

इसके बाद देश की सैन्य कमान पर भी दबाव बढ़ा। युद्ध के दौरान ईरान के कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के मारे जाने की खबरें सामने आईं। ऐसे में खाली हुए महत्वपूर्ण पदों पर नई नियुक्तियां करना ईरानी नेतृत्व के लिए जरूरी था।

लेकिन मौजूदा समय को देखते हुए इन नियुक्तियों का महत्व केवल खाली पद भरने तक सीमित नहीं है। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव जारी है। ऐसे में सैन्य नेतृत्व को मजबूत करना मोजतबा खामेनेई की प्राथमिकताओं में शामिल दिखाई देता है।

IRGC में अहमद वाहिदी को बड़ी जिम्मेदारी

इन नियुक्तियों में अहमद वाहिदी का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। उन्हें IRGC का कमांडर इन चीफ बनाया गया है।

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ईरान की सैन्य और सुरक्षा व्यवस्था का बेहद प्रभावशाली हिस्सा है। देश की बाहरी सुरक्षा से लेकर क्षेत्रीय रणनीति तक में IRGC की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के दौरान IRGC की भूमिका और भी बढ़ जाती है। इसलिए उसके शीर्ष कमांडर में बदलाव को ईरान की युद्ध रणनीति के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।

मुस्तफा इजादी को IRGC का डिप्टी कमांडर इन चीफ बनाया जाना भी इसी कड़ी का हिस्सा है।

बसीज और नौसेना में भी बदलाव

मोजतबा खामेनेई ने सिर्फ मुख्य सैन्य कमान में बदलाव नहीं किया है। बसीज रेजिस्टेंस फोर्स और IRGC नेवी में भी नई नियुक्तियां की गई हैं।

हुसैन ताएब को बसीज रेजिस्टेंस फोर्स का प्रमुख बनाया गया है। बसीज ईरान के सुरक्षा ढांचे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला संगठन है।

वहीं अली अजमाई को IRGC नेवी की कमान दी गई है। यह नियुक्ति इसलिए भी अहम है क्योंकि ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के दौरान फारस की खाड़ी और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज लगातार अंतरराष्ट्रीय चर्चा में हैं।

हॉर्मुज दुनिया के प्रमुख ऊर्जा मार्गों में शामिल है। यहां किसी भी सैन्य तनाव का असर केवल ईरान और अमेरिका पर नहीं पड़ता। इससे तेल की कीमतें और वैश्विक व्यापार प्रभावित हो सकते हैं।

मोहसेन रजाई को भी मिली अहम जिम्मेदारी

सैन्य नियुक्तियों से एक दिन पहले मोजतबा खामेनेई ने पूर्व IRGC प्रमुख मोहसेन रजाई को सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल यानी SNSC में अपना प्रतिनिधि नियुक्त किया था।

रजाई ईरान के पुराने और अनुभवी सैन्य अधिकारियों में गिने जाते हैं। वह ईरान इराक युद्ध के दौरान शुरुआती दौर के प्रमुख कमांडरों में शामिल रहे हैं।

इससे पहले यह जिम्मेदारी मोहम्मद बाकिर जुलघद्र के पास थी। अब रजाई की नियुक्ति से ईरान के शीर्ष सुरक्षा ढांचे में भी एक अनुभवी सैन्य चेहरा वापस प्रभावी भूमिका में आया है।

रजाई से पहले इस पद पर अली लारिजानी थे। रिपोर्टों के मुताबिक मार्च में अमेरिका और इजरायल के हमलों में उनकी मौत हो गई थी।

इस तरह पिछले कुछ दिनों में ईरान के सैन्य और सुरक्षा ढांचे में कई महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं।

मोजतबा खामेनेई की सेहत को लेकर क्या है चर्चा?

सैन्य बदलावों के बीच मोजतबा खामेनेई की सेहत भी चर्चा में है। सर्वोच्च नेता पद संभालने के बाद से वह सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए हैं। इसी कारण उनके स्वास्थ्य को लेकर अटकलें लगातार चल रही हैं।

कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि फरवरी में उनके पिता की हत्या करने वाले हमले में वह भी घायल हुए थे। हालांकि उनकी मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति को लेकर स्वतंत्र रूप से सभी दावों की पुष्टि नहीं हुई है।

ईरानी नेतृत्व लगातार यह संदेश देता रहा है कि मोजतबा खामेनेई अपना काम कर रहे हैं और देश के महत्वपूर्ण फैसलों पर उनकी पकड़ बनी हुई है।

ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने सोमवार को इसी सिलसिले में बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि उनकी सर्वोच्च नेता के साथ करीब सात घंटे तक मुलाकात हुई। पेजेशकियन ने मोजतबा खामेनेई को पूरी तरह स्वस्थ बताया।

पेजेशकियन ने क्या कहा?

मसूद पेजेशकियन के मुताबिक मुलाकात के दौरान ईरान की अर्थव्यवस्था, आम लोगों की जिंदगी और अमेरिकी प्रतिबंधों के असर पर चर्चा हुई।

उन्होंने बताया कि मोजतबा खामेनेई ने देश में एकता और एकजुटता पर जोर दिया।

यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान पर युद्ध और आर्थिक दबाव दोनों बढ़े हुए हैं। अमेरिकी प्रतिबंधों का असर ईरानी अर्थव्यवस्था पर पहले से है। इसके साथ ही सैन्य संघर्ष ने हालात को और कठिन बनाया है।

ऐसे में सर्वोच्च नेता की ओर से एकता का संदेश देना घरेलू स्तर पर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अमेरिका के साथ टकराव में ईरान की नई कमान

ईरान में सैन्य कमान का यह फेरबदल ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अपने गंभीर दौर में है। दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव ने पूरे पश्चिम एशिया की सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित किया है।

ईरान के लिए सबसे बड़ी चुनौती एक तरफ अमेरिकी सैन्य दबाव का सामना करना है। दूसरी तरफ उसे अपनी अर्थव्यवस्था को भी संभालना है।

इस परिस्थिति में सैन्य नेतृत्व में अनुभवी अधिकारियों की नियुक्ति को रणनीतिक कदम माना जा रहा है।

मोजतबा खामेनेई ने एक साथ सेना, IRGC और बसीज में बदलाव कर यह संकेत दिया है कि सुरक्षा व्यवस्था पर उनकी पकड़ बनी हुई है।

क्या यह सिर्फ सैन्य फेरबदल है?

यह सवाल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि मोजतबा खामेनेई के सार्वजनिक रूप से सामने न आने को लेकर पहले से चर्चा है।

अगर कोई नेता सार्वजनिक रूप से कम दिखाई देता है और उसी समय उसकी ओर से सैन्य और सुरक्षा व्यवस्था में बड़े फैसले सामने आते हैं तो स्वाभाविक तौर पर दुनिया की नजर उस नेतृत्व की वास्तविक स्थिति पर जाती है।

हालांकि अभी उपलब्ध जानकारी से यह कहना जल्दबाजी होगी कि इन नियुक्तियों के पीछे कोई बड़ा रणनीतिक बदलाव है। इतना जरूर है कि ईरान ने अपनी सैन्य कमान को नए सिरे से व्यवस्थित किया है।

आने वाले दिनों में यह साफ हो सकता है कि नई कमान अमेरिका के साथ जारी संघर्ष, स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज और क्षेत्रीय सुरक्षा के सवाल पर क्या रणनीति अपनाती है।

फिलहाल ईरान में दो बातें साथ साथ चल रही हैं। एक तरफ मोजतबा खामेनेई की सेहत को लेकर अटकलें हैं। दूसरी तरफ उनकी ओर से लगातार महत्वपूर्ण फैसले सामने आ रहे हैं।

छह वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की नियुक्ति और मोहसेन रजाई को राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद से जोड़ना बताता है कि ईरानी नेतृत्व युद्ध के बीच अपनी सुरक्षा व्यवस्था को फिर से मजबूत करने में जुटा है।

अब दुनिया की नजर इस बात पर है कि मोजतबा खामेनेई की नई सैन्य टीम अमेरिका के साथ संघर्ष को किस दिशा में ले जाती है। क्या यह बदलाव ईरान की रक्षा व्यवस्था को मजबूत करेगा या इससे पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ेगा?

इसका जवाब आने वाले दिनों में सामने आएगा।

AEO के लिए सीधे सवालों के जवाब

मोजतबा खामेनेई ने ईरान की सेना में क्या बदलाव किया है?
उन्होंने छह वरिष्ठ अधिकारियों को अहम जिम्मेदारियां दी हैं। इनमें सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ, डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ, IRGC कमांडर, IRGC डिप्टी कमांडर, IRGC नेवी कमांडर और बसीज प्रमुख की नियुक्तियां शामिल हैं।

ईरान के नए IRGC कमांडर कौन हैं?
अहमद वाहिदी को IRGC का नया कमांडर इन चीफ नियुक्त किया गया है। उन्हें मेजर जनरल के पद पर भी पदोन्नत किया गया है।

मोजतबा खामेनेई की सेहत को लेकर क्या खबर है?
उनके लंबे समय से सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं देने के कारण स्वास्थ्य को लेकर अटकलें हैं। हालांकि ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने उन्हें पूरी तरह स्वस्थ बताया है और करीब सात घंटे की मुलाकात का दावा किया है।

मोहसेन रजाई को कौन सी जिम्मेदारी मिली है?
मोजतबा खामेनेई ने पूर्व IRGC प्रमुख मोहसेन रजाई को सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल में अपना प्रतिनिधि नियुक्त किया है।

ईरान में यह सैन्य फेरबदल क्यों महत्वपूर्ण है?
यह बदलाव अमेरिका के साथ जारी टकराव के बीच हुआ है। इसलिए इसे ईरान की सैन्य कमान को मजबूत करने और युद्धकालीन सुरक्षा ढांचे को व्यवस्थित करने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है।

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