मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी में भव्य दावत-ए-इफ्तार, कुलपति प्रो. सैयद ऐनुल हसन ने कहा,रमज़ान भाईचारे और एकता का संदेश देता है
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मुस्लिम नाउ ब्यूरो, हैदराबाद
पवित्र रमज़ान माह के अवसर पर हैदराबाद स्थित मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी (MANUU) में एक भव्य दावत-ए-इफ्तार का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के बॉयज़ हॉस्टल्स के प्रोवोस्ट कार्यालय की ओर से 11 मार्च 2026 को यूनिवर्सिटी परिसर के इंडोर स्टेडियम में आयोजित इस बड़े इफ्तार समारोह में छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया।
इस आयोजन का उद्देश्य रमज़ान के पवित्र महीने के दौरान विश्वविद्यालय समुदाय के बीच आपसी भाईचारा, सद्भाव और एकता की भावना को मजबूत करना था। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय परिवार के विभिन्न वर्गों के लोग एक साथ इकट्ठा हुए और रोज़ा खोलते हुए रमज़ान के आध्यात्मिक संदेश को साझा किया।

कुलपति प्रो. सैयद ऐनुल हसन मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद
इस विशेष अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सैयद ऐनुल हसन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने इस कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए प्रोवोस्ट और उनकी टीम की सराहना की।
अपने संबोधन में कुलपति ने कहा कि रमज़ान का महीना केवल रोज़ा रखने का ही समय नहीं है, बल्कि यह आत्मिक शुद्धता, करुणा और समाज में भाईचारे को मजबूत करने का भी अवसर है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विश्वविद्यालय समुदाय के बीच आपसी सम्मान और एकता की भावना को बढ़ावा देते हैं।
प्रो. ऐनुल हसन ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि रमज़ान के मूल्यों—जैसे धैर्य, सहिष्णुता और दूसरों के प्रति सम्मान—को अपने जीवन में अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र ही नहीं होता, बल्कि यह सामाजिक और नैतिक मूल्यों को विकसित करने का भी महत्वपूर्ण मंच है।
विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी
इफ्तार समारोह में विश्वविद्यालय के कई वरिष्ठ अधिकारी और शिक्षाविद भी शामिल हुए। इनमें रजिस्ट्रार प्रोफेसर इश्तियाक अहमद, डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रोफेसर सिद्दीकी मोहम्मद महमूद, प्रॉक्टर प्रोफेसर मोहम्मद अब्दुल अज़ीम और प्रोफेसर अलीम अशरफ जैसी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
इसके अलावा विश्वविद्यालय के विभिन्न स्कूलों के डीन, विभागाध्यक्ष, हॉस्टल वार्डन, शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया। इन सभी की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया और विश्वविद्यालय समुदाय की सामूहिक भागीदारी को दर्शाया।

लगभग 1500 लोगों के लिए विशेष इंतज़ाम
इस इफ्तार समारोह में विश्वविद्यालय के बॉयज़ हॉस्टल्स में रहने वाले बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए। आयोजकों के अनुसार लगभग 1500 प्रतिभागियों के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी।
इफ्तार के लिए पारंपरिक व्यंजनों और ताज़ा पेय पदार्थों की व्यापक व्यवस्था की गई थी। खजूर, फल, पकौड़े, समोसे और अन्य पारंपरिक इफ्तार व्यंजनों के साथ-साथ ताज़गी देने वाले पेय पदार्थ भी परोसे गए।
इफ्तार के समय पूरा माहौल आध्यात्मिकता और भाईचारे की भावना से भरा हुआ दिखाई दिया। छात्र, शिक्षक और कर्मचारी एक साथ बैठकर रोज़ा खोलते हुए एक दूसरे से बातचीत करते और रमज़ान की खुशियों को साझा करते नजर आए।
छात्रों में दिखा उत्साह
कार्यक्रम में शामिल छात्रों ने भी इस आयोजन को लेकर खुशी व्यक्त की। उनका कहना था कि ऐसे कार्यक्रम उन्हें विश्वविद्यालय समुदाय के साथ जुड़ाव का एहसास कराते हैं और विभिन्न पृष्ठभूमियों से आने वाले छात्रों के बीच आपसी समझ को मजबूत करते हैं।
कई छात्रों ने कहा कि इफ्तार के दौरान एक साथ बैठकर रोज़ा खोलना रमज़ान के सबसे सुंदर अनुभवों में से एक है और यह विश्वविद्यालय जीवन में एक विशेष याद बन जाता है।
प्रोवोस्ट ने जताई खुशी
इस अवसर पर बॉयज़ हॉस्टल्स के प्रोवोस्ट प्रोफेसर मोहम्मद शाहिद रज़ा ने कार्यक्रम में छात्रों और कर्मचारियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी पर खुशी व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन विश्वविद्यालय समुदाय के सदस्यों के बीच आपसी संबंधों को मजबूत करते हैं और हॉस्टल में रहने वाले छात्रों के बीच अपनापन और एकता की भावना को बढ़ावा देते हैं।
प्रोफेसर शाहिद रज़ा ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी शिक्षकों, कर्मचारियों और स्वयंसेवकों का आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पूरी आयोजन टीम ने मिलकर इस कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
रमज़ान के संदेश को आगे बढ़ाने की पहल
मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी में आयोजित यह इफ्तार कार्यक्रम केवल एक सामाजिक आयोजन नहीं था, बल्कि यह रमज़ान के आध्यात्मिक और सामाजिक संदेश को आगे बढ़ाने का भी माध्यम बना।
इस अवसर पर मौजूद लोगों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में भाईचारे और सद्भाव की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी उम्मीद जताई कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि छात्रों और शिक्षकों के बीच आपसी सहयोग और एकता की भावना को और मजबूत किया जा सके।

