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मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय ज्ञान महाकुंभ: ICCIDSDT-2026 का भव्य आयोजन

हैदराबाद

मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय (MANUU), हैदराबाद ने कंप्यूटेशनल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ICCIDSDT-2026 का सफल आयोजन किया। यह सम्मेलन 15 और 16 जनवरी 2026 को विश्वविद्यालय के कंप्यूटर साइंस एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग (CS & IT) के तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसमें दुनिया भर के शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, उद्योग विशेषज्ञों और छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्देश्य उभरती हुई इंटेलिजेंट कंप्यूटिंग तकनीकों, डेटा-संचालित अनुसंधान और समावेशी डिजिटल परिवर्तन की भूमिका पर गंभीर विमर्श को बढ़ावा देना था। ICCIDSDT-2026 ने शोध, नवाचार और वास्तविक दुनिया के अनुप्रयोगों के बीच सेतु का कार्य करते हुए प्रतिभागियों को विचारों के आदान-प्रदान के लिए एक सशक्त वैश्विक मंच प्रदान किया।

सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में प्रोफेसर आर.एस. निरजर, पूर्व चेयरमैन, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) एवं पूर्व कुलपति, गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा उपस्थित रहे। अपने प्रेरक संबोधन में उन्होंने शोधार्थियों से आग्रह किया कि वे पारंपरिक सीमाओं से आगे बढ़ें और यह सुनिश्चित करें कि उनका शोध समाज के वंचित और गरीब वर्गों के लिए भी लाभकारी सिद्ध हो। उन्होंने कहा कि तकनीकी नवाचार तभी सार्थक है, जब वह आम जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए।

सम्मेलन की अध्यक्षता प्रोफेसर सैयद ऐनुल हसन, कुलपति, MANUU ने की। उन्होंने सहयोग की संस्कृति, आत्ममूल्यांकन, मानव-मशीन सहभागिता की सीमाओं को समझने और तकनीक के माध्यम से रोजगार सृजन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने प्रतिभागियों को वास्तविक और भ्रामक सूचनाओं में अंतर पहचानने तथा अनुसंधान की गुणवत्ता को निरंतर बेहतर बनाने की सलाह दी, ताकि तकनीक समाज की भलाई का माध्यम बन सके।

प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए प्रोफेसर अब्दुल वाहिद, डीन, स्कूल ऑफ टेक्नोलॉजी एवं ICCIDSDT-2026 के अध्यक्ष ने बताया कि इस सम्मेलन की परिकल्पना एक स्पष्ट दृष्टिकोण के साथ की गई थी, जिसका उद्देश्य सैद्धांतिक शोध, वास्तविक अनुप्रयोगों और उद्योग-आधारित नवाचार के बीच की खाई को पाटना है। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन अंतर्विषयी सहयोग और ज्ञान साझा करने को प्रोत्साहित करता है, जिससे युवा शोधकर्ता कंप्यूटेशनल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस को सामाजिक और औद्योगिक चुनौतियों के व्यावहारिक समाधान में बदल सकें।

सम्मेलन की अकादमिक गरिमा को और सुदृढ़ करते हुए प्रोफेसर डॉ. स्टीफन वोल्फगैंग पिकल, चेयर फॉर ऑपरेशंस रिसर्च, यूनिवर्सिटी डेर बुंडेसवेहर म्यूनिख, जर्मनी, और डॉ. टेस. सरीफा बाहिया राहियो, निदेशक, साइबर सिक्योरिटी एवं DIR सेंटर, नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी ऑफ मलेशिया, विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। दोनों विद्वानों ने MANUU के साथ सहयोग पर गर्व व्यक्त किया और भविष्य में संयुक्त अनुसंधान व अकादमिक साझेदारी की संभावनाओं पर बल दिया।

डॉ. संतोष के. पांडे, वैज्ञानिक-ई एवं अतिरिक्त निदेशक, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने विभाग को इस सफल आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शोध का लाभ आम नागरिक तक पहुँचना चाहिए। उन्होंने शोधकर्ताओं को गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित करने, स्थानीय समस्याओं की पहचान करने और प्रभावी, व्यावहारिक समाधान विकसित करने की सलाह दी।

विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रोफेसर इश्तियाक अहमद ने ICCIDSDT-2026 के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के सम्मेलन अनुसंधान संस्कृति को सुदृढ़ करते हैं और कौशल विकास को नई दिशा देते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि सम्मेलन के निष्कर्ष कंप्यूटेशनल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति का मार्ग प्रशस्त करेंगे।

सम्मेलन के आँकड़ों पर प्रकाश डालते हुए प्रोफेसर प्रदीप कुमार, अध्यक्ष, कंप्यूटर साइंस एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग और निदेशक, ICCIDSDT-2026 ने बताया कि अमेरिका, ब्रिटेन, संयुक्त अरब अमीरात, जमैका और अन्य पड़ोसी देशों सहित विभिन्न देशों से कुल 344 शोध पत्र प्राप्त हुए। कठोर ब्लाइंड रिव्यू प्रक्रिया के बाद केवल 26 प्रतिशत शोध पत्रों को 10 समानांतर तकनीकी सत्रों में प्रस्तुति के लिए स्वीकृत किया गया, जो सम्मेलन की उच्च अकादमिक गुणवत्ता को दर्शाता है।

यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) और इंस्टीट्यूशन्स इनोवेशन सेल (IIC) के सहयोग से आयोजित किया गया। सम्मेलन की कार्यवाही को विश्वविख्यात प्रकाशन संस्था स्प्रिंगर द्वारा प्रकाशित किया जाएगा, जिससे शोध कार्यों को वैश्विक पहचान प्राप्त होगी।

उद्घाटन सत्र में 200 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों की भागीदारी ने इस आयोजन को एक सच्चा वैश्विक अकादमिक मंच बना दिया। ICCIDSDT-2026 ने न केवल ज्ञान और नवाचार को प्रोत्साहित किया, बल्कि MANUU को उभरती तकनीकों के क्षेत्र में एक अग्रणी केंद्र के रूप में भी स्थापित किया।