जामिया मिल्लिया इस्लामिया में ‘मीना बाज़ार’: छात्राओं का हुनर, उद्यमिता और सांस्कृतिक उत्सव
मुस्लिम नाउ,नई दिल्ली
राजधानी के प्रतिष्ठित केंद्रीय विश्वविद्यालय जामिया मिल्लिया इस्लामिया के तीन गर्ल्स हॉस्टल—बेगम हज़रत महल (BHM), जे एंड के हॉस्टल और हॉल ऑफ़ गर्ल्स रेसिडेंस (HoGR)—ने मिलकर 11 फरवरी को बेगम हज़रत महल हॉस्टल परिसर में ‘मीना बाज़ार’ नामक रंगारंग सांस्कृतिक उत्सव का आयोजन किया। छात्राओं द्वारा पूरी तरह से तैयार और संचालित इस आयोजन ने परिसर में रचनात्मकता, आत्मविश्वास और उद्यमिता का सजीव संगम पेश किया।

कार्यक्रम का उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मज़हर आसिफ की पत्नी श्रीमती शबाया आसिफ ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. मो. महताब आलम रिज़वी की पत्नी डॉ. ज़ेबा नाज़ तथा परीक्षा नियंत्रक प्रो. एहतेशामुल हक की पत्नी श्रीमती हुमेरा एहतेशाम विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। अतिथियों ने छात्राओं के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे सृजनात्मक अभिव्यक्ति और नेतृत्व कौशल का प्रभावशाली उदाहरण बताया।

‘मीना बाज़ार’ का सबसे खास पहलू यह रहा कि इसकी संकल्पना से लेकर क्रियान्वयन तक हर चरण में छात्राओं की सक्रिय भागीदारी रही। विभिन्न राज्यों की पारंपरिक हस्तकलाओं, कपड़ों, आभूषणों और सजावटी वस्तुओं के स्टॉल ने भारत की बहुरंगी सांस्कृतिक विरासत को एक ही मंच पर साकार कर दिया। कहीं कश्मीरी कढ़ाई की बारीकियाँ थीं तो कहीं पूर्वोत्तर के हस्तनिर्मित उत्पादों की सादगी; कहीं राजस्थानी कलाकृतियों की झलक थी तो कहीं दक्षिण भारतीय शिल्प का सौंदर्य—यह विविधता विश्वविद्यालय की समावेशी पहचान को प्रतिबिंबित करती दिखी।

खान-पान के स्टॉल भी उत्सव का प्रमुख आकर्षण रहे। छात्राओं ने अपने-अपने राज्यों की पारंपरिक व्यंजन स्वयं तैयार कर परोसे, जिनमें हैदराबादी पकवान, कश्मीरी स्वाद, बिहारी लिट्टी-चोखा, अवधी व्यंजन और दक्षिण भारतीय पकवानों की खुशबू शामिल रही। स्वाद और सौहार्द का यह मेल आगंतुकों के लिए यादगार अनुभव बन गया। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और कर्मचारियों ने स्टॉलों का अवलोकन किया, व्यंजनों का आनंद लिया और छात्राओं का उत्साहवर्धन किया।
यह आयोजन केवल सांस्कृतिक प्रस्तुति तक सीमित नहीं था, बल्कि छात्राओं के लिए उद्यमिता और विपणन का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी साबित हुआ। स्टॉल प्रबंधन, मूल्य निर्धारण, प्रचार-प्रसार और ग्राहक संवाद जैसे पहलुओं ने उन्हें वास्तविक जीवन के कौशल सिखाए। कई छात्राओं ने कहा कि इस अनुभव ने उन्हें आत्मनिर्भरता और नेतृत्व के प्रति अधिक सजग बनाया।

डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर, विभिन्न विभागाध्यक्षों, केंद्रों के निदेशकों और संकाय सदस्यों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। आयोजन का समन्वयन प्रो. शीमा अलीम (प्रोवोस्ट, BHM), प्रो. निकहत मंज़ूर (प्रोवोस्ट, J&K गर्ल्स हॉस्टल) और प्रो. राणा नूर (प्रोवोस्ट, HoGR) ने किया। उन्होंने छात्राओं की रचनात्मकता और टीमवर्क की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन परिसर में सकारात्मक ऊर्जा और सहभागिता की संस्कृति को सुदृढ़ करते हैं।
कुल मिलाकर, ‘मीना बाज़ार’ ने यह संदेश दिया कि जब अवसर और मंच मिलता है तो छात्राएं केवल प्रतिभा ही नहीं, बल्कि संगठन क्षमता और सामाजिक नेतृत्व का भी परिचय देती हैं। जामिया के इस उत्सव ने न केवल परिसर को रंगों और रौनक से भर दिया, बल्कि यह भी साबित किया कि शिक्षा के साथ-साथ संस्कृति और उद्यमिता का समावेश ही समग्र विकास की असली पहचान है।

