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रियाद एयरपोर्ट पर मिसाइल हमला, 12 की मौत और 309 घायल

रियाद।

सऊदी अरब की राजधानी रियाद में किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शनिवार को हुए मिसाइल हमले में 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि 309 अन्य घायल हुए हैं। घायलों में कुछ की हालत गंभीर बताई गई है। सऊदी अरब के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (GACA) ने रविवार तड़के जारी बयान में हताहतों की जानकारी दी। मृतकों में सऊदी नागरिकों के अलावा बांग्लादेश, फिलिस्तीन, अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया और सूडान के नागरिक भी शामिल हैं।

इस हमले के बाद सऊदी अरब के नागरिक हवाई अड्डों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। रियाद एयरपोर्ट पर परिचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया। अधिकारियों ने नुकसान का आकलन शुरू किया। इसके कुछ घंटे बाद देश के पूर्वी हिस्से में स्थित किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी हमले की खबर सामने आई।

अमेरिका ने इन हमलों की निंदा की है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सऊदी अरब पर हूती हमलों को निर्दोष नागरिकों की जान के प्रति खुली लापरवाही बताया। हालांकि, शनिवार को रियाद एयरपोर्ट पर हुए हमले की जिम्मेदारी हूती विद्रोहियों ने नहीं ली थी। ऐसे में इस विशेष हमले के जिम्मेदार पक्ष को लेकर आधिकारिक पुष्टि महत्वपूर्ण है।

रियाद एयरपोर्ट हमले में कई देशों के नागरिकों की मौत

सऊदी अरब के जनरल अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन के अनुसार, हमले में मारे गए 12 लोगों में चार सऊदी नागरिक शामिल हैं। इसके अलावा बांग्लादेश के दो नागरिक और फिलिस्तीन, अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया तथा सूडान का एक एक नागरिक मारा गया।

इस तरह रियाद एयरपोर्ट पर हुए हमले का असर केवल सऊदी अरब तक सीमित नहीं रहा। मृतकों की राष्ट्रीयताओं से पता चलता है कि इस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर काम करने वाले और वहां मौजूद अलग अलग देशों के लोग भी इसकी चपेट में आए।

अधिकारियों के मुताबिक, हमले में 309 लोग घायल हुए। इनमें गंभीर रूप से घायल लोग भी शामिल हैं। घायलों के उपचार और उनकी स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी सामने आने के साथ हताहतों की स्थिति में बदलाव हो सकता है।

किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट सऊदी अरब की राजधानी का प्रमुख हवाई अड्डा है। यहां से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन होता है। ऐसे स्थान पर हमला होने से यात्रियों, एयरलाइन कर्मचारियों और हवाई यातायात की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठते हैं।

मार्को रुबियो ने हूती हमलों की निंदा की

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने शनिवार को सोशल मीडिया पर जारी बयान में सऊदी अरब पर हूती हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि इस तरह के हमले निर्दोष नागरिकों की जान के प्रति खुली अवहेलना दिखाते हैं और इन्हें तत्काल बंद किया जाना चाहिए।

सऊदी अधिकारियों ने हमले में एक अमेरिकी नागरिक की मौत की पुष्टि की। रुबियो ने भी कहा कि इस हमले में एक अमेरिकी नागरिक मारा गया है।

अमेरिका लंबे समय से यमन के हूती विद्रोहियों के हमलों का विरोध करता रहा है। हूती संगठन को ईरान का समर्थन प्राप्त है। सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच वर्षों से संघर्ष चला आ रहा है। इस संघर्ष का असर यमन के साथ साथ क्षेत्रीय सुरक्षा और समुद्री व्यापार पर भी पड़ा है।

हालिया हमलों ने इस आशंका को बढ़ाया है कि यमन से शुरू हुआ संघर्ष सऊदी अरब के प्रमुख शहरों और नागरिक सुविधाओं को और अधिक प्रभावित कर सकता है।

हालांकि, किसी विशेष हमले की जिम्मेदारी तय करने के लिए संबंधित पक्षों के बयानों और जांच के निष्कर्षों को देखना जरूरी है। शनिवार के रियाद हमले को लेकर हूतियों की ओर से जिम्मेदारी स्वीकार किए जाने की पुष्टि नहीं हुई थी।

किंग फहद एयरपोर्ट पर भी हमले की खबर

रियाद में हमले के कुछ घंटे बाद सऊदी अरब के पूर्वी क्षेत्र में स्थित किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भी निशाना बनाए जाने की सूचना सामने आई। यमन में वैध सरकार के समर्थन में सक्रिय गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल मलिकी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर इसकी जानकारी दी।

किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट दम्माम में स्थित है और सऊदी अरब के पूर्वी हिस्से का प्रमुख हवाई परिवहन केंद्र है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी को ईरान युद्ध शुरू होने के बाद इस हवाई अड्डे को पहली बार निशाना बनाए जाने की खबर सामने आई।

इन घटनाओं से सऊदी अरब के हवाई अड्डों की सुरक्षा व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। यदि नागरिक उड्डयन केंद्रों पर हमले जारी रहते हैं, तो इसका असर यात्रियों की आवाजाही, एयरलाइन संचालन और क्षेत्रीय व्यापार पर पड़ सकता है।

सऊदी अधिकारियों ने इससे पहले भी देश के विभिन्न हवाई अड्डों पर हमलों की जानकारी दी थी। हाल के दिनों में रियाद और अभा एयरपोर्ट पर हुए हमलों में विदेशी नागरिकों और विमानन क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों की मौत हुई है।

रियाद एयरपोर्ट पर उड़ानें प्रभावित

हमले के बाद सऊदी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट का परिचालन अस्थायी रूप से रोक दिया। प्राधिकरण ने कहा कि हवाई अड्डे को निशाना बनाकर किए गए हमले ऐसे समय हुए हैं, जब देश की नागरिक विमानन सुविधाओं पर लगातार हमले हो रहे हैं।

उड़ानों पर इसका तत्काल असर पड़ा। फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट फ्लाइटअवेयर के आंकड़ों के अनुसार, रियाद एयरपोर्ट से पिछले 24 घंटों में कम से कम 291 उड़ानें रद्द की गईं।

इससे पहले एयर इंडिया, फ्लाईदुबई, लुफ्थांसा समूह और पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस समेत कई विमानन कंपनियों ने रियाद और सऊदी अरब के दूसरे हवाई अड्डों से आने जाने वाली उड़ानों को अलग अलग अवधि के लिए निलंबित किया था।

इन रद्द उड़ानों से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जिन लोगों को दूसरे देशों से सऊदी अरब पहुंचना था या वहां से आगे की यात्रा करनी थी, उनकी योजनाएं प्रभावित हुईं।

सऊदी विदेश मंत्रालय ने उन यात्रियों को सलाह दी कि यदि वे उड़ानों में व्यवधान के कारण अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, तो वे संबंधित देशों में स्थित सऊदी अरब के राजनयिक मिशनों से सहायता मांग सकते हैं।

किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रशासन ने भी यात्रियों को हवाई अड्डे के लिए रवाना होने से पहले अपनी एयरलाइन से उड़ान की स्थिति की पुष्टि करने की सलाह दी।

यूरोपीय विमानन एजेंसी ने जताई सुरक्षा चिंता

यूरोपीय संघ विमानन सुरक्षा एजेंसी (EASA) ने सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र को लेकर अपनी सलाह का दायरा बढ़ाया। एजेंसी ने चेतावनी दी कि हूती विद्रोहियों की हमले करने की क्षमता सऊदी अरब के भीतर दूर तक स्थित लक्ष्यों तक पहुंच सकती है। इसमें रियाद जैसे शहर और विमानन सुविधाएं भी शामिल हैं।

एजेंसी के अनुसार, मिसाइल और ड्रोन हमलों के साथ उन्हें रोकने के लिए की जाने वाली सैन्य कार्रवाई से नागरिक विमानों की गलत पहचान होने का खतरा बढ़ सकता है।

यह चिंता इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि किसी संघर्ष क्षेत्र में सैन्य और नागरिक विमान एक ही व्यापक हवाई क्षेत्र के आसपास सक्रिय हो सकते हैं। ऐसे माहौल में उड़ानों के सुरक्षित मार्ग, हवाई क्षेत्र की निगरानी और विमानन कंपनियों के लिए समय पर चेतावनी जरूरी हो जाती है।

सऊदी अरब के हवाई अड्डों पर हमलों का प्रभाव इसलिए भी व्यापक है क्योंकि रियाद और दम्माम जैसे शहर अंतरराष्ट्रीय यात्रा, व्यापार और कारोबारी गतिविधियों के महत्वपूर्ण केंद्र हैं।

सऊदी अरब के अन्य हवाई अड्डे भी निशाने पर

रियाद एयरपोर्ट पर शनिवार का हमला ऐसे समय हुआ है, जब इससे पहले भी सऊदी अरब के विभिन्न हवाई अड्डों पर हमलों की खबरें आई थीं।

रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को रियाद एयरपोर्ट पर हुए हमलों में तीन लोगों की मौत हुई थी। इनमें सऊदी एयरलाइंस के एक पायलट कैप्टन हमूद अली अल कल्थामी भी शामिल थे। एक अन्य हमले में एयरपोर्ट की सुविधाओं को नुकसान पहुंचा और दो सऊदी नागरिक मारे गए।

इससे पहले रियाद एयरपोर्ट पर हुए हमले में सूडान के एक नागरिक की मौत हुई थी। अभा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हमलों में भी लोगों की जान गई और कई अन्य घायल हुए।

मंगलवार को अभा एयरपोर्ट पर हुए हमले में मोरक्को और अल्जीरिया की दो महिलाओं की मौत की जानकारी दी गई थी। इसके बाद क्षेत्र में नागरिक विमानन सुविधाओं पर हमलों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ी।

यमन में वैध सरकार के समर्थन वाले गठबंधन ने शुक्रवार को हूतियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई शुरू करने की घोषणा की थी। गठबंधन के मुताबिक, अभियान में 130 से अधिक ठिकानों को नष्ट किया गया। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि के लिए अतिरिक्त जानकारी आवश्यक है।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने की हमले रोकने की मांग

सऊदी अरब के हवाई अड्डों पर हमलों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा हुई है। खाड़ी सहयोग परिषद के महासचिव जासिम मोहम्मद अल बुदैवी ने हूती हमलों को रोकने के लिए गंभीर अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की मांग की।

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भी नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमलों को अस्वीकार्य बताया और हूतियों से हिंसक गतिविधियां रोकने का आग्रह किया।

संयुक्त राष्ट्र में सऊदी अरब के स्थायी प्रतिनिधि अब्दुलअजीज अलवासिल ने सुरक्षा परिषद में कहा कि सऊदी अरब यमन को अपने खिलाफ हमलों का केंद्र नहीं बनने देगा। उन्होंने लाल सागर में नौवहन के लिए पैदा होने वाले खतरों का भी उल्लेख किया।

सऊदी अरब ने पिछले दिनों मक्का और मदीना से जुड़ी सुविधाओं पर हमलों के प्रयासों की भी जानकारी दी थी। गठबंधन के अनुसार, मदीना में पैगंबर की मस्जिद को बिजली आपूर्ति करने वाले वितरण केंद्र को निशाना बनाया गया था। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि और घटनाओं के सटीक विवरण के लिए आधिकारिक जांच महत्वपूर्ण है।

नागरिकों की सुरक्षा सबसे बड़ा सवाल

रियाद एयरपोर्ट पर 12 लोगों की मौत और 309 लोगों के घायल होने की घटना ने सऊदी अरब में नागरिक विमानन सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। किंग फहद एयरपोर्ट पर हमले की खबर और उड़ानों के बड़े पैमाने पर रद्द होने से स्थिति और संवेदनशील हो गई है।

हवाई अड्डे युद्ध के मैदान नहीं, बल्कि आम नागरिकों, यात्रियों और कर्मचारियों की आवाजाही के केंद्र होते हैं। ऐसे स्थानों पर हमलों का असर केवल तत्काल हताहतों तक सीमित नहीं रहता। इससे अंतरराष्ट्रीय यात्रा, व्यापार और क्षेत्रीय स्थिरता भी प्रभावित होती है।

अब सऊदी अधिकारियों के सामने घायलों के उपचार, हवाई अड्डों की सुरक्षा और उड़ानों को सुरक्षित तरीके से बहाल करने की चुनौती है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस बात पर रहेगी कि नागरिक सुविधाओं पर हमले रोकने और क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

सवाल और जवाब

1. रियाद एयरपोर्ट हमले में कितने लोग मारे गए?

सऊदी अरब के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के अनुसार, शनिवार के हमले में 12 लोगों की मौत हुई और 309 लोग घायल हुए।

2. रियाद एयरपोर्ट हमले में किन देशों के नागरिक मारे गए?

मृतकों में चार सऊदी नागरिक, दो बांग्लादेशी और अमेरिका, फिलिस्तीन, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया तथा सूडान के एक एक नागरिक शामिल थे।

3. क्या हूतियों ने रियाद एयरपोर्ट हमले की जिम्मेदारी ली?

प्रदान की गई रिपोर्ट के अनुसार, हूतियों ने शनिवार के इस विशेष हमले की जिम्मेदारी नहीं ली थी। हमले के जिम्मेदार पक्ष की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।

4. हमले के बाद उड़ानों पर क्या असर पड़ा?

फ्लाइटअवेयर के अनुसार, रियाद एयरपोर्ट पर 24 घंटों में कम से कम 291 उड़ानें रद्द हुईं। कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों ने भी सऊदी अरब की उड़ानों को अस्थायी रूप से निलंबित किया।

5. अमेरिका ने हमले पर क्या कहा?

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सऊदी अरब पर हूती हमलों की निंदा की और कहा कि निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाने वाले हमले तत्काल बंद होने चाहिए।

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