खाड़ी देशों और पाकिस्तान में दिखा चांद, 27 मई को बकरीद
मुस्लिम नाउ ब्यूरो, दुबई, रियाद, इस्लामाबाद
भारत में भले ही अभी बकरीद और हज को लेकर आधिकारिक घोषणा का इंतजार हो, लेकिन खाड़ी देशों और पाकिस्तान में ज़िलहिज्जा का चांद नजर आ गया है। इसके साथ ही हज और ईद उल अज़हा की तारीखें भी तय हो गई हैं। सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और पाकिस्तान में बकरीद 27 मई 2026, बुधवार को मनाई जाएगी, जबकि यौमे अरफा 26 मई को होगा।
चांद दिखने की पुष्टि के बाद सोमवार 18 मई को ज़िलहिज्जा का पहला दिन घोषित कर दिया गया है। इसी महीने में इस्लाम का सबसे अहम धार्मिक सफर हज पूरा किया जाता है। दुनिया भर से लाखों मुसलमान इस दौरान मक्का पहुंचते हैं।

सऊदी अरब में रविवार शाम चांद दिखाई देने के बाद वहां के अधिकारियों ने आधिकारिक ऐलान किया। इसके अनुसार 18 मई को एक ज़िलहिज्जा होगी। हज का सबसे अहम रुक्न वकूफ ए अरफा 26 मई को अदा किया जाएगा। इसके अगले दिन यानी 27 मई को ईद उल अज़हा मनाई जाएगी।
हज इस्लाम के पांच बुनियादी स्तंभों में से एक माना जाता है। हर सक्षम मुसलमान के लिए जीवन में कम से कम एक बार हज करना जरूरी बताया गया है, बशर्ते उसके पास शारीरिक और आर्थिक क्षमता हो।
सऊदी अरब की सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही देशभर के मुसलमानों से 17 मई की शाम चांद देखने की अपील की थी। अदालत ने कहा था कि जो भी व्यक्ति चांद को अपनी आंखों से या दूरबीन की मदद से देखे, वह अपनी गवाही नजदीकी अदालत या सरकारी केंद्र में दर्ज कराए। इसके बाद मिली रिपोर्टों के आधार पर चांद नजर आने की पुष्टि की गई।
सऊदी अरब के ग्रैंड मुफ्ती शेख सालेह अल फौज़ान ने भी इस मौके पर मुसलमानों से खास अपील की है। उन्होंने कहा कि ज़िलहिज्जा के शुरुआती दस दिन बेहद बरकत वाले होते हैं। इन दिनों में ज्यादा से ज्यादा इबादत करनी चाहिए। नमाज, रोजा, सदका और अल्लाह का जिक्र बढ़ाना चाहिए।
उन्होंने यौमे अरफा के रोजे की अहमियत पर भी जोर दिया। इस्लामी मान्यता के अनुसार, अरफा के दिन रखा गया रोजा दो साल के गुनाहों का कफ्फारा बनता है। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग कुर्बानी करने का इरादा रखते हैं, वे ज़िलहिज्जा शुरू होने के बाद कुर्बानी पूरी होने तक अपने बाल, नाखून या त्वचा न काटें।
उधर पाकिस्तान में भी केंद्रीय रुइयत ए हिलाल कमेटी ने ज़िलहिज्जा का चांद नजर आने का ऐलान कर दिया है। कमेटी के चेयरमैन मौलाना अब्दुल खबीर आज़ाद ने मीडिया से बातचीत में बताया कि देश के कई हिस्सों से चांद देखने की गवाहियां मिलीं।
उन्होंने कहा कि कराची, पेशावर, रावलपिंडी, मर्दान, सिंध और दूसरे इलाकों से चांद दिखने की पुष्टि हुई। इसके बाद फैसला लिया गया कि पाकिस्तान में भी 18 मई को ज़िलहिज्जा की पहली तारीख होगी और 27 मई को ईद उल अज़हा मनाई जाएगी।
संयुक्त अरब अमीरात ने भी रविवार शाम चांद नजर आने की पुष्टि की। यूएई के संबंधित धार्मिक और खगोलीय संस्थानों ने देशभर में स्थापित ऑब्जर्वेटरी और विशेषज्ञ समितियों की रिपोर्ट की समीक्षा के बाद आधिकारिक घोषणा की।
بيان مجلس الإمارات للإفتاء الشرعي
— مجلس الإمارات للإفتاء الشرعي (@fatwauae) May 17, 2026
حول هلال شهر ذي الحجة 1447هـ
الحمد لله، والصلاة والسلام على رسول الله، وبعد:
فقد استطلع مجلس الإمارات للإفتاء الشرعي هلال شهر ذي الحجة مساء اليوم الأحد، بتاريخ: 29 ذي القعدة 1447هـ، الموافق 17 مايو 2026م، وبناء على ما ورد إلى المجلس من تقارير… pic.twitter.com/jDW3w0g96j
यूएई में भी सोमवार 18 मई को ज़िलहिज्जा का पहला दिन माना जाएगा। इसके साथ ही हज सीजन और ईद उल अज़हा की तैयारियां तेज हो गई हैं। सरकारी दफ्तरों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए छुट्टियों का कार्यक्रम भी तय कर दिया गया है।
यूएई में सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां 1 जून तक चलेंगी। वहीं दुबई के निजी स्कूलों में 25 मई से 29 मई तक ईद की छुट्टियां रहेंगी। स्कूल 1 जून से दोबारा खुलेंगे।
हर साल की तरह इस बार भी दुनिया भर के मुसलमानों की नजरें हज और बकरीद पर टिकी हैं। चांद दिखने के साथ ही धार्मिक तैयारियां शुरू हो गई हैं। कुर्बानी, इबादत और हज के इस पवित्र महीने को लेकर लोगों में खास उत्साह देखा जा रहा है।
अब भारत में भी चांद देखने को लेकर लोगों की निगाहें आसमान पर रहेंगी। यहां चांद दिखने और मरकजी रुइयत ए हिलाल कमेटी की घोषणा के बाद ही बकरीद की तारीख तय होगी।

