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दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज पर नया विवाद,कहां और कैसे देख सकते हैं फिल्म

नई दिल्ली।

पंजाबी अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज एक बार फिर सुर्खियों में है। भारत में रिलीज के दो दिन के भीतर ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 से हटाई गई इस फिल्म को लेकर बहस तेज हो गई है। जहां भारत में दर्शक फिलहाल इसे आधिकारिक रूप से नहीं देख पा रहे हैं, वहीं संयुक्त अरब अमीरात और अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में यह फिल्म अब भी ZEE5 Global पर उपलब्ध है।

फिल्म हटने के बाद सोशल मीडिया पर इसकी खूब चर्चा हो रही है। इसी बीच दिलजीत दोसांझ ने इंस्टाग्राम लाइव के जरिए दर्शकों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि फिल्म के हटने की संभावना उन्हें पहले से थी। यही वजह थी कि इसे बिना किसी प्रचार के अचानक ओटीटी पर रिलीज किया गया।

दिलजीत ने कहा कि अगर फिल्म की रिलीज से पहले प्रचार किया जाता तो संभव है कि यह दर्शकों तक पहुंच ही नहीं पाती। उनका कहना था कि टीम का पहला उद्देश्य फिल्म को लोगों तक पहुंचाना था और वह काफी हद तक सफल रहा।

फिल्म सतलुज, जिसे पहले पंजाब 95 और उससे पहले घल्लूघारा नाम से जाना जाता था, मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन से प्रेरित है। खालड़ा ने वर्ष 1984 से 1994 के बीच पंजाब में कथित गैर कानूनी हत्याओं और लापता लोगों के मामलों पर व्यापक जांच की थी। वर्ष 1995 में उनका अपहरण हुआ और बाद में उनकी हत्या कर दी गई। इस मामले में कई पुलिस अधिकारियों को दोषी ठहराया गया था।

फिल्म में दिलजीत दोसांझ ने जसवंत सिंह खालड़ा की भूमिका निभाई है। उनके साथ कंवलजीत सिंह, अर्जुन रामपाल, सुविंदर विक्की और गीतिका विद्या ओहल्यान भी प्रमुख भूमिकाओं में हैं। फिल्म का निर्देशन हनी त्रेहान ने किया है।

यह फिल्म लंबे समय से सेंसर संबंधी विवादों में रही। जानकारी के अनुसार केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड ने फिल्म में बड़ी संख्या में बदलाव और शीर्षक बदलने की मांग की थी। कई वर्षों तक रिलीज अटकी रही। आखिरकार इसे ओटीटी पर रिलीज किया गया, लेकिन भारत में यह 48 घंटे से भी कम समय तक उपलब्ध रही।

फिल्म के हटने के बाद निर्माता आरएसवीपी मूवीज ने बताया कि यह फैसला सरकारी निर्देश के बाद लिया गया। वहीं कुछ मीडिया रिपोर्टों में सरकारी सूत्रों के हवाले से कहा गया कि फिल्म के कुछ हिस्सों को लेकर राष्ट्रीय हित से जुड़ी चिंताएं जताई गई थीं। हालांकि इस संबंध में सरकार की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान सार्वजनिक नहीं किया गया है।

दिलजीत दोसांझ ने इंस्टाग्राम लाइव में कहा कि फिल्म को हटाया जाना उनके लिए कोई नई बात नहीं थी। उन्होंने कहा कि पूरी टीम पिछले चार वर्षों से लगातार संघर्ष कर रही थी। शूटिंग के दौरान भी कई बार काम रुक गया था। कई तरह की प्रशासनिक और व्यावहारिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

उन्होंने निर्देशक हनी त्रेहान की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने इस परियोजना के लिए अपना पूरा समय और ऊर्जा लगा दी। दिलजीत ने उम्मीद जताई कि भविष्य में फिल्म दोबारा ZEE5 पर उपलब्ध होगी ताकि अधिक से अधिक लोग इसे देख सकें।

उन्होंने यह भी कहा कि उनके लिए कमाई से अधिक महत्वपूर्ण यह है कि फिल्म दर्शकों तक पहुंचे। उन्होंने दर्शकों का धन्यवाद किया जिन्होंने रिलीज के तुरंत बाद फिल्म देखी। साथ ही उन्होंने कहा कि टीम की मेहनत तभी सफल मानी जाएगी जब अधिक से अधिक लोग इस कहानी को समझेंगे।

फिल्म हटने के कुछ ही घंटों बाद इंटरनेट पर इसकी अनधिकृत प्रतियां भी सामने आने लगीं। इसके बाद ZEE5 ने आधिकारिक बयान जारी कर लोगों से अपील की कि वे पायरेसी का समर्थन न करें और केवल अधिकृत माध्यमों से ही फिल्म देखें। प्लेटफॉर्म ने कहा कि वह कानूनी प्रक्रिया के तहत फिल्म को दोबारा भारत में उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर काम कर रहा है।

दिलजीत ने अपने लाइव सत्र में इंटरनेट पर सामग्री को पूरी तरह हटाने की कोशिशों पर भी टिप्पणी की। उनका कहना था कि डिजिटल दौर में किसी सामग्री को पूरी तरह रोक पाना आसान नहीं है। हालांकि उन्होंने किसी अवैध माध्यम का समर्थन नहीं किया। उन्होंने केवल यह कहा कि फिल्म को दर्शकों तक पहुंचना चाहिए।

दिलचस्प बात यह है कि भारत में फिल्म उपलब्ध नहीं होने के बावजूद संयुक्त अरब अमीरात, खाड़ी देशों और अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में ZEE5 Global पर इसे देखा जा सकता है। यह सेवा भारत के ZEE5 प्लेटफॉर्म से अलग संचालित होती है और अलग लाइसेंस व्यवस्था के तहत काम करती है।

फिल्म विशेषज्ञों का मानना है कि इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर फिल्मों की सेंसरशिप, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कंटेंट नियमन को लेकर नई बहस शुरू कर दी है। आने वाले दिनों में यदि फिल्म दोबारा भारत में उपलब्ध होती है तो इस विवाद पर नई चर्चाएं देखने को मिल सकती हैं।

फिलहाल सतलुज केवल अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के लिए आधिकारिक रूप से उपलब्ध है। भारत में इसके दोबारा रिलीज होने को लेकर अभी कोई निश्चित समयसीमा घोषित नहीं की गई है।


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प्रश्न: सतलुज फिल्म क्यों चर्चा में है?

उत्तर: फिल्म भारत में रिलीज के 48 घंटे के भीतर ZEE5 से हटा दी गई, जबकि यूएई और अन्य देशों में यह ZEE5 Global पर उपलब्ध है।

प्रश्न: सतलुज किस पर आधारित है?

उत्तर: यह फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन और उनके संघर्ष से प्रेरित है।

प्रश्न: भारत में फिल्म क्यों हटाई गई?

उत्तर: निर्माता के अनुसार फिल्म सरकारी निर्देश के बाद हटाई गई। कुछ मीडिया रिपोर्टों में राष्ट्रीय हित से जुड़ी चिंताओं का उल्लेख किया गया है। इस पर विस्तृत आधिकारिक बयान सार्वजनिक नहीं हुआ है।

प्रश्न: दिलजीत दोसांझ ने क्या कहा?

उत्तर: उन्होंने कहा कि फिल्म हटने की आशंका पहले से थी। इसलिए इसे बिना प्रचार के अचानक रिलीज किया गया ताकि दर्शक इसे देख सकें।

प्रश्न: क्या यूएई में सतलुज देखी जा सकती है?

उत्तर: हां। फिल्म फिलहाल ZEE5 Global पर आधिकारिक रूप से उपलब्ध है।

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