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हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तीन टैंकर पर हमले, समुद्री खतरा गंभीर

मुस्लिम नाउ ब्यूरो, तेहरान

दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल हॉर्मुज जलडमरूमध्य एक बार फिर तनाव के केंद्र में आ गया है। एक ही दिन में तीन व्यावसायिक टैंकरों पर हुए हमलों के बाद संयुक्त समुद्री सूचना केंद्र यानी जेएमआईसी ने इस इलाके के खतरे के स्तर को बढ़ाकर गंभीर घोषित कर दिया है। एजेंसी का कहना है कि मौजूदा हालात में व्यापारी जहाजों पर जानबूझकर हमला होने की आशंका पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है।

यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब पश्चिम एशिया में पहले से ही तनाव बना हुआ है। वैश्विक ऊर्जा बाजार की नजर भी इस समुद्री मार्ग पर टिकी हुई है क्योंकि दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल और एलएनजी इसी रास्ते से होकर गुजरता है।

जेएमआईसी ने एक मार्च से सात जुलाई तक की क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा समीक्षा जारी की है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि सात जुलाई को तीन अलग अलग घटनाओं ने पूरे सुरक्षा परिदृश्य को बदल दिया। इन घटनाओं की पुष्टि यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस यानी यूकेएमटीओ ने भी की है।

रिपोर्ट के अनुसार पहला हमला ओमान के लिमाह क्षेत्र से लगभग आठ समुद्री मील पूर्व में हुआ। यहां एक एलएनजी टैंकर को अज्ञात प्रोजेक्टाइल ने निशाना बनाया। हमले के बाद जहाज के पोर्ट साइड इंजन रूम में आग लग गई। हालांकि चालक दल ने स्थिति पर जल्द काबू पा लिया और किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली।

दूसरी घटना संयुक्त अरब अमीरात के खोर फक्कान से लगभग सोलह समुद्री मील पूर्व में हुई। वहीं तीसरा हमला ओमान के मुसंदम प्रायद्वीप से करीब छह समुद्री मील दूर दर्ज किया गया। इन दोनों घटनाओं में भी टैंकरों को नुकसान पहुंचा लेकिन किसी चालक दल के सदस्य के हताहत होने या समुद्र में तेल फैलने जैसी पर्यावरणीय क्षति की जानकारी सामने नहीं आई।

इन लगातार हमलों के बाद जेएमआईसी ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य के लिए खतरे का स्तर पर्याप्त से बढ़ाकर गंभीर कर दिया है। एजेंसी का कहना है कि वर्तमान हालात को देखते हुए आगे भी व्यापारी जहाजों पर शत्रुतापूर्ण कार्रवाई होने की संभावना बनी हुई है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि क्षेत्र में कई दूसरी गतिविधियां चिंता बढ़ा रही हैं। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी आईआरजीसी की ओर से जहाजों की निगरानी जारी है। कई व्यापारी जहाजों को वीएचएफ रेडियो के जरिए लगातार संपर्क किया जा रहा है। ड्रोन गतिविधियां भी बढ़ी हैं। इसके अलावा ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम यानी जीएनएसएस में हस्तक्षेप की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इससे जहाजों की नेविगेशन प्रणाली प्रभावित हो सकती है।

जेएमआईसी ने यह भी पुष्टि की है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य के ट्रैफिक सेपरेशन स्कीम के पास तैरती हुई समुद्री बारूदी सुरंगें भी देखी गई हैं। यह जानकारी समुद्री परिवहन कंपनियों के लिए गंभीर चिंता का विषय मानी जा रही है।

हालांकि बढ़ते खतरे के बावजूद हॉर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही फिलहाल सामान्य बनी हुई है। व्यावसायिक जहाज दक्षिणी ओमानी मार्ग और उत्तरी ईरानी नियंत्रित मार्ग दोनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। अमेरिका की सहायता से संचालित व्यावसायिक ट्रांजिट भी बिना किसी रुकावट के जारी हैं।

जेएमआईसी ने ओमान की खाड़ी, अरब की खाड़ी, अरब सागर, बाब अल मंदेब और सोमालिया तट के लिए खतरे का स्तर मध्यम रखा है। वहीं अदन की खाड़ी में समुद्री डकैती के खतरे को देखते हुए पर्याप्त स्तर की चेतावनी जारी है। पूर्वी भूमध्यसागर को फिलहाल कम जोखिम वाला क्षेत्र माना गया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव और बढ़ता है तो इसका असर केवल क्षेत्रीय सुरक्षा तक सीमित नहीं रहेगा। वैश्विक तेल बाजार भी इसकी चपेट में आ सकता है। दुनिया के कुल समुद्री तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है। ऐसे में किसी भी तरह की बाधा से कच्चे तेल और एलएनजी की कीमतों में तेजी आ सकती है।

भारत भी इस स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है। यदि इस मार्ग में व्यवधान पैदा होता है तो इसका असर भारतीय आयात लागत और ईंधन कीमतों पर भी पड़ सकता है। हालांकि फिलहाल किसी तरह की आपूर्ति बाधित होने की आधिकारिक जानकारी नहीं है।

समुद्री सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापारी जहाजों के लिए कई एहतियाती निर्देश जारी किए हैं। जहाजों से कहा गया है कि वे यात्रा के दौरान पूरी सतर्कता रखें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना यूकेएमटीओ और क्षेत्रीय नौसैनिक बलों को दें। जीएनएसएस प्रणाली में संभावित व्यवधान को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक नेविगेशन व्यवस्था भी तैयार रखें।

विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में हॉर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति पूरी दुनिया के लिए अहम बनी रहेगी। यदि तनाव कम नहीं हुआ तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर इसका व्यापक प्रभाव देखने को मिल सकता है।

प्रमुख बातें

प्रश्न: जेएमआईसी ने खतरे का स्तर क्यों बढ़ाया?
उत्तर: एक ही दिन में तीन व्यावसायिक टैंकरों पर हमलों के बाद खतरे का स्तर गंभीर किया गया।

प्रश्न: तीनों घटनाएं कहां हुईं?
उत्तर: ओमान के लिमाह, ओमान के मुसंदम प्रायद्वीप और यूएई के खोर फक्कान के पास।

प्रश्न: क्या किसी चालक दल को नुकसान पहुंचा?
उत्तर: नहीं। किसी के घायल होने या पर्यावरणीय नुकसान की पुष्टि नहीं हुई।

प्रश्न: भारत के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर: भारत की बड़ी मात्रा में तेल और गैस आपूर्ति खाड़ी क्षेत्र से आती है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ने से ऊर्जा आपूर्ति और कीमतें प्रभावित हो सकती हैं।

प्रश्न: जहाजों को क्या सलाह दी गई है?
उत्तर: सतर्क रहें। संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना दें। नेविगेशन सिस्टम में बाधा की स्थिति के लिए तैयारी रखें।

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