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रमजान 2026: मस्जिद-ए-नबवी के लिए मुफ्त शटल बस सेवा, UAE में 16 लाख रोजेदारों को मिलेगा मुफ्त इफ्तार

रमजान 2026 के पवित्र महीने को देखते हुए सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में इबादत करने वालों और जरूरतमंद लोगों के लिए बड़े स्तर पर विशेष सुविधाओं और मानवीय कार्यक्रमों की शुरुआत की गई है। सऊदी अरब के मदीना क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण ने मस्जिद-ए-नबवी और ऐतिहासिक कुबा मस्जिद जाने वाले नमाजियों के लिए मुफ्त शटल बस सेवा शुरू करने का ऐलान किया है, जबकि यूएई की प्रमुख चैरिटी संस्था बैत अल खैर सोसाइटी ने 70 मिलियन दिरहम के रमजान राहत पैकेज के तहत 16 लाख लोगों को मुफ्त इफ्तार उपलब्ध कराने की योजना शुरू की है।

मदीना में नमाजियों के लिए मुफ्त शटल बस सेवा

मदीना क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण के अनुसार, रमजान के पूरे महीने के दौरान नमाजियों और उमराह तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह विशेष मुफ्त शटल बस सेवा चलाई जा रही है। इसका उद्देश्य मस्जिद-ए-नबवी और कुबा मस्जिद तक पहुंच को आसान, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है, ताकि इबादत करने वालों को यातायात और भीड़भाड़ की परेशानी का सामना न करना पड़े।

यह सेवा मदीना बसेस पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम के तहत संचालित की जा रही है और रमजान के दौरान अतिरिक्त भीड़ को संभालने के लिए विशेष रूट निर्धारित किए गए हैं। अधिकारी उम्मीद जता रहे हैं कि इससे शहर में ट्रैफिक दबाव कम होगा और धार्मिक स्थलों तक आवागमन अधिक सुचारु रहेगा।

दो प्रमुख रूट किए गए शुरू

शटल सेवा के तहत दो अलग-अलग रूट तैयार किए गए हैं। पहला रूट मदीना शहर के प्रमुख आवासीय और परिवहन केंद्रों को सीधे मस्जिद-ए-नबवी से जोड़ेगा। इस रूट में किंग फहद स्कीम, हरमैन हाई-स्पीड रेलवे स्टेशन, शथा, अल-खालिदिया और सैय्यद अल-शुहादा जैसे महत्वपूर्ण स्थान शामिल हैं।

दूसरा रूट विशेष रूप से कुबा मस्जिद जाने वाले नमाजियों के लिए बनाया गया है। इस मार्ग पर अल-अलियाह क्षेत्र से कुबा मस्जिद तक सीधी बसें चलेंगी। सभी बसें निर्धारित स्टॉप पर रुकेंगी ताकि यात्रियों को चढ़ने और उतरने में सुविधा हो।

प्राधिकरण के अनुसार, इस पहल का मुख्य मकसद यह सुनिश्चित करना है कि रमजान की व्यस्त अवधि में भी उपासक बिना किसी बाधा के इबादत पर ध्यान केंद्रित कर सकें।

हरमैन क्षेत्र में व्यापक रमजान तैयारियां

मक्का और मदीना में रमजान को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर व्यापक तैयारियां चल रही हैं। हरमैन प्रशासन, मस्जिद प्रबंधन और परिवहन एजेंसियां मिलकर भीड़ प्रबंधन, स्वच्छता, सुरक्षा और यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने में जुटी हैं। इलेक्ट्रिक बसों और स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम का भी उपयोग बढ़ाया जा रहा है ताकि पर्यावरण अनुकूल और सुगम परिवहन उपलब्ध कराया जा सके।

UAE में 16 लाख लोगों को मुफ्त इफ्तार

दूसरी ओर संयुक्त अरब अमीरात में दुबई स्थित बैत अल खैर सोसाइटी ने रमजान के मौके पर बड़े पैमाने पर मानवीय सहायता कार्यक्रम शुरू किया है। संस्था ने इस वर्ष के रमजान अभियान के लिए 70 मिलियन दिरहम का बजट निर्धारित किया है, जिसके तहत देशभर में लगभग 16 लाख रोजेदारों को मुफ्त इफ्तार वितरित किया जाएगा।

यह इफ्तार वितरण “इफ्तार साइम” परियोजना के तहत किया जा रहा है, जिसके लिए 18 मिलियन दिरहम अलग से आवंटित किए गए हैं। इफ्तार वितरण यूएई के विभिन्न अमीरात में 97 स्थायी केंद्रों और 18 रमजान टेंटों के माध्यम से किया जाएगा।

जरूरतमंद परिवारों के लिए विशेष राहत पैकेज

संस्था के मीडिया और जनसंपर्क सलाहकार खलीफा अल फलासी के अनुसार, इस साल के रमजान कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य आर्थिक दबाव झेल रहे परिवारों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करना और उनकी पारिवारिक स्थिरता को मजबूत करना है। यूएई द्वारा 2026 को “परिवार वर्ष” घोषित किए जाने के अनुरूप यह अभियान तैयार किया गया है।

रमजान बजट का सबसे बड़ा हिस्सा — 26.5 मिलियन दिरहम — आपातकालीन मानवीय सहायता के लिए रखा गया है। इसके तहत किराए के बकाया भुगतान, बेदखली रोकने, बिजली-पानी के बिल चुकाने, इलाज और दवाओं की व्यवस्था तथा कमाने वाले सदस्य को खो चुके परिवारों की मदद शामिल है।

भोजन, नकद सहायता और कर्ज राहत भी शामिल

इफ्तार के अलावा अतिरिक्त भोजन वितरण कार्यक्रम के लिए 7 मिलियन दिरहम निर्धारित किए गए हैं। कम आय वाले अमीराती परिवारों के लिए मासिक नकद और वस्तु सहायता हेतु 7.6 मिलियन दिरहम आवंटित हैं।

कर्जदारों की मदद के लिए “गरीमीन” कार्यक्रम के तहत 6 मिलियन दिरहम रखे गए हैं। वहीं ज़कातुल फित्र के लिए 2.5 मिलियन दिरहम और ईदी वितरण के लिए 1.2 मिलियन दिरहम का प्रावधान किया गया है।

संस्था का कहना है कि सभी वितरण केंद्रों का चयन जमीनी सर्वे, श्रमिक आबादी और जरूरतमंद क्षेत्रों की घनत्व को ध्यान में रखकर किया गया है। प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की मदद से स्वच्छता मानकों का पालन करते हुए रोजाना भोजन और इफ्तार वितरित किया जा रहा है।

इबादत और इंसानियत का संगम

विशेषज्ञों का मानना है कि सऊदी अरब में मुफ्त शटल बस सेवा और यूएई में बड़े पैमाने पर इफ्तार व राहत कार्यक्रम रमजान के दौरान इबादत और इंसानियत — दोनों मूल्यों को मजबूत करते हैं। ये पहलें न केवल धार्मिक सुविधाएं बढ़ाती हैं, बल्कि सामाजिक सहयोग और मानवीय जिम्मेदारी का भी मजबूत संदेश देती हैं।