रमज़ान 2026: ऑफ़र,थोक खरीद और सख्त निगरानी- क्यों भर जाएंगे यूएई के बाजार?
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मुस्लिम नाउ,दुबई।
पवित्र माह रमज़ान की दस्तक से पहले संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में यह सप्ताहांत साल के सबसे व्यस्त शॉपिंग वीकेंड्स में शुमार होने जा रहा है। सुपरमार्केट, हाइपरमार्केट, मॉल और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म—हर जगह ग्राहकों की भारी आवाजाही की उम्मीद है। परिवार अंतिम तैयारियों में जुटे हैं: इफ्तार की दावतें, घर पर पकवान, रिश्तेदारों की मेजबानी और उपहारों की खरीद—इन सबने बाजारों की रौनक बढ़ा दी है।
रमज़ान से पहले यूएई में इस वीकेंड रिकॉर्ड फुटफॉल की उम्मीद है—ऑफ़र, थोक खरीद और सख्त मूल्य निगरानी इसका बड़ा कारण है।
क्यों बढ़ता है रमज़ान से पहले खरीदारी का दबाव?
रमज़ान सिर्फ एक धार्मिक महीना नहीं, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक मेल-जोल का भी समय है। घरों में इफ्तार पार्टियां, सहरी की तैयारियां और मेहमाननवाज़ी की परंपरा खरीदारी को नई रफ्तार देती है। यही वजह है कि अंतिम दिनों में ‘बास्केट साइज’—यानी एक बार में खरीदे जाने वाले सामान की मात्रा—काफी बढ़ जाती है।
रिटेल विश्लेषकों का कहना है कि अब उपभोक्ता कम बार स्टोर जा रहे हैं, लेकिन एक बार में ज्यादा सामान खरीद रहे हैं। परिवार योजनाबद्ध तरीके से खरीदारी कर रहे हैं—चावल, आटा, चीनी, तेल, खजूर, मसाले, फ्रोजन स्नैक्स और पेय पदार्थ जैसे स्टेपल आइटम सबसे ज्यादा मांग में हैं।
प्रमोशन और ‘मल्टी-बाय’ ऑफ़र का असर
यूएई में प्री-रमज़ान ऑफ़र एक बड़ा आकर्षण हैं। डिस्काउंट कैंपेन, “एक के साथ एक फ्री”, थोक पैक और ऐप-आधारित कैशबैक डील्स ग्राहकों को स्टोर तक खींच रही हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, पहले जहां रमज़ान शॉपिंग में भावनात्मक और आवेगपूर्ण खरीद ज्यादा होती थी, अब उपभोक्ता अधिक व्यावहारिक और ‘वैल्यू-फोकस्ड’ हो गए हैं। वे कीमतों की तुलना करते हैं, बड़े पैक चुनते हैं और डिजिटल कूपन का लाभ उठाते हैं।
ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी 30 से 50 प्रतिशत तक राजस्व वृद्धि देखी जाती है। खासकर इलेक्ट्रॉनिक्स, किचन अप्लायंसेज़ और गिफ्ट आइटम की ऑनलाइन मांग तेज हो जाती है।
स्टेपल आइटम की रिकॉर्ड मांग
रमज़ान की तैयारियों में सबसे ज्यादा खरीदारी खाद्य सामग्री की होती है।
- चावल, आटा और चीनी
- खाना पकाने का तेल
- खजूर और सूखे मेवे
- मसाले और दालें
- फ्रोजन इफ्तार स्नैक्स
- जूस और शरबत
इसके साथ ही डाइनिंग एक्सेसरीज़, रमज़ान डेकोर, मॉडेस्ट फैशन और गिफ्ट हैम्पर की बिक्री भी बढ़ती है। मॉल में शाम के समय इलेक्ट्रॉनिक्स स्टोर्स पर भीड़ बढ़ जाती है, क्योंकि कई परिवार प्रमोशनल ऑफ़र के तहत घरेलू उपकरण अपग्रेड करते हैं।
सख्त मूल्य निगरानी से उपभोक्ता को भरोसा
इस साल की प्री-रमज़ान शॉपिंग एक और वजह से खास है—सरकार की सख्त मूल्य निगरानी। यूएई के Ministry of Economy and Tourism ने नौ आवश्यक खाद्य श्रेणियों—जैसे चावल, चीनी, आटा, तेल, पोल्ट्री और डेयरी—की कीमतों में बिना पूर्व अनुमति वृद्धि पर रोक लगा दी है।
डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम 600 से अधिक बड़े रिटेल आउटलेट्स में रियल-टाइम कीमतों पर नजर रखता है। रमज़ान के दौरान सैकड़ों निरीक्षण भी किए जाएंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस निगरानी से दो फायदे हुए हैं—
- उपभोक्ता को भरोसा मिला है कि कीमतें अचानक नहीं बढ़ेंगी।
- अनावश्यक जमाखोरी की प्रवृत्ति कम हुई है।
10 अरब डॉलर का मौसमी बाजार
आर्थिक आंकड़ों के अनुसार, 2025 में रमज़ान के दौरान यूएई में खुदरा खर्च लगभग 10 अरब डॉलर तक पहुंचा था। ग्रोसरी खर्च में तो खासतौर पर तेज उछाल देखा गया।
रिसर्च फर्मों के मुताबिक:
- करीब 31% सक्रिय उपभोक्ता आकर्षक ऑफ़र के कारण महंगे और प्रीमियम उत्पाद भी खरीदते हैं।
- लगभग 40% उपभोक्ता रमज़ान के दौरान इलेक्ट्रॉनिक्स खरीदने की योजना बनाते हैं।
- 24% लोग सक्रिय रूप से ब्राउज़िंग और कीमतों की तुलना करते हैं।
ये आंकड़े बताते हैं कि रमज़ान सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि आर्थिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण सीजन है।
बदलता उपभोक्ता व्यवहार
पिछले कुछ वर्षों में यूएई के उपभोक्ताओं के व्यवहार में उल्लेखनीय बदलाव आया है।
- आवेगपूर्ण खरीदारी की जगह योजनाबद्ध खरीद
- बड़े पैक और थोक ऑफ़र को प्राथमिकता
- ऐप-आधारित कैशबैक और लॉयल्टी पॉइंट्स का उपयोग
- होम डिलीवरी और रेडी-टू-कुक मील किट की बढ़ती मांग
कन्वीनियंस यानी सुविधा भी एक बड़ा कारक बन चुका है। प्री-पैक्ड रमज़ान ग्रोसरी बॉक्स और इंस्टेंट कुकिंग सॉल्यूशंस शहरी परिवारों में लोकप्रिय हो रहे हैं।
खुदरा विक्रेताओं की तैयारी
बढ़ती भीड़ को देखते हुए सुपरमार्केट और मॉल ने:
- इन्वेंट्री स्तर बढ़ा दिए हैं
- कामकाजी घंटे बढ़ा दिए हैं
- लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन मजबूत की है
रिटेल चेन अपने स्टोर्स को रमज़ान थीम से सजा रही हैं। सजावटी लालटेन, चांद-तारों की लाइटिंग और पारंपरिक अरबी डिज़ाइन खरीदारी के अनुभव को उत्सव में बदल देते हैं।
भरोसे और मूल्य संतुलन का महीना
विशेषज्ञों का कहना है कि इस साल का प्री-रमज़ान बाजार संतुलन का उदाहरण है—जहां उपभोक्ता खर्च मजबूत है, लेकिन सावधानी भी बरती जा रही है।
सरकारी निगरानी, प्रतिस्पर्धी ऑफ़र और डिजिटल ट्रैकिंग ने एक स्थिर माहौल बनाया है। इससे उपभोक्ताओं का भरोसा बढ़ा है और रिटेलर्स को भी आपूर्ति शृंखला दक्षता पर ध्यान देने का अवसर मिला है।
क्या उम्मीद करें इस वीकेंड?
- सुपरमार्केट में लंबी कतारें
- ट्रॉली में भरे बड़े बास्केट
- मॉल में शाम को बढ़ती भीड़
- ऑनलाइन ऑर्डर में उछाल
- इलेक्ट्रॉनिक्स और गिफ्ट सेक्शन में खास रौनक
रमज़ान से पहले का यह वीकेंड यूएई की अर्थव्यवस्था के लिए एक अहम संकेत है—खपत मजबूत है, लेकिन उपभोक्ता अधिक समझदार हो चुके हैं।
रौनक, रियायत और जिम्मेदारी—इन तीन शब्दों में इस साल की प्री-रमज़ान शॉपिंग को समेटा जा सकता है। अब देखना यह है कि रमज़ान के पूरे महीने में यह रफ्तार किस तरह कायम रहती है।

