राशिद खान का बड़ा खुलासा: चोट के बाद जल्दबाजी में की थी ‘टेस्ट’ खेलने की गलती
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अहमदाबाद:
गुजरात टाइटन्स (GT) के स्टार स्पिनर राशिद खान ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाफ मिली रोमांचक जीत के बाद अपनी फिटनेस और टीम की रणनीतियों पर खुलकर बात की है। राशिद ने स्वीकार किया कि पिछले साल सर्जरी के बाद मैदान पर वापसी करने में उन्होंने जल्दबाजी की थी, जो एक बड़ी गलती साबित हुई।
चोट और रिकवरी पर राशिद का कबूलनामा
मैच के बाद एक इंटरव्यू में राशिद खान ने अपनी पीठ की चोट (Back Injury) और पुनर्वास (Rehab) प्रक्रिया के बारे में आत्मनिरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि 2023 विश्व कप के बाद हुई सर्जरी के बाद उन्होंने अपनी फिटनेस पर उस तरह से काम नहीं किया जैसा किया जाना चाहिए था।
राशिद ने कहा:
“सबसे बड़ी गलती यह थी कि फिटनेस पूरी तरह हासिल किए बिना मैंने अफगानिस्तान के लिए टेस्ट मैच खेला, जहाँ मैंने लगभग 67 ओवर गेंदबाजी की। इससे मेरी चोट फिर से उभर आई। पिछले साल के आईपीएल के बाद, मैंने फैसला किया कि मैं खुद को और अपने शरीर को पूरा समय दूंगा।”
राशिद ने बताया कि उनकी गेंदबाजी में जिस तरह की ऊर्जा और एक्शन की जरूरत होती है, उसके लिए शत-प्रतिशत फिट होना अनिवार्य है। अब वे बेहतर महसूस कर रहे हैं और उनकी हालिया फॉर्म इसका प्रमाण है।
RCB के खिलाफ ‘मैजिक’ स्पेल और रणनीति
डिफेंडिंग चैंपियन RCB के खिलाफ राशिद ने 4 ओवर में मात्र 19 रन देकर 2 महत्वपूर्ण विकेट (टिम डेविड और देवदत्त पडिक्कल) चटकाए। अपनी गेंदबाजी पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि उनका ध्यान ‘इकोनॉमी रेट’ और सही लेंथ पर था।
- सटीक लेंथ: राशिद ने बताया कि उन्होंने जानबूझकर 5 से 5.5 मीटर की लेंथ पर गेंद डालने का अभ्यास किया, जिससे बल्लेबाजों को बड़े शॉट खेलने का मौका नहीं मिला।
- गलतियों से सीख: राशिद के अनुसार, पिछली पारियों में जब भी उन्होंने रन लुटाए, वह उनकी खराब गेंदों की वजह से था। इस मैच में उन्होंने उन खराब गेंदों के प्रतिशत को कम करने पर ध्यान केंद्रित किया।
गुजरात टाइटन्स का मिडिल-ऑर्डर: चिंता या रणनीति?
आईपीएल 2026 में गुजरात टाइटन्स के लिए मिडिल-ऑर्डर (वाशिंगटन सुंदर, शाहरुख खान और राहुल तेवतिया) का फॉर्म चिंता का विषय रहा है। हालांकि, राशिद इस मुद्दे पर एक अलग नजरिया रखते हैं।
उन्होंने ईमानदारी से कहा:
“आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट में हर टीम की कोई न कोई कमजोरी होती है। अगर हम हर समय अपनी कमजोरी (मिडिल-ऑर्डर) के बारे में सोचेंगे, तो हम अपना ध्यान खो देंगे। हमारा ध्यान इस बात पर है कि हम अपनी ताकत यानी ‘गेंदबाजी’ का इस्तेमाल कर विपक्षी टीम को कम स्कोर पर रोकें।”
राशिद का मानना है कि यदि शीर्ष क्रम (शुभमन गिल और जोस बटलर) अच्छी शुरुआत देता है, तो निचले क्रम के बल्लेबाजों का काम केवल 5-10 गेंदों में 15-20 रन बनाना रह जाता है, जो दबाव को कम करता है।
पॉइंट्स टेबल में गुजरात की स्थिति
RCB को 155 रनों पर रोकने और गिल-बटलर की आक्रामक बल्लेबाजी के दम पर जीत दर्ज करने के बाद गुजरात टाइटन्स अब अंक तालिका में पांचवें स्थान पर पहुंच गई है। 9 मैचों में 5 जीत के साथ उनके 10 अंक हैं। राशिद खान की वापसी और उनकी कसी हुई गेंदबाजी गुजरात टाइटन्स के लिए प्लेऑफ की राह आसान बना सकती है।
निष्कर्ष: राशिद खान का यह बयान न केवल उनके निजी संघर्ष को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि एक विश्व स्तरीय खिलाड़ी के लिए मानसिक और शारीरिक तालमेल कितना जरूरी है। उनकी ‘वापसी’ गुजरात टाइटन्स के लिए इस सीजन का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हो सकती है।
मुख्य बिंदु:
- राशिद खान ने बैक सर्जरी के बाद टेस्ट मैच खेलने को अपनी “बड़ी गलती” माना।
- RCB के खिलाफ 2/19 के स्पेल से राशिद ने अपनी पुरानी लय वापस पाने के संकेत दिए।
- मिडिल-ऑर्डर की विफलता पर राशिद ने कहा- “कमजोरी पर नहीं, ताकत पर ध्यान दें।”
- गुजरात टाइटन्स अब 10 अंकों के साथ प्लेऑफ की दौड़ में मजबूती से बरकरार।

