असम बाढ़ पीड़ितों के लिए सलमान, आलिया और केरी आगे आए
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मुस्लिम नाउ ब्यूरो, गुवाहाटी
असम में बाढ़ का कहर धीरे धीरे कम जरूर हो रहा है, लेकिन संकट अभी खत्म नहीं हुआ है। राज्य के कई जिले अब भी पानी में डूबे हैं। हजारों परिवार राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। खेत, घर, सड़कें और स्कूल बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। कई इलाकों में सामान्य जीवन पूरी तरह पटरी से उतर गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह आपदा पिछले कई दशकों की सबसे गंभीर बाढ़ में से एक है। कई जानकार इसे वर्ष 1950 के ऐतिहासिक भूकंप के बाद राज्य की सबसे बड़ी प्राकृतिक त्रासदियों में गिन रहे हैं।
इसी बीच देश भर से मदद का सिलसिला तेज हो गया है। सामाजिक संगठन, स्वयंसेवी संस्थाएं और आम लोग राहत कार्यों में जुटे हैं। बॉलीवुड कलाकार और डिजिटल दुनिया के बड़े चेहरे भी असम के लोगों के समर्थन में सामने आए हैं।
कई जिले अब भी बाढ़ की चपेट में
बाढ़ का सबसे ज्यादा असर शिवसागर, चराइदेव, जोरहाट, गोलाघाट और डिब्रूगढ़ जिलों में देखा गया है। कई गांवों का संपर्क टूट गया है। हजारों लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए हैं।
राहत एजेंसियां लगातार भोजन, दवाइयां और जरूरी सामान पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि कई इलाकों तक पहुंचना अब भी चुनौती बना हुआ है।
सलमान खान ने शुरू किया राहत अभियान
बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान ने असम के बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए राहत अभियान शुरू करने का ऐलान किया है।
उनका चैरिटी संगठन बीइंग ह्यूमन स्थानीय स्वयंसेवकों और असम में मौजूद समर्थकों के साथ मिलकर चरणबद्ध तरीके से राहत कार्य करेगा।
पहले चरण में बाढ़ प्रभावित परिवारों तक भोजन और रोजमर्रा की जरूरी वस्तुएं पहुंचाई जाएंगी।
दूसरे चरण में जरूरतमंद परिवारों को आपातकालीन राशन किट उपलब्ध कराई जाएंगी।
तीसरे चरण में स्कूलों और अस्पतालों के पुनर्निर्माण में सहयोग देने की योजना बनाई गई है ताकि प्रभावित इलाकों में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं फिर से शुरू हो सकें।
राहत अभियान में स्थानीय स्वयंसेवकों की भागीदारी पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है ताकि सहायता तेजी से जरूरतमंद लोगों तक पहुंच सके।
आलिया भट्ट ने लोगों से की मदद की अपील
अभिनेत्री आलिया भट्ट ने भी असम की स्थिति पर चिंता जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए लोगों से राहत कार्यों में सहयोग करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि असम इस समय कठिन दौर से गुजर रहा है। हजारों परिवारों ने अपने घर और आजीविका खो दी है। बड़ी संख्या में लोग राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं।
आलिया ने लोगों से राहत एजेंसियों और स्वयंसेवी संगठनों को आर्थिक सहायता देने की अपील की ताकि जरूरतमंद परिवारों तक समय पर मदद पहुंच सके।
उन्होंने यह भी कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के समय पूरे देश को एकजुट होकर प्रभावित लोगों का साथ देना चाहिए।
वन्यजीवों की चिंता भी जताई
पशु संरक्षण से जुड़े अभियानों में सक्रिय रहने वाली आलिया भट्ट ने काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और अन्य संरक्षित वन क्षेत्रों में वन्यजीवों पर पड़े असर को लेकर भी चिंता व्यक्त की।
हर साल बाढ़ के दौरान कई जंगली जानवर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करते हैं। ऐसे समय में वन विभाग और बचाव दल लगातार उन्हें सुरक्षित निकालने का प्रयास करते हैं।
आलिया ने कहा कि राहत कार्यों के साथ साथ वन्यजीवों की सुरक्षा पर भी ध्यान देना जरूरी है।
केरी मेनती ने जुटाए 13 लाख रुपये
लोकप्रिय यूट्यूबर और कंटेंट क्रिएटर केरी मेनती ने भी बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए विशेष लाइव प्रसारण किया।
इस लाइव कार्यक्रम के दौरान दर्शकों ने 11 लाख रुपये का योगदान दिया। इसके बाद केरी मेनती ने अपनी ओर से 2 लाख रुपये और जोड़े।
इस तरह कुल 13 लाख रुपये राहत कार्यों के लिए दान किए गए।
केरी मेनती इससे पहले भी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत अभियानों में योगदान दे चुके हैं। वर्ष 2022 की असम बाढ़ के समय भी उन्होंने सहायता अभियान में भाग लिया था।
भूमि पेडनेकर ने भी बढ़ाया मदद का हाथ
अभिनेत्री भूमि पेडनेकर ने वीडियो संदेश जारी कर लोगों से असम के बाढ़ पीड़ितों की मदद करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि लाखों लोग बेघर हो चुके हैं। कई परिवारों ने अपना सब कुछ खो दिया है। ऐसे समय में पूरे देश को असम के साथ खड़ा होना चाहिए।
भूमि ने लोगों से भोजन, कपड़े, स्वच्छता सामग्री और राहत कोष में आर्थिक सहयोग देने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि जब देश के दूसरे हिस्सों में प्राकृतिक आपदाएं आई थीं तब लोगों ने एक दूसरे का साथ दिया था। अब वही संवेदनशीलता असम के लिए भी दिखानी चाहिए।
राहत कार्यों में जुटे संगठन
राज्य में सरकारी एजेंसियों के साथ कई स्वयंसेवी संगठन भी राहत अभियान चला रहे हैं। राहत शिविरों में भोजन, पेयजल, दवाइयां और आवश्यक वस्तुएं पहुंचाई जा रही हैं।
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाना है।
असम को क्यों चाहिए देश का साथ
बाढ़ केवल घरों को नहीं बहाती। यह लोगों की रोजी रोटी, बच्चों की पढ़ाई और पूरे सामाजिक ढांचे को प्रभावित करती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि राहत के साथ साथ पुनर्वास भी उतना ही जरूरी है। स्कूल, अस्पताल, सड़कें और कृषि व्यवस्था दोबारा खड़ी करने में समय लगेगा।
ऐसे समय में समाज, उद्योग, स्वयंसेवी संस्थाओं और आम नागरिकों की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण होती है।
उम्मीद अभी बाकी है
असम के कई इलाकों में पानी घटने लगा है। इसके साथ राहत और पुनर्वास का काम भी तेज हो रहा है।
देश भर से मिल रहा सहयोग प्रभावित परिवारों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आया है। सरकार, स्वयंसेवी संगठन और आम नागरिक मिलकर राहत कार्यों को आगे बढ़ा रहे हैं।
FAQ
असम में सबसे ज्यादा प्रभावित जिले कौन से हैं
शिवसागर, चराइदेव, जोरहाट, गोलाघाट और डिब्रूगढ़ सबसे अधिक प्रभावित जिलों में शामिल हैं।
सलमान खान ने क्या घोषणा की है
उन्होंने अपने चैरिटी संगठन बीइंग ह्यूमन के माध्यम से चरणबद्ध राहत अभियान शुरू करने की घोषणा की है।
आलिया भट्ट ने क्या अपील की
उन्होंने लोगों से राहत एजेंसियों और स्वयंसेवी संगठनों को आर्थिक और व्यावहारिक सहायता देने की अपील की।
केरी मेनती ने कितनी राशि जुटाई
लाइव स्ट्रीम के जरिए 11 लाख रुपये जुटाए और अपनी ओर से 2 लाख रुपये जोड़कर कुल 13 लाख रुपये राहत कार्यों के लिए दिए।
भूमि पेडनेकर ने लोगों से क्या कहा
उन्होंने भोजन, कपड़े, स्वच्छता सामग्री और आर्थिक सहयोग देकर असम के लोगों की मदद करने की अपील की।
Update : Distribution of ration and hygiene kits has started in flood-affected areas. #SalmanKhan https://t.co/0JX8eKvs00 pic.twitter.com/b3P2JGYhSZ
— MASS (@Freak4Salman) July 28, 2026
Quick Answers
असम बाढ़ 2026 में किन सेलिब्रिटीज ने मदद की घोषणा की?
सलमान खान, आलिया भट्ट, केरी मेनती और भूमि पेडनेकर ने राहत और सहायता की अपील की।
सलमान खान का राहत अभियान क्या है?
बीइंग ह्यूमन के माध्यम से भोजन, राशन किट और बाद में स्कूल तथा अस्पतालों के पुनर्निर्माण में सहयोग की योजना।
केरी मेनती ने कितना दान दिया?
दर्शकों के सहयोग और अपने योगदान सहित कुल 13 लाख रुपये।
आलिया भट्ट ने किस बात पर चिंता जताई?
बाढ़ प्रभावित परिवारों के साथ साथ काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता व्यक्त की।

