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टीच फॉर इंडिया में AMU छात्रों का चयन

मुस्लिम नाउ ब्यूरो | अलीगढ़

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से एक बार फिर ऐसी खबर आई है, जो छात्रों के सपनों और मेहनत दोनों को नई पहचान देती है। विश्वविद्यालय के चार छात्रों ने देश की प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था Teach For India में जगह बनाई है। यह उपलब्धि सिर्फ नौकरी मिलने की कहानी नहीं है, बल्कि शिक्षा के जरिए समाज में बदलाव लाने की दिशा में एक अहम कदम भी मानी जा रही है।

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिस (जनरल) की ओर से आयोजित कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव में चार छात्रों का चयन हुआ। इनमें निदा परवीन, मालिया फरशोरी, सफूरा जहांगीर और शिजा फरदीन शामिल हैं।

इन छात्रों की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी विविध रही है। निदा परवीन और मालिया फरशोरी ने मास्टर ऑफ सोशल वर्क (MSW) किया है। सफूरा जहांगीर मास्टर ऑफ ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट (MHRM) की छात्रा रही हैं। वहीं शिजा फरदीन ने बीए ऑनर्स सोशियोलॉजी में अपनी पढ़ाई पूरी की है।

इन चारों का चयन Teach For India जैसी संस्था में होना खास महत्व रखता है। यह संगठन लंबे समय से देश में शिक्षा की असमानता को कम करने के लिए काम कर रहा है। इसका उद्देश्य ऐसे बच्चों तक बेहतर शिक्षा पहुंचाना है, जो संसाधनों की कमी वाले स्कूलों में पढ़ते हैं। संस्था युवाओं और पेशेवरों को चुनकर उन्हें अलग अलग राज्यों के स्कूलों में भेजती है, ताकि शिक्षा के स्तर को मजबूत किया जा सके।

आज के दौर में जब अधिकतर युवा केवल बेहतर वेतन और बड़ी कंपनियों की ओर देखते हैं, ऐसे समय में सामाजिक बदलाव से जुड़ी संस्था में चयन होना एक अलग संदेश देता है। यह बताता है कि नई पीढ़ी केवल करियर बनाने तक सीमित नहीं है। वह समाज में योगदान देने की इच्छा भी रखती है।

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय लंबे समय से शिक्षा और सामाजिक नेतृत्व दोनों के लिए जाना जाता रहा है। यहां से निकले छात्र देश और दुनिया के अलग अलग क्षेत्रों में अपनी पहचान बना चुके हैं। ऐसे में Teach For India जैसी संस्था में छात्रों का चयन विश्वविद्यालय की उस परंपरा को और मजबूत करता है, जहां शिक्षा को केवल डिग्री तक सीमित नहीं माना जाता।

विश्वविद्यालय के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर (जनरल) साद हमीद ने इस उपलब्धि पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि यह सफलता छात्रों की मेहनत, शैक्षणिक क्षमता और समाज के प्रति उनकी गंभीर सोच को दिखाती है। उनके अनुसार यह चयन केवल एक उपलब्धि नहीं, बल्कि उन मूल्यों का प्रमाण है जिन्हें छात्र अपने साथ लेकर आगे बढ़ते हैं।

यह उपलब्धि उन छात्रों के लिए भी प्रेरणा है, जो अपने करियर को सिर्फ निजी सफलता तक सीमित नहीं रखना चाहते। Teach For India जैसे मंच युवाओं को जमीनी स्तर पर काम करने का मौका देते हैं। यहां काम करने वाले लोग बच्चों की शिक्षा, आत्मविश्वास और भविष्य को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

निदा, मालिया, सफूरा और शिजा की यह सफलता दिखाती है कि अगर इरादा साफ हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो रास्ते खुद बनते जाते हैं।

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के लिए यह एक और गर्व का पल है। वहीं इन चार छात्रों के लिए यह सफर की शुरुआत है, जहां उनका काम सिर्फ पढ़ाना नहीं होगा, बल्कि उम्मीद जगाना भी होगा।

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