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शाहरुख़ खान को पहला राष्ट्रीय सम्मान: सोशल मीडिया पर जश्न, सरकार से पुराने सवाल भी उठे

मुस्लिम नाउ ब्यूरो, नई दिल्ली

शुक्रवार की रात जैसे ही यह ऐलान हुआ कि 71वें राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कारों में शाहरुख़ खान को 2023 की सर्वश्रेष्ठ अभिनेता की श्रेणी में सम्मानित किया गया है — सोशल मीडिया पर जश्न का महौल बन गया। फिल्म ‘जवान’ में निभाए गए दमदार किरदार के लिए ‘किंग खान’ को यह पहला राष्ट्रीय पुरस्कार मिला, और उनके फैंस ने इसे “देर से मिला लेकिन बिल्कुल सही न्याय” करार दिया।

दिल्ली के नेशनल मीडिया सेंटर में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने शाहरुख़ खान को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के तौर पर सम्मानित करने की घोषणा की। इसी श्रेणी में विक्रांत मैसी को ’12वीं फेल’ के लिए भी संयुक्त पुरस्कार मिला। लेकिन शाहरुख़ की वैश्विक पहचान और फिल्म ‘जवान’ की वैचारिक गहराई ने उन्हें सोशल मीडिया पर अव्वल बना दिया।

SRK बोले: “आधा हग सबको”
अपने पहले राष्ट्रीय पुरस्कार की घोषणा के बाद शाहरुख़ ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा –

“इस सम्मान के लिए भारत सरकार का धन्यवाद… जूरी और I&B मंत्रालय को भी शुक्रिया। आप सभी के प्यार से अभिभूत हूं। आज सबको आधा हग।”

फैंस की भावनाएं छलकीं, सवाल भी उठे
शाहरुख़ के चाहने वालों ने इस सम्मान को लंबे समय से पेंडिंग बताया। एक यूज़र ने लिखा, “SRK को ये पुरस्कार ‘स्वदेस’, ‘चक दे इंडिया’ या ‘माय नेम इज़ खान’ के लिए मिलना चाहिए था। ‘जवान’ इस लायक नहीं थी।”

वहीं, कई फैंस ने फिल्म ‘जवान’ के उस प्रसिद्ध डायलॉग को उद्धृत किया जिसमें शाहरुख़ कहते हैं —

“नेता से उसका धर्म मत पूछो, उससे पूछो कि वह अगले पाँच साल में तुम्हारे लिए क्या करेगा।”

इस संवाद को SRK के एक्टिविज़्म का प्रतीक मानते हुए कई यूज़र्स ने लिखा कि शायद यही कारण है कि शाहरुख़ को अब जाकर राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाज़ा गया।

राजनीतिक तेवर और अभिनय — एक साथ
फिल्म ‘जवान’ में शाहरुख़ का किरदार न सिर्फ एक्शन में दमदार था, बल्कि उन्होंने राजनीति, नागरिकता और सामाजिक न्याय जैसे विषयों पर स्पष्ट स्टैंड लिया। यही वजह रही कि जब उन्हें इस फिल्म के लिए सम्मानित किया गया, तो सोशल मीडिया पर कई प्रतिक्रियाएं राजनीतिक रंग भी ले गईं। एक यूज़र ने लिखा —

“‘जवान’ ने धार्मिक राजनीति से ऊपर उठने की बात की थी, शायद यही वजह रही कि अब जाकर शाहरुख़ को यह सम्मान मिला — और बीजेपी को सिर्फ 240 सीटें।”

कुछ आलोचनाएं भी आईं सामने
जहां एक ओर फैंस SRK की तारीफ़ में कसीदे पढ़ रहे थे, वहीं दूसरी ओर कुछ यूज़र्स ने पुरस्कार चयन को लेकर आलोचना भी की।
“ये सिस्टम जिसने ‘स्वदेस’ को नज़रअंदाज़ किया और ‘जवान’ को पुरस्कृत किया — उसे आत्ममंथन करना चाहिए,” एक ट्वीट में कहा गया।

मुस्लिम समुदाय में भी गर्व की लहर
‘Muslim Now’ के विश्लेषण के अनुसार, शाहरुख़ खान की इस उपलब्धि को न केवल एक अभिनेता के रूप में बल्कि एक भारतीय मुसलमान के रूप में भी व्यापक गर्व और उम्मीद के साथ देखा जा रहा है। खासकर ऐसे वक्त में जब अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाया जाता है, शाहरुख़ की यह उपलब्धि एक “सांस्कृतिक जवाब” के रूप में देखी जा रही है — कि टैलेंट, मेहनत और नीयत, हर शोर से ऊपर होती है।

एक अभिनेता, एक विचार, एक विरासत
शाहरुख़ खान अब केवल ‘बॉलीवुड सुपरस्टार’ नहीं हैं, बल्कि भारत की ‘सॉफ्ट पावर’ का चेहरा बन चुके हैं। उनका यह राष्ट्रीय सम्मान न सिर्फ एक कलाकार के तौर पर बल्कि एक वैचारिक नेतृत्वकर्ता के तौर पर भी एक ऐतिहासिक क्षण है।