छह साल की मेहनत लाई रंग, शाह फहद बने एसडीएम
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नई दिल्ली
कहते हैं कि सपने वही पूरे होते हैं, जिनके पीछे लगातार मेहनत, धैर्य और विश्वास जुड़ा हो। बिहार के फुलवारी शरीफ के रहने वाले मोहम्मद शाह फहद रईस की कहानी इसी विश्वास की मिसाल है। छह वर्षों तक लगातार संघर्ष, कई असफलताओं और आर्थिक चुनौतियों का सामना करने के बाद आखिरकार उन्होंने बीपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल कर एसडीएम बनने का सपना पूरा कर लिया।
फुलवारी शरीफ की रईस कॉलोनी निवासी मोहम्मद शाह फहद रईस की इस उपलब्धि से पूरे इलाके में खुशी का माहौल है। परिवार, रिश्तेदार, शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उन्हें लगातार बधाई दे रहे हैं।
छह साल का लंबा संघर्ष
शाह फहद ने बताया कि उन्होंने पिछले छह वर्षों से सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी की। इस दौरान उन्होंने पांच बार यूपीएससी की परीक्षा दी। एक बार वह अंतिम इंटरव्यू तक भी पहुंचे, लेकिन कुछ अंकों से चयन से चूक गए।
फहद कहते हैं, “जब आप किसी लक्ष्य के लिए वर्षों तक मेहनत करते हैं और अंत में सफलता मिलती है, तो सबसे पहले दिल में शुक्रगुजारी का भाव आता है। मेरी भी पहली प्रतिक्रिया यही थी।”
उन्होंने बताया कि यूपीएससी में असफलता के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। लगातार तैयारी जारी रखी और आखिरकार बिहार लोक सेवा आयोग की परीक्षा में सफलता हासिल की।
परिवार बना सबसे बड़ी ताकत
शाह फहद अपनी सफलता का सबसे बड़ा श्रेय अपने परिवार को देते हैं। उनका कहना है कि कठिन समय में उनके पिता, माता, भाई और करीबी लोगों ने उन्हें कभी टूटने नहीं दिया।
फहद बताते हैं, “कई बार ऐसा लगता था कि अब आगे बढ़ना मुश्किल है। लगातार असफलताओं से मन निराश हो जाता था। लेकिन मेरे पिता हमेशा मेरे साथ खड़े रहे। उन्होंने कभी हार मानने नहीं दी।”
उन्होंने कहा कि आर्थिक परेशानियां भी आईं, लेकिन उनके पिता ने हमेशा एक ही बात कही कि पढ़ाई पर ध्यान दो, बाकी जिम्मेदारी मेरी है।
इंजीनियरिंग की नौकरी छोड़ चुना सिविल सेवा का रास्ता
शाह फहद ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने एक निजी कंपनी में करीब दो वर्षों तक नौकरी भी की।
उनके पिता आफताब आलम बताते हैं कि एक दिन फहद ने फोन कर कहा कि वह सिविल सेवा में जाना चाहते हैं। इसके बाद परिवार ने उन्हें पूरा समर्थन देने का फैसला किया।
आफताब आलम कहते हैं, “मैंने उससे कहा कि अगर यही तुम्हारा सपना है तो पूरी ईमानदारी से इसकी तैयारी करो। बाकी जिम्मेदारी मेरी है। हमने कभी उस पर किसी तरह का दबाव नहीं बनाया।”
मां की दुआओं ने निभाई अहम भूमिका
फहद के पिता का मानना है कि उनकी सफलता में मां की दुआओं का सबसे बड़ा योगदान है।
उन्होंने कहा, “मां ने हमेशा बेटे के लिए दुआ की। उसकी परवरिश की और हर मुश्किल दौर में उसका हौसला बढ़ाया। मुझे लगता है कि उसकी सफलता में मां की दुआओं का बहुत बड़ा हिस्सा है।”
प्रशासनिक सेवा को मानते हैं जिम्मेदारी
एसडीएम बनने के बाद शाह फहद का कहना है कि प्रशासनिक सेवा केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि समाज की सेवा का अवसर है।
उन्होंने कहा, “प्रशासन में आने वाले अधिकारियों को निष्पक्ष और ईमानदार होना चाहिए। समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं और सुविधाओं को पहुंचाना ही असली प्रशासन है।”
फहद का मानना है कि गरीब, कमजोर और वंचित वर्ग तक न्याय पहुंचाना हर अधिकारी की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
भ्रष्टाचार पर क्या बोले शाह फहद
आज के समय में प्रशासनिक सेवाओं में भ्रष्टाचार के आरोपों पर पूछे गए सवाल के जवाब में शाह फहद ने कहा कि कुछ गलत उदाहरणों के आधार पर पूरी व्यवस्था का मूल्यांकन नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, “देश में बड़ी संख्या में ऐसे अधिकारी हैं जो पूरी ईमानदारी से काम कर रहे हैं। हमें नकारात्मक बातों के साथ सकारात्मक उदाहरणों से भी सीखना चाहिए।”
युवाओं को दिया खास संदेश
शाह फहद ने खास तौर पर युवाओं से शिक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता।
उनके अनुसार, “युवाओं को अपना लक्ष्य तय करना चाहिए। बुरी संगत से बचना चाहिए और पूरी मेहनत तथा अनुशासन के साथ तैयारी करनी चाहिए।”
उन्होंने कहा कि अगर इरादे मजबूत हों और परिवार का सहयोग मिले तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।
इलाके में जश्न का माहौल
शाह फहद की सफलता के बाद फुलवारी शरीफ और आसपास के क्षेत्रों में खुशी की लहर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उनकी उपलब्धि क्षेत्र के हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि शाह फहद की कहानी यह साबित करती है कि लगातार प्रयास, धैर्य और समर्पण से हर सपना साकार किया जा सकता है।
आज मोहम्मद शाह फहद रईस उन युवाओं के लिए उम्मीद की नई किरण बन चुके हैं, जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस रखते हैं।
AEO FAQ
प्रश्न: शाह फहद कौन हैं?
उत्तर: शाह फहद बिहार के फुलवारी शरीफ के निवासी हैं, जिन्होंने बीपीएससी परीक्षा पास कर एसडीएम पद हासिल किया है।
प्रश्न: शाह फहद ने कितनी बार यूपीएससी परीक्षा दी?
उत्तर: उन्होंने पांच बार यूपीएससी परीक्षा दी और एक बार इंटरव्यू तक पहुंचे।
प्रश्न: शाह फहद की सफलता का सबसे बड़ा कारण क्या रहा?

