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श्रीनगर: ईदगाह में ईद की नमाज पर मीरवाइज की बड़ी अपील

श्रीनगर

कश्मीर में ईद-उल-अज़हा 2026 की तैयारियों के बीच बुधवार, 27 मई को श्रीनगर के ऐतिहासिक ईदगाह में ईद की नमाज को लेकर हलचल तेज हो गई है। घाटी के प्रमुख धार्मिक नेता और हुर्रियत चेयरमैन Mirwaiz Umar Farooq ने ऐलान किया है कि मौसम अनुकूल रहने पर ईद-उल-अज़हा की नमाज इस बार पारंपरिक तरीके यानी सुन्नत के अनुसार श्रीनगर के ऐतिहासिक ईदगाह में सुबह 9:30 बजे अदा की जाएगी। वहीं, वे सुबह 8:30 बजे ईद का खुतबा (ईद संबोधन) देंगे।

मंगलवार को अंजुमन औकाफ जामिया मस्जिद की बैठक में ईद की नमाज के इंतजामों की समीक्षा की गई। बैठक के बाद मीरवाइज उमर फारूक ने खुद ऐतिहासिक ईदगाह श्रीनगर का दौरा किया और वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उनके अनुसार, नमाज के आयोजन को लेकर मैदान की स्थिति और अन्य आवश्यक इंतजाम संतोषजनक पाए गए हैं।

मीरवाइज ने उम्मीद जताई कि प्रशासन इस बार ईद की नमाज के आयोजन में कोई बाधा नहीं डालेगा और लोगों को शांतिपूर्ण तरीके से अपने धार्मिक कर्तव्यों का पालन करने की अनुमति देगा। उन्होंने कहा कि ईदगाह में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है और प्रशासन को सहयोगात्मक रवैया अपनाना चाहिए ताकि नमाज बिना किसी व्यवधान के संपन्न हो सके।

हालांकि, मीरवाइज ने प्रशासन के पिछले रवैये पर नाराजगी भी जाहिर की। उन्होंने आरोप लगाया कि बीते वर्षों में कई बार ऐसा हुआ जब लोगों को आखिरी समय तक इंतजार कराया गया और फिर अचानक ईदगाह या जामिया मस्जिद में ईद की नमाज की अनुमति नहीं दी गई। उनके मुताबिक, इस तरह की कार्रवाई लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती है और धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार पर सवाल खड़े करती है।

कश्मीर में ईद-उल-अज़हा की नमाज को लेकर हर साल सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाएं चर्चा का विषय रहती हैं। खासतौर पर श्रीनगर के ईदगाह और जामिया मस्जिद में होने वाली सामूहिक नमाज पर लोगों की निगाहें टिकी रहती हैं। इस बार भी हजारों लोगों के ईदगाह पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।

घाटी में लोग अब प्रशासन के अंतिम फैसले का इंतजार कर रहे हैं। यदि मौसम साफ रहा और अनुमति मिली, तो वर्षों पुरानी परंपरा के तहत श्रीनगर ईदगाह में बड़ी संख्या में लोग एक साथ ईद-उल-अज़हा की नमाज अदा करते नजर आ सकते हैं।