T20 वर्ल्ड कप 2026: भारत मैच से पहले पाकिस्तान का यू-टर्न, PCB चेयरमैन मोहसिन नक़वी बोले-बांग्लादेश को सम्मान दिलाना ही मकसद
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मुस्लिम नाउ ब्यूरो,नई दिल्ली/पेशावर
आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत के खिलाफ मुकाबले से पहले पाकिस्तान के बहिष्कार फैसले और फिर अचानक यू-टर्न ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट हलकों में बड़ी चर्चा छेड़ दी है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन और देश के गृह मंत्री मोहसिन नक़वी ने इस पूरे घटनाक्रम पर सफाई देते हुए कहा है कि पाकिस्तान का एकमात्र उद्देश्य बांग्लादेश को “सम्मान” दिलाना और उसके साथ हुए “अन्याय” को उठाना था, न कि कोई राजनीतिक या खेल संबंधी दबाव बनाना।
एएनआई के मुताबिक, पेशावर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मोहसिन नक़वी ने कहा कि पाकिस्तान ने आईसीसी के साथ अपनी बातचीत में बांग्लादेश के मुद्दे के अलावा कोई शर्त नहीं रखी थी। उनका कहना था कि जब बांग्लादेश की चिंताओं को स्वीकार कर लिया गया और स्थिति पर सकारात्मक आश्वासन मिला, तब पाकिस्तान ने मैच खेलने का निर्णय लिया।
उन्होंने कहा, “हमने अपनी बातचीत में बांग्लादेश के अलावा कोई शर्त नहीं रखी। हमारा एकमात्र लक्ष्य था कि बांग्लादेश को सम्मान मिले और जो अन्याय उनके साथ हुआ, उसे ठीक किया जाए। जब उनकी बात मान ली गई और यह स्वीकार किया गया कि उनके साथ गलत हुआ, तब हमने खेलने का फैसला किया।”
पहले बहिष्कार, फिर खेलने का फैसला
गौरतलब है कि पाकिस्तान ने पहले भारत के खिलाफ अपने ग्रुप स्टेज मुकाबले के बहिष्कार का ऐलान किया था। यह मैच 15 फरवरी को कोलंबो में निर्धारित है। लेकिन बाद में पाकिस्तान सरकार ने अपना रुख बदलते हुए राष्ट्रीय टीम को मैच खेलने का निर्देश दे दिया। इस फैसले से टूर्नामेंट के कार्यक्रम और कूटनीतिक समीकरणों पर पड़ रहे असर को लेकर अटकलों का दौर तेज हो गया था।
रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान ने यह रुख बांग्लादेश के समर्थन में अपनाया था, जिसे सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए आईसीसी ने टूर्नामेंट से बाहर कर दिया था। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) की यह मांग कि उसके सभी मैच भारत के बाहर कराए जाएं, आईसीसी द्वारा स्वीकार नहीं की गई। इसके बाद बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को 2026 टी20 वर्ल्ड कप में शामिल किया गया।
आईसीसी, PCB और BCB के बीच अहम बैठक
इस विवाद के बीच आईसीसी, पीसीबी और बीसीबी के अधिकारियों की लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में एक अहम बैठक हुई। इस बैठक में पाकिस्तान के बहिष्कार फैसले और टूर्नामेंट पर उसके प्रभाव को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के बाद घटनाक्रम तेजी से बदला और पाकिस्तान ने मैच खेलने की सहमति दे दी।
बैठक के बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम बुलबुल ने भी पाकिस्तान से भारत के खिलाफ निर्धारित मैच खेलने की अपील की। उन्होंने अपने बयान में पाकिस्तान के रुख और समर्थन की सराहना की।
बीसीबी अध्यक्ष ने कहा, “हम इस मुश्किल दौर में बांग्लादेश के समर्थन में पाकिस्तान द्वारा उठाए गए कदमों से भावुक हैं। हमारी आपसी भाईचारा और सहयोग आगे भी मजबूत रहे। क्रिकेट इकोसिस्टम के व्यापक हित में हम पाकिस्तान से अनुरोध करते हैं कि वह 15 फरवरी का मैच खेले।”
आईसीसी का रुख और भविष्य की मेजबानी
बैठक के बाद आईसीसी ने भी एक आधिकारिक बयान जारी किया। इसमें कहा गया कि भारत में मैच खेलने से बांग्लादेश के इनकार को लेकर उस पर कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। साथ ही आईसीसी ने बांग्लादेश को 2028 से 2031 के बीच एक अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की मेजबानी का अधिकार देने की घोषणा भी की। इसे आईसीसी द्वारा संतुलन बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
नक़वी ने कहा—कोई निजी मकसद नहीं
मोहसिन नक़वी ने अपने बयान में इस बात पर भी जोर दिया कि पाकिस्तान का इस पूरे विवाद में कोई निजी या राजनीतिक मकसद नहीं था। उन्होंने कहा, “लोग कुछ भी कह सकते हैं, लेकिन हमारा काम सिर्फ बांग्लादेश के मुद्दे से जुड़ा था। यह फैसला सरकार के स्तर पर लिया गया। जब उनकी मांगों को स्वीकार कर लिया गया, तो हमने भी मैच खेलने का फैसला कर लिया।”
उनके इस बयान को पाकिस्तान के रुख में नरमी और कूटनीतिक संतुलन के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। साथ ही यह भी माना जा रहा है कि आईसीसी और सदस्य बोर्डों के बीच संवाद से टूर्नामेंट के संभावित संकट को टाल लिया गया।
क्रिकेट और कूटनीति का संगम
भारत-पाकिस्तान मुकाबला हमेशा से विश्व क्रिकेट का सबसे हाई-वोल्टेज मैच माना जाता है। ऐसे में बहिष्कार की आशंका ने प्रशंसकों, प्रसारकों और टूर्नामेंट आयोजकों की चिंता बढ़ा दी थी। अब पाकिस्तान के खेलने के फैसले के बाद यह मुकाबला तय कार्यक्रम के अनुसार होने की संभावना मजबूत हो गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाक्रम दिखाता है कि आधुनिक क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं, बल्कि कूटनीति, सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय संबंधों से भी गहराई से जुड़ा हुआ है। आने वाले दिनों में आईसीसी, सदस्य देशों के बोर्ड और सरकारों के बीच समन्वय किस दिशा में जाता है, इस पर भी सबकी नजर रहेगी।
फिलहाल क्रिकेट प्रशंसकों के लिए राहत की बात यह है कि 15 फरवरी को भारत और पाकिस्तान के बीच बहुप्रतीक्षित टी20 वर्ल्ड कप मुकाबला होने का रास्ता साफ होता दिख रहा है।

