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बांग्लादेश अंतरिम सरकार ने जारी किए सलाहकारों के संपत्ति विवरण, 25 सदस्यों की परिसंपत्ति और देनदारियां सार्वजनिक

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अपने सलाहकारों और उनके जीवनसाथियों की संपत्तियों तथा देनदारियों का विस्तृत विवरण सार्वजनिक कर दिया है। कैबिनेट विभाग द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के माध्यम से यह जानकारी प्रकाशित की गई, जिसमें 30 जून 2024 और 30 जून 2025 तक की परिसंपत्तियों का ब्यौरा शामिल है। इस खुलासे को आगामी चुनावी परिदृश्य से पहले जवाबदेही और सुशासन की पहल के रूप में देखा जा रहा है।

कैबिनेट डिवीजन ने मंगलवार (10 फरवरी) को जारी नोटिस में बताया कि यह प्रकाशन पूर्व में जारी निर्देशों के अनुरूप किया गया है, जिसके तहत अंतरिम सरकार के सलाहकारों, समकक्ष दर्जे के पदाधिकारियों और उनके जीवनसाथियों की चल-अचल संपत्ति, वित्तीय निवेश, विदेशी संपत्ति और देनदारियों का खुलासा अनिवार्य किया गया था।

यह कदम मुख्य सलाहकार प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस द्वारा पदभार संभालने के तुरंत बाद किए गए उस वादे की पूर्ति के रूप में भी देखा जा रहा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अंतरिम सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ स्पष्ट रुख अपनाएगी और सभी सलाहकार अपनी संपत्तियों का खुलासा करेंगे। उन्होंने यह भी संकेत दिया था कि भविष्य में इसे सभी सरकारी अधिकारियों के लिए नियमित और अनिवार्य प्रक्रिया बनाया जाएगा।

27 में से 25 सलाहकारों ने दिया विवरण

जारी दस्तावेज़ों के अनुसार अंतरिम कैबिनेट से जुड़े 27 में से 25 व्यक्तियों ने अपने परिसंपत्ति विवरण जमा किए हैं। मुख्य सलाहकार के विशेष सहायक अली रियाज़ और अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेष दूत लुत्फे सिद्दीकी के विवरण उपलब्ध नहीं हैं। कैबिनेट विभाग की टिप्पणी में कहा गया है कि अली रियाज़ ने नवंबर में पदभार ग्रहण किया, जबकि लुत्फे सिद्दीकी को सरकारी लाभ प्राप्त नहीं होता, इसलिए उनका विवरण अलग श्रेणी में आता है।

प्रकाशित विवरणों में सलाहकारों की व्यक्तिगत और संयुक्त (पति-पत्नी) संपत्ति, नकद राशि, अचल संपत्ति, निवेश, व्यावसायिक हिस्सेदारी और बकाया ऋण का उल्लेख किया गया है।

सबसे अधिक संपत्ति वाले सलाहकार

घोषित आंकड़ों के अनुसार वाणिज्य सलाहकार शेख बशीर उद्दीन अंतरिम सरकार के सबसे संपन्न सलाहकार हैं। उनकी कुल परिसंपत्ति का मूल्य लगभग 916.5 मिलियन टका बताया गया है। वहीं पूर्व सलाहकार महफूज आलम सबसे कम संपत्ति वाले व्यक्तियों में हैं, जिनकी परिसंपत्ति लगभग 1.3 मिलियन टका दर्ज की गई है।

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार खलीलुर रहमान संपत्ति के मामले में दूसरे स्थान पर हैं। उन्होंने अपनी और अपनी पत्नी की संयुक्त संपत्ति का विवरण दिया है। जून 2025 तक उनकी कुल संयुक्त परिसंपत्ति 556.3 मिलियन टका से अधिक बताई गई है, जिसमें लगभग 2.2 मिलियन टका नकद शामिल है। उनकी देनदारियां लगभग 1.2 मिलियन अमेरिकी डॉलर बताई गई हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में कुछ कम हैं।

मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस की संपत्ति

मुख्य सलाहकार प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस की परिसंपत्तियों में भी पिछले एक वर्ष में वृद्धि दर्ज की गई है। जून 2025 के अंत तक उनकी कुल संपत्ति लगभग 156.3 मिलियन टका आंकी गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 12 मिलियन टका अधिक है। अधिकारियों का कहना है कि यह वृद्धि घोषित आय और निवेश के अनुरूप है।

अन्य प्रमुख सलाहकारों का विवरण

योजना सलाहकार प्रोफेसर वहीदुद्दीन महमूद की परिसंपत्ति 2024 के 150.9 मिलियन टका से बढ़कर 2025 में 162.3 मिलियन टका हो गई है। उन्होंने किसी प्रकार की व्यक्तिगत या व्यावसायिक देनदारी नहीं दिखाई है।

वित्त सलाहकार सालेहुद्दीन अहमद की कुल संपत्ति 71.62 मिलियन टका दर्ज की गई है, जो पिछले वर्ष से थोड़ी अधिक है। उन्होंने बताया कि पूर्व में घोषित देनदारियां अब समाप्त हो चुकी हैं।

कानून सलाहकार आसिफ नजरुल की संपत्ति 14.81 मिलियन टका से बढ़कर 16.09 मिलियन टका हो गई है और उन पर कोई देनदारी नहीं है। विदेश सलाहकार तौहीद हुसैन, गृह सलाहकार जहांगीर आलम चौधरी और ऊर्जा सलाहकार मुहम्मद फौज़ुल कबीर खान ने भी परिसंपत्तियों में मामूली वृद्धि दर्शाई है और किसी बड़े ऋण का उल्लेख नहीं किया है।

शिक्षा सलाहकार चौधरी रफीकुल अबरार की संपत्ति में भी वृद्धि हुई है, जबकि उनकी देनदारियां पिछले वर्ष की तुलना में काफी घटी हैं। सामाजिक कल्याण सलाहकार शर्मीन एस. मुर्शिद की परिसंपत्तियां बढ़ी हैं, वहीं उनकी देनदारियां कम हुई हैं।

वन एवं पर्यावरण सलाहकार सैयदा रिजवाना हसन उन कुछ नामों में शामिल हैं जिनकी कुल संपत्ति में कमी दर्ज की गई है। उनकी देनदारियां भी पिछले वर्ष की तुलना में घटी हैं।

विदेशी संपत्ति और देनदारियां भी शामिल

कैबिनेट विभाग ने स्पष्ट किया है कि परिसंपत्ति विवरण में देश और विदेश में मौजूद संपत्तियां, बैंक जमा, निवेश, शेयर, अचल संपत्ति और पूंजीगत संसाधन शामिल किए गए हैं। आयकर कानून के अनुसार करदाता की कुल संपत्ति में चल और अचल दोनों प्रकार की संपत्ति तथा वित्तीय होल्डिंग्स जोड़ी जाती हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह का सार्वजनिक खुलासा सरकारी जवाबदेही को मजबूत करता है और जनता का विश्वास बढ़ाने में मददगार होता है। चुनाव से पहले इस कदम को प्रशासनिक पारदर्शिता और भ्रष्टाचार-निरोधी नीति के ठोस संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार भविष्य में इस प्रणाली को और संस्थागत रूप दिया जाएगा, ताकि उच्च पदों पर बैठे सभी अधिकारियों के लिए संपत्ति घोषणा एक नियमित और अनिवार्य प्रक्रिया बन सके।

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