टी20 वर्ल्ड कप : इशान किशन का तूफान,इरफान पठान ने की तारीफ
मुस्लिम नाउ ब्यूरो, कोलंबो
कोलंबो से आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 के बहुप्रतीक्षित भारत-पाकिस्तान मुकाबले में भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज़ इशान किशन ने जिस अंदाज़ में पाकिस्तान की ‘सरप्राइज स्पिन रणनीति’ को ध्वस्त किया, उसने क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। पूर्व भारतीय ऑलराउंडर इरफान पठान ने भी खुलकर किशन की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने पाकिस्तान की अप्रत्याशित चाल का शानदार जवाब दिया।
पाकिस्तान ने इस मुकाबले में एक अनोखी रणनीति अपनाई। कप्तान सलमान अली आगा की अगुवाई में टीम ने एक पारी में छह स्पिनरों का इस्तेमाल किया—सलमान अली आगा, सैम अयूब, मोहम्मद नवाज, उस्मान तारिक, शादाब खान और अबरार अहमद। यह किसी भी टीम द्वारा टी20 वर्ल्ड कप की एक पारी में सबसे अधिक स्पिनरों का इस्तेमाल था और फुल मेंबर टीमों के बीच टी20 अंतरराष्ट्रीय में संयुक्त रूप से सर्वाधिक स्पिनरों के उपयोग की बराबरी भी।
पाकिस्तान की इस रणनीति का मकसद भारतीय बल्लेबाज़ों को धीमी पिच पर जकड़ना था। पिच पर गेंद रुककर आ रही थी और रन बनाना आसान नहीं था। ऐसे में जब अभिषेक शर्मा लगातार दूसरी बार शून्य पर आउट होकर लौटे, तो भारतीय पारी दबाव में दिख रही थी। लेकिन इशान किशन ने परिस्थिति को समझते हुए आक्रामक रुख अपनाया।
किशन ने महज़ 40 गेंदों में 77 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 10 चौके और तीन छक्के शामिल थे। उनका स्ट्राइक रेट 192.50 रहा, जो यह दर्शाता है कि उन्होंने किस कदर स्पिनरों पर हमला बोला। जहां दूसरे छोर पर रनगति धीमी थी, वहीं किशन ने गेंदबाज़ों पर दबाव बनाए रखा और पाकिस्तान की योजना को उलट दिया।
पावरप्ले में ही उन्होंने मुकाबले का रुख स्पष्ट कर दिया। सलमान और सैम अयूब के खिलाफ शुरुआती चौकों से शुरुआत करते हुए उन्होंने अबरार अहमद की गेंदों पर एक चौका और एक छक्का जड़ दिया। पावरप्ले के आखिरी ओवर में सैम के खिलाफ दो चौके लगाकर उन्होंने छह ओवर में भारत के 52 रनों में से 42 रन अकेले बनाए। यह आंकड़ा उनके प्रभुत्व को दर्शाता है।
सातवें ओवर में अबरार के खिलाफ दो और चौके जड़ते हुए किशन ने 27 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। इसके बाद शादाब खान पर एक छक्का और चौका लगाकर उन्होंने पाकिस्तान की स्पिन दीवार को पूरी तरह तोड़ दिया। नौवें ओवर में सैम अयूब पर एक और चौका जड़ने के बाद वह 77 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन तब तक भारत एक सम्मानजनक स्कोर की दिशा में बढ़ चुका था।
यह पारी भारत-पाकिस्तान टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में चौथा सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर बन गई। इस सूची में शीर्ष स्थान विराट कोहली के 2022 टी20 विश्व कप (मेलबर्न) में 82* रन का है। दूसरे स्थान पर मोहम्मद रिजवान के 2021 विश्व कप (दुबई) में 79* रन और तीसरे स्थान पर 2012 में कोलंबो में कोहली के 78 रन हैं। अब किशन का 77 रन का स्कोर इस प्रतिष्ठित सूची में शामिल हो गया है।
पूर्व क्रिकेटर इरफान पठान ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, “इशान किशन ने पाकिस्तान की सरप्राइज चाल का बहुत शानदार तरीके से जवाब दिया। बेहतरीन।” पठान की यह टिप्पणी इस पारी के महत्व को रेखांकित करती है।
इस टूर्नामेंट में भी किशन का बल्ला जमकर बोल रहा है। अब तक तीन पारियों में वह 158 रन बना चुके हैं, औसत 52.66 और स्ट्राइक रेट 197.50 का है। दो अर्धशतक उनके नाम हैं और सर्वाधिक स्कोर 77 रहा है। वह इस समय टूर्नामेंट के दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ हैं।
मैच की बात करें तो पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी का फैसला किया। कठिन पिच पर भारत ने 20 ओवर में 175/7 का प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा किया। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने 29 गेंदों में 32 रन बनाए, जबकि शिवम दुबे ने 17 गेंदों में 27 रन की तेज़ पारी खेली।
पाकिस्तान की ओर से सैम अयूब 3/25 के साथ सबसे सफल गेंदबाज़ रहे। शाहीन शाह अफरीदी, उस्मान तारिक और सलमान अली आगा को एक-एक विकेट मिला। हालांकि स्पिनरों की भरमार के बावजूद वे किशन की आक्रामकता को रोकने में असफल रहे।
इस मुकाबले ने एक बार फिर दिखा दिया कि टी20 क्रिकेट में रणनीति जितनी महत्वपूर्ण है, उतना ही जरूरी है उसका सही जवाब। पाकिस्तान की छह स्पिनरों वाली चाल कागज़ पर चौंकाने वाली थी, लेकिन इशान किशन की निर्भीक बल्लेबाज़ी ने साबित कर दिया कि आत्मविश्वास और स्पष्ट इरादा किसी भी रणनीति पर भारी पड़ सकता है।
कोलंबो की यह रात लंबे समय तक याद रखी जाएगी—जहां स्पिन के जाल को एक युवा भारतीय बल्लेबाज़ ने अपने बल्ले की धार से काट डाला और भारत-पाकिस्तान मुकाबले की रोमांचक कहानी में एक और सुनहरा अध्याय जोड़ दिया।

