ऐनफील्ड से विदा होगा ‘मिस्त्र का जादूगर’: मोहम्मद सलाह और लिवरपूल का ऐतिहासिक सफर खत्म
Table of Contents
विशेष खेल विश्लेषण: खेल डेस्क,लिवरपूल/लंदन
फुटबॉल की दुनिया में एक युग का अंत होने जा रहा है। पिछले कई महीनों से चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए लिवरपूल के दिग्गज फॉरवर्ड मोहम्मद सलाह ने आधिकारिक घोषणा कर दी है कि वह इस सीजन (2025-26) के अंत में क्लब को अलविदा कह देंगे। मंगलवार रात एक भावुक वीडियो संदेश जारी कर सलाह ने अपने 9 साल के सुनहरे सफर के समापन की पुष्टि की।
रोमा से 2017 में लिवरपूल आने वाले सलाह ने न केवल क्लब का इतिहास बदला, बल्कि खुद को प्रीमियर लीग के सर्वकालिक महान खिलाड़ियों की सूची में शामिल कर लिया। लेकिन हर महान कहानी का एक अंत होता है, और सलाह के लिए वह समय आ गया है।
बेंच की कड़वाहट और ‘बलि का बकरा’: विदाई की असली वजह?
सलाह की विदाई केवल एक सामान्य ट्रांसफर नहीं है। इसके पीछे नए कोच आर्ने स्लॉट के साथ बिगड़े समीकरणों की एक लंबी दास्तान है। हालांकि सलाह ने 2025 तक अपना अनुबंध बढ़ाया था, लेकिन इस सीजन में उन्हें बार-बार शुरुआती एकादश (Starting XI) से बाहर रखा गया।
सलाह ने अपनी निराशा जाहिर करते हुए एक बार यहाँ तक कह दिया था कि उन्हें हार का “बलि का बकरा” बनाया जा रहा है। मैदान पर भी उनका प्रदर्शन उनके ऊँचे मानकों के अनुरूप नहीं रहा; इस सीजन में उन्होंने 34 मैचों में केवल 10 गोल किए हैं, जो एनफील्ड में उनका अब तक का सबसे कम स्कोर है। इन्हीं कड़वे अनुभवों ने अंततः उन्हें क्लब छोड़ने के फैसले पर मुहर लगाने के लिए मजबूर कर दिया।
भावुक संदेश: “लिवरपूल सिर्फ एक क्लब नहीं, एक भावना है”
अपने विदाई वीडियो में सलाह काफी भावुक नज़र आए। उन्होंने कहा:
“दुर्भाग्य से वह दिन आ गया है। यह मेरे जाने की प्रक्रिया का पहला चरण है। मैंने कभी कल्पना नहीं की थी कि यह क्लब और यह शहर मेरे दिल में इतनी गहराई तक समा जाएगा। यहाँ के लोग मेरे जीवन का हिस्सा बन गए। लिवरपूल सिर्फ एक क्लब नहीं है, यह एक जुनून है जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है।”
क्लब ने भी एक आधिकारिक बयान जारी कर सलाह के प्रति सम्मान व्यक्त किया है। लिवरपूल एफसी ने कहा कि सलाह सीजन के अंत तक क्लब के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए प्रतिबद्ध हैं और उनकी विरासत का जश्न भव्य तरीके से मनाया जाएगा।
आंकड़ों की ज़ुबानी: रिकॉर्ड्स के शहंशाह सलाह
मोहम्मद सलाह ने लिवरपूल में बिताए अपने 9 वर्षों में जो हासिल किया, वह किसी सपने से कम नहीं है। उनके आंकड़ों पर एक नज़र डालें तो उनकी महानता स्पष्ट हो जाती है:
- कुल मैच: 435
- कुल गोल: 255 (क्लब के इतिहास में तीसरे सबसे बड़े स्कोरर)
- प्रीमियर लीग गोल्डन बूट: 4 बार
- PFA प्लेयर ऑफ द ईयर: 3 बार
ट्रॉफी कैबिनेट: सलाह ने लिवरपूल को लगभग हर बड़ी ट्रॉफी जिताने में अहम भूमिका निभाई:
- प्रीमियर लीग खिताब: 2
- चैंपियंस लीग: 1
- फीफा क्लब विश्व कप: 1
- FA कप और EFL कप: (मल्टीपल)
- यूईएफए सुपर कप और कम्युनिटी शील्ड
अगला ठिकाना: सस्पेंस बरकरार
सलाह सीजन के अंत में फ्री एजेंट के तौर पर क्लब छोड़ेंगे, लेकिन उनका अगला गंतव्य क्या होगा, इस पर अभी भी रहस्य बना हुआ है। फुटबॉल पंडितों का मानना है कि सऊदी प्रो लीग (Saudi Pro League) के क्लब उन पर बड़ी बोली लगा सकते हैं, जहाँ उन्हें ‘अरब जगत का आइकन’ माना जाता है। वहीं, कुछ लोग उनके यूरोप के ही किसी अन्य बड़े क्लब (जैसे PSG) में जाने की संभावना भी जता रहे हैं।
वरिष्ठ पत्रकार का नजरिया: एक युग का समापन
एक वरिष्ठ पत्रकार के रूप में, मैं इसे केवल एक खिलाड़ी का जाना नहीं, बल्कि ‘लिवरपूल के पुनर्जागरण’ के अंत के रूप में देखता हूँ। युर्गन क्लॉप के जाने के बाद सलाह ही वह कड़ी थे जो पुराने गौरवशाली दिनों को वर्तमान से जोड़ रहे थे। आर्ने स्लॉट के साथ उनके मतभेद दिखाते हैं कि क्लब अब एक नई दिशा में बढ़ रहा है, जहाँ पुराने दिग्गजों के लिए जगह कम होती जा रही है।
सलाह की विदाई लिवरपूल के प्रशंसकों के लिए एक बड़ा झटका है। एनफील्ड के स्टैंड्स में अब शायद वह “द इजिप्शियन किंग” का शोर सुनाई न दे, लेकिन उनकी विरासत वहां की दीवारों में हमेशा गूंजती रहेगी।

सलाह बनाम लिवरपूल लेजेंड्स (गोल्स की रेस)
| खिलाड़ी | कुल गोल | स्थिति |
| इयान रश | 346 | प्रथम |
| रोजर हंट | 285 | द्वितीय |
| मोहम्मद सलाह | 255 | तृतीय |
| बिली लिडेल | 228 | चतुर्थ |

