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ईरान-इज़राइल युद्धविराम के बाद ट्रम्प का दावा: हमने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को तबाह कर दिया

मुस्लिम नाउ डेस्क | हेग / तेल अवीव / इस्तांबुल

ईरान और इज़राइल के बीच 12 दिनों तक चले तीव्रतम सैन्य टकराव के बाद अब दोनों देशों में सामान्य स्थिति की बहाली की कोशिशें तेज हो गई हैं। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हेग में नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान कहा कि ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हमलों ने इस युद्ध को समाप्त किया और यह “हर किसी के लिए एक जीत” है।

ट्रम्प का दावा: “ईरान अब परमाणु कार्यक्रम दोबारा नहीं बनाएगा”

ट्रम्प ने कहा, “हमने ईरान के परमाणु ठिकानों को पूरी तरह से तबाह कर दिया। यह विनाश था।” अमेरिकी खुफिया एजेंसी डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी (DIA) की शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, ईरान का परमाणु कार्यक्रम कुछ महीनों के लिए ही बाधित हुआ है, लेकिन ट्रम्प ने इसे “अपूर्ण और गलत” बताते हुए खारिज कर दिया।

ट्रम्प ने भरोसा जताया कि ईरान अब सैन्य टकराव से बचते हुए कूटनीतिक रास्ता अपनाएगा और उसका अगला कदम परमाणु कार्यक्रम को पुनर्जीवित करना नहीं होगा।

युद्धविराम के बाद आगे क्या?

  • ईरान और अमेरिका के अधिकारियों की बातचीत अगले सप्ताह होने की संभावना है। ट्रम्प ने कहा, “हम शायद कोई समझौता कर लें, मैं नहीं जानता… लेकिन युद्ध खत्म हो गया है।”
  • हालांकि, ईरान ने ऐसी किसी वार्ता की पुष्टि नहीं की है।
  • ट्रम्प के मध्यस्थता प्रयासों के चलते ईरान-इज़राइल युद्धविराम लागू हुआ है।

ईरान में युद्ध के असर: सैन्य प्रमुख की मौत, 700 गिरफ्तार

  • 610 ईरानी नागरिक और 28 इज़राइली इस संघर्ष में मारे गए।
  • ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स के कमांड सेंटर के प्रमुख अली शादमानी की इज़रायली हमले में मौत हो गई।
  • ईरानी न्यायपालिका ने तीन लोगों को फांसी दी, जिन पर मोसाद के लिए जासूसी का आरोप था।
  • युद्ध के दौरान ईरान ने 700 लोगों को इज़राइल से संबंधों के शक में गिरफ्तार किया।

इज़राइल का दावा: “ईरान के 14 परमाणु वैज्ञानिक मारे गए”

इज़रायली हमलों में 14 वरिष्ठ वैज्ञानिकों को मार दिया गया, जो ईरान के परमाणु कार्यक्रम की रीढ़ माने जाते थे। इज़राइल के फ्रांस में राजदूत जोशुआ ज़ारका ने कहा, “पूरा वैज्ञानिक समूह खत्म हो गया, जिससे ईरान का कार्यक्रम कई वर्षों पीछे चला गया है।” हालांकि, परमाणु विश्लेषकों का कहना है कि ईरान के पास और भी वैज्ञानिक हैं जो उनकी जगह ले सकते हैं।

ईरान में सुधार की उम्मीद: राष्ट्रपति पेजेशकियान

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने युद्ध के दौरान उभरी राष्ट्रीय एकजुटता को घरेलू सुधार का अवसर बताया। उन्होंने कहा, “इस युद्ध और लोगों-प्रशासन के बीच पैदा हुई हमदर्दी ने एक नया दृष्टिकोण बनाने का मौका दिया है।”

तुर्की और कतर की भूमिका

  • तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोआन ने नाटो शिखर सम्मेलन में युद्धविराम का स्वागत करते हुए कहा कि इसे स्थायी बनाया जाना चाहिए।
  • उन्होंने ग़ाज़ा युद्ध और रूस-यूक्रेन संघर्ष के समाधान में अमेरिका और तुर्की के बीच करीबी संवाद की आवश्यकता बताई।
  • कतर के अमीर ने भी एक संयुक्त सैन्य कमान का दौरा कर ईरान द्वारा अल-उदैद एयरबेस पर मिसाइल हमले की रोकथाम में सुरक्षा बलों की तत्परता की सराहना की।

परमाणु निरीक्षण और अंतरराष्ट्रीय दबाव

  • IAEA प्रमुख राफाएल ग्रोसी ने कहा कि ईरान में परमाणु निरीक्षकों की वापसी उनकी प्राथमिकता है।
  • ईरानी संसद ने IAEA से सहयोग स्थगित करने का विधेयक पारित किया है, लेकिन इसे अभी शीर्ष सुरक्षा निकाय की मंजूरी बाकी है।

नेतन्याहू का बयान: “ईरान को परमाणु हथियार नहीं मिलेगा”

इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा, “हमने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को विफल कर दिया है। यदि वे इसे फिर शुरू करने की कोशिश करेंगे, तो हम फिर से उतनी ही कठोरता से कार्रवाई करेंगे।”


निष्कर्ष:
ईरान-इज़राइल संघर्ष का सैन्य चरण भले समाप्त हो गया हो, लेकिन उसका राजनीतिक, कूटनीतिक और मानवीय असर अब भी गहराई से महसूस किया जा रहा है। अमेरिका और ईरान के संभावित संवाद से यदि कोई स्थायी समाधान निकलता है, तो यह पूरे पश्चिम एशिया के लिए नई दिशा तय कर सकता है।