ईरान-इज़राइल युद्ध पर ट्रम्प की घोषणा: 12 दिवसीय युद्ध के अंत का दावा, ईरान ने किया खंडन
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मुस्लिम नाउ विशेष रिपोर्ट/रियाद/दुबई
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार रात एक चौंकाने वाली घोषणा करते हुए कहा कि ईरान और इज़राइल के बीच युद्धविराम पर सहमति बन गई है। ट्रम्प ने इसे “12 दिवसीय युद्ध” का अंत बताया। यह घोषणा उस समय आई जब कुछ ही घंटे पहले ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए थे — जो कथित रूप से सप्ताहांत में ईरान के सैन्य प्रतिष्ठानों पर हुए अमेरिकी हमलों का प्रतिशोध था।
हालांकि, ईरान ने इस युद्धविराम की पुष्टि नहीं की है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची ने स्पष्ट किया कि युद्धविराम पर कोई औपचारिक सहमति नहीं हुई है। उन्होंने कहा, “अगर इज़राइल अपने अवैध आक्रमण को रोकता है, तो ईरान भी जवाबी कार्रवाई नहीं करेगा।” लेकिन अंतिम निर्णय बाद में लिया जाएगा।
ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि दोनों पक्ष एक समझौते पर पहुंचे हैं जिसके तहत पहले ईरान अपने सैन्य अभियान रोकेगा, फिर इज़राइल 12 घंटे तक स्थिति का अवलोकन करेगा, और यदि ईरान ने युद्धविराम का पालन किया, तो इज़राइल भी हमले रोक देगा।

उन्होंने लिखा:
“यह एक ऐसा युद्ध था जो वर्षों तक खिंच सकता था और पूरे मध्य पूर्व को तबाह कर सकता था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। और ऐसा अब कभी नहीं होगा। ईश्वर इज़राइल को आशीर्वाद दें, ईश्वर ईरान को आशीर्वाद दें, ईश्वर मध्य पूर्व को आशीर्वाद दें, ईश्वर अमेरिका को आशीर्वाद दें, और ईश्वर पूरी दुनिया को आशीर्वाद दें।”
जमीनी हकीकत: धमाके और खामोशी
ट्रम्प की घोषणा के समय ही ईरान के करज और राजाई शहरों में जोरदार धमाकों की खबर आई। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राजधानी तेहरान के निकट कई इलाकों में भीषण हमले हुए।
हालांकि, एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि ईरान कतर की मध्यस्थता में युद्धविराम के अमेरिकी प्रस्ताव पर विचार कर रहा है।
इंसानी जानों की भारी कीमत
अमेरिका स्थित मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स ने सोमवार को बताया कि इज़रायली हमलों में अब तक कम से कम 950 ईरानी नागरिक मारे गए हैं, और लगभग 3,450 घायल हुए हैं।

इसमें 380 आम नागरिक और 253 सुरक्षाकर्मी शामिल हैं। जबकि ईरान का स्वास्थ्य मंत्रालय इससे कहीं कम यानी 400 मौतों और 3,056 घायलों की बात कह रहा है।
कतर में हवाई यातायात बंद, दूतावासों की चेतावनी
इस बीच कतर के विदेश मंत्रालय ने घोषणा की कि उसने देश के हवाई क्षेत्र में सभी उड़ानों को एहतियातन निलंबित कर दिया है। कारण — ईरान की ओर से अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमलों की चेतावनी।
कतर में अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों को “जहां हैं, वहीं शरण लें” की सलाह दी है। अन्य पश्चिमी दूतावासों ने भी सुरक्षा चेतावनियां जारी की हैं।
संयुक्त राष्ट्र की प्रतिक्रिया: अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन?
संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकृत तथ्यान्वेषण मिशन ने कहा कि ईरान पर इज़रायली हमलों में कई ऐसे तत्व हैं जो अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन कर सकते हैं। रिपोर्ट में बताया गया कि तेहरान के एक अपार्टमेंट परिसर में आम नागरिक और ईरानी रेड क्रॉस के तीन कार्यकर्ता मारे गए। इसके अलावा ऑटिज़्म पीड़ित बच्चों के लिए एक क्लिनिक और केरमानशाह में एक अस्पताल भी क्षतिग्रस्त हुआ।
संयुक्त राष्ट्र के बयान में यह भी कहा गया कि इज़रायल ने जिन लक्ष्यों को निशाना बनाया, वहां अग्रिम चेतावनी नहीं दी गई, जिससे नागरिकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानी नहीं बरती गई — और यह “भेदभाव, अनुपातिकता और एहतियात” जैसे मानवीय सिद्धांतों के उल्लंघन की ओर इशारा करता है।
निष्कर्ष: युद्ध का अंत या अस्थायी विराम?
ट्रम्प भले ही इस युद्ध को समाप्त मान रहे हों, लेकिन ज़मीनी हालात और ईरान की प्रतिक्रिया यह दर्शाती है कि स्थिति अभी भी अस्थिर है। क्या यह केवल एक अस्थायी विराम है या वास्तव में किसी बड़े टकराव से बचाव का रास्ता — यह आने वाले 24 घंटे तय करेंगे।

