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यूएई : ट्रैफिक जाम से निजात की कोशिशें: मेट्रो विस्तार, सड़क सुधार- एतिहाद रेल के ज़रिए एक नई दिशा

मुस्लिम नाउ ब्यूरो, दुबई

यूएई जैसे तेज़ी से बढ़ते देश में ट्रैफिक जाम एक रोज़मर्रा की समस्या बन चुका है। भले ही यहाँ की हाईवे व्यवस्था विश्वस्तरीय हो — कहीं-कहीं तो 12 लेन तक की सड़कें हैं — फिर भी भीड़-भाड़ और वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। इसका सबसे बड़ा कारण है सस्ता पेट्रोल और कारों के प्रति लोगों की बढ़ती पसंद। आंकड़े बताते हैं कि दुबई की सड़कों पर 2024 में रोज़ाना लगभग 35 लाख वाहन चले, जिनमें से 60% कारों में केवल एक व्यक्ति सवार था।

हालाँकि यूएई सरकार इस समस्या को हल्के में नहीं ले रही। ट्रैफिक संकट से निपटने के लिए कई स्तरों पर काम हो रहा है — मेट्रो का विस्तार, सड़कें और फ्लाईओवर अपग्रेड, और सबसे अहम, देशभर में रेल नेटवर्क यानी एतिहाद रेल का निर्माण।

मेट्रो: शहरी जीवन की रफ्तार

दुबई मेट्रो, जो पहले से ही रेड और ग्रीन लाइनों के ज़रिए लाखों यात्रियों को सेवा दे रही है, अब ब्लू लाइन के साथ और अधिक क्षेत्रों को जोड़ने की तैयारी में है। दुबई ट्राम और पाम मोनोरेल के ज़रिए भी यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग मिल रहे हैं। यही नहीं, दुबई मेट्रो का उपयोग करने वाले यात्रियों की संख्या 2024 में 275.4 मिलियन तक पहुँच गई थी।

एतिहाद रेल: अमीरातों को जोड़ने की नई कड़ी

यूएई का बहुप्रतीक्षित एतिहाद रेल प्रोजेक्ट अगले वर्ष शुरू होने की उम्मीद है। इसके बाद अबू धाबी से फुजैरा तक की दूरी केवल दो घंटे में तय की जा सकेगी, जबकि अबू धाबी से दुबई की यात्रा सिर्फ आधे घंटे में पूरी होगी। यह इंटर-अमीरात ट्रैवल को एक नया रूप देगा, और सड़कों पर वाहनों का दबाव घटेगा।

सार्वजनिक परिवहन का विस्तार और चुनौती

अबू धाबी, दुबई, शारजाह, अजमान, रास अल खैमा और फुजैरा — सभी अमीरातों में स्थानीय सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क मौजूद हैं, जिसमें टैक्सी और इंटरसिटी बसें शामिल हैं। मगर बढ़ती आबादी और शहरीकरण के बीच इनकी क्षमता सीमित साबित हो रही है।

ट्रैफिक से जूझ रहे नागरिकों के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट एक व्यवहारिक समाधान बन सकता है, लेकिन उसके लिए बुनियादी ढांचे को और सशक्त बनाने की ज़रूरत है। रोडसेफ्टीयूएई के फाउंडर थॉमस एडेलमैन के अनुसार, “दुबई मेट्रो पहले से ही भीड़भाड़ का सामना कर रही है। अब ज़रूरत है और ज़्यादा मेट्रो और रेल लाइनों की, ख़ासकर शारजाह-दुबई जैसे इंटर-अमीरात रूट पर।”

नए जमाने के समाधान: एयर टैक्सी और अंडरग्राउंड ट्रैवल

अबू धाबी और दुबई में एयर टैक्सी प्रोजेक्ट्स तेज़ी से आकार ले रहे हैं। आर्चर एविएशन और जोबी एविएशन जैसी कंपनियाँ eVTOL (इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ एंड लैंडिंग) टेक्नोलॉजी पर काम कर रही हैं। वहीं, एलन मस्क की ‘The Boring Company’ के साथ दुबई में अंडरग्राउंड ट्रैवल सिस्टम की संभावनाएं भी तलाशी जा रही हैं।

इन तकनीकों से भविष्य के ट्रैफिक समाधान मिलने की उम्मीद है, लेकिन “लास्ट माइल कनेक्टिविटी” अब भी एक बड़ी चुनौती है। दुबई RTA ने मेट्रो नेटवर्क के साथ फीडर बसों को जोड़ने में सफलता पाई है — यही मॉडल एतिहाद रेल और एयर टैक्सी के लिए भी उपयोगी होगा।

संकट से समाधान की ओर: लचीले काम के घंटे, टोल और दोपहिया विकल्प

टोल सिस्टम जैसे दुबई का सालिक और अबू धाबी का दार्ब, कार उपयोग को हतोत्साहित करने के लिए लागू किए गए हैं, लेकिन असर सीमित रहा है। लचीले ऑफिस ऑवर्स और रिमोट वर्क की कोशिशें चल रही हैं, पर व्यापक नहीं हैं।

इधर, छोटे रूट के लिए लोग साइकिल और ई-स्कूटर का भी उपयोग कर रहे हैं, लेकिन गर्म मौसम और समर्पित लेन की कमी इन विकल्पों की राह रोकती है।

निष्कर्ष:

यूएई एक युवा देश है जो दुनिया की विकसित परिवहन व्यवस्था से प्रेरणा लेकर तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। हालांकि ट्रैफिक जाम अभी भी एक बड़ी समस्या है, लेकिन मेट्रो, रेल, ट्राम, वाटर टैक्सी और अब एयर टैक्सी जैसे विविध विकल्पों से यह देश आने वाले समय में शहरी मोबिलिटी का वैश्विक आदर्श बन सकता है। सरकार की योजनाओं, तकनीकी नवाचारों और नागरिकों के सहयोग से ही यूएई ट्रैफिक की इस जटिल पहेली को सुलझा पाएगा।