खाड़ी देशों में युद्ध का कोहराम: मिसाइल हमलों के बीच 52 हजार भारतीयों ने छोड़ा देश, अरब के घरों और अस्पतालों में पसरा सन्नाटा
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मुस्लिम नाउ ब्यूरो, दुबई
ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच छिड़ी जंग अब खाड़ी के शांत देशों की दहलीज तक आ गई है। जैसे किसी डूबती कश्ती से चूहे सबसे पहले भागते हैं, वैसे ही खाड़ी देशों (GCC) में काम करने वाले प्रवासी अब सुरक्षित ठिकानों की ओर दौड़ रहे हैं। यूएई और बहरीन में ईरानी मिसाइलों और ड्रोनों के गिरने की खबरों ने प्रवासियों में खौफ पैदा कर दिया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले एक हफ्ते में करीब 52 हजार से ज्यादा भारतीय नागरिक खाड़ी देशों को छोड़कर भारत लौट चुके हैं।
ईरानी राष्ट्रपति की ओर से अमेरिकी बेस को और अधिक निशाना बनाने की धमकी के बाद यह पलायन तेज हो गया है। जानकारों का मानना है कि जैसे-जैसे हवाई सेवाएं सुचारू होंगी, लौटने वालों की यह संख्या लाखों में पहुंच सकती है।
अरब देशों की अर्थव्यवस्था पर गहरा संकट
खाड़ी देशों की चकाचौंध के पीछे असल ताकत प्रवासी भारतीय हैं। घरों में खाना बनाने वाले रसोइये से लेकर, पशु फार्म संभालने वाले मजदूर और चमचमाते अस्पतालों की लाइफलाइन कही जाने वाली भारतीय नर्सें अब वापस घर लौट रही हैं। अगर यही सिलसिला जारी रहा तो अरब देशों के घरों से लेकर बाहर तक कामकाज ठप हो जाएगा। मजदूरों की कमी के कारण स्थानीय व्यवस्था चरमराने लगी है।
युद्ध का 9वां दिन: बहरीन और यूएई में हमले
रविवार को यह युद्ध अपने 9वें दिन में प्रवेश कर गया। बहरीन के गृह मंत्रालय ने पुष्टि की है कि मुहर्रक शहर में एक यूनिवर्सिटी की बिल्डिंग पर मिसाइल का मलबा गिरा है। इस घटना में तीन लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा बहरीन के एक वाटर प्लांट (डीसेलिनेशन प्लांट) पर ईरानी ड्रोन से हमला किया गया है। हालांकि प्रशासन का दावा है कि पानी की सप्लाई पर फिलहाल कोई असर नहीं पड़ा है।
उधर यूएई में भी हड़कंप मचा हुआ है। मिनिस्ट्री ऑफ इंटीरियर ने लोगों के मोबाइल पर इमरजेंसी अलर्ट जारी किए हैं। इसमें लोगों को खिड़कियों और दरवाजों से दूर रहने और तुरंत सुरक्षित इमारतों में शरण लेने की सलाह दी गई है।
भारत सरकार का मिशन ‘सुरक्षित घर वापसी’
भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने बताया कि 1 से 7 मार्च के बीच 52,000 से ज्यादा भारतीय सुरक्षित घर लौटे हैं। इनमें से 32,107 लोगों ने भारतीय एयरलाइंस का सहारा लिया। विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि उनकी पहली प्राथमिकता भारतीयों की सुरक्षा है।
मंत्रालय ने दिल्ली में एक स्पेशल कंट्रोल रूम बनाया है। इसके साथ ही खाड़ी के हर देश में भारतीय दूतावास 24×7 हेल्पलाइन चला रहे हैं। जिन जगहों पर कमर्शियल फ्लाइट्स बंद हैं, वहां लोगों को पास के एयरपोर्ट तक पहुंचने की सलाह दी गई है जहां से फ्लाइट ऑपरेशन चालू हैं।
दूतावास की सख्त हिदायत: वीडियो न बनाएं
अबू धाबी में भारतीय दूतावास ने भारतीयों के लिए एक जरूरी चेतावनी जारी की है। दूतावास ने कहा है कि लोग युद्ध वाली जगहों, एयरपोर्ट या सरकारी इमारतों की वीडियो न बनाएं। यूएई अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि बिना अनुमति वीडियो बनाने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दूतावास ने प्रवासियों को कुछ खास हिदायतें दी हैं:
- सायरन बजते ही सुरक्षित जगह पर जाएं।
- सोशल मीडिया पर मिसाइल के मलबे या धमाके की तस्वीरें साझा न करें।
- अगर कहीं कोई संदिग्ध चीज या मिसाइल का हिस्सा दिखे तो उसे छुएं नहीं।
- एयरपोर्ट के भीतर फोटोग्राफी बिल्कुल न करें।
फ्लाइट्स का क्या है हाल?
एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस मस्कट और जेद्दा जैसे सुरक्षित रूटों पर अपनी सेवाएं जारी रखे हुए हैं। हालांकि कुवैत, रियाद, दोहा और दम्माम के लिए एयर इंडिया की फ्लाइट्स 10 से 13 मार्च तक के लिए रद्द कर दी गई हैं। यूरोप और अमेरिका जाने वाली उड़ानों को अब लंबा चक्कर काटकर रोम या वियना के रास्ते भेजा जा रहा है।
प्रवासियों को सलाह दी गई है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी एयरलाइन की वेबसाइट पर फ्लाइट का स्टेटस जरूर चेक करें। एयर इंडिया एक्सप्रेस ने व्हाट्सएप नंबर (+91 63600 12345) भी जारी किया है जहां से यात्री मदद ले सकते हैं।
आगे क्या होगा?
ईरान के नए नेतृत्व और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की चेतावनियों ने पूरे इलाके को बारूद के ढेर पर बैठा दिया है। अरब देशों में रहने वाले भारतीयों के मन में अब एक ही सवाल है कि क्या उन्हें रुकना चाहिए या लौट जाना चाहिए। फिलहाल सरकार और एयरलाइंस का पूरा जोर लोगों को सुरक्षित निकालने पर है।
sorce : Gulf News

