शांति के नाम पर तबाही! ट्रंप की ईरान नीति पर अमेरिका में ही शुरू हुआ विरोध
मुस्लिम नाउ ब्यूरो, दुबई
अमेरिका का असली चेहरा अब दुनिया के सामने आ चुका है। यूक्रेन-रूस और भारत-पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता कर शांति की बात करने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद अब दुनिया को युद्ध की आग में झोंकने के लिए जिम्मेदार माने जा रहे हैं। ईरान पर इजरायल के साथ मिलकर की गई बमबारी और परमाणु स्तर की आक्रामकता के बाद न सिर्फ पश्चिम एशिया बल्कि खुद अमेरिका में ट्रंप के खिलाफ जबरदस्त विरोध प्रदर्शन शुरू हो चुके हैं। सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक लोग कह रहे हैं – “Trump must go…”
खुद परमाणु हथियारों से लैस अमेरिका और इजरायल अब ईरान को परमाणु शक्ति बनने से रोकने के नाम पर हमले कर रहे हैं। ट्रंप जिनके बारे में कभी यह अनुमान लगाया गया था कि वे नोबेल शांति पुरस्कार के दावेदार बन सकते हैं, अब उन्हें ‘मानवता के लिए खतरा’ कहा जा रहा है। रूस, चीन और ईरान के खिलाफ बढ़ती आक्रामकता के बीच अब तीसरे विश्व युद्ध (World War III) की चर्चा ज़ोर पकड़ चुकी है।
ट्रंप की नीतियों को लेकर अमेरिकी कांग्रेस तक में असंतोष है। कई सांसदों और विश्लेषकों का मानना है कि ईरान पर अचानक बमबारी कर ट्रंप ने वैश्विक शांति के नाम पर पाखंड किया है।
सोशल मीडिया पर लगातार ऐसे संदेश वायरल हो रहे हैं:
ईरान पर हमले के बाद अमेरिका में तनाव है और विरोध !
— Dr Maira (@MairaP_SpeakS) June 22, 2025
बर्नी सैंडर्स ने ट्रंप द्वारा ईरान पर किए गए हमले को "पूरी तरह से असंवैधानिक" बताया। राष्ट्रपति के पास ऐसा करने का कोई अधिकार नहीं है।
अब ट्रंप इस विद्रोह को रोकेगा या ईरान की मिसाइलों को ?pic.twitter.com/jl9LwSPh9w
🗣 @सत्यमइनसाइट1 लिखते हैं –
“ट्रंप बोले – आज रात हमने बड़ी सफलता हासिल की। अब इजरायल सुरक्षित है।”
वास्तविकता – ईरान की मिसाइलों से जल रहा है तेलअवीव।”
🗣 @Usmanriaz181 का कहना है –
“ट्रंप एक आतंकवादी है। ईरान पर हमला निंदनीय है। अमेरिका को मौत दो!”
🗣 @HansrajMeena लिखते हैं –
“ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिका की बमबारी बेहद निंदनीय है। ट्रंप मानवता के लिए सबसे बड़ा ख़तरा हैं।”
ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिका की बमबारी बेहद निंदनीय है। शांति के नाम पर जंग की आग में घी डालना दुनिया को विनाश की ओर ले जा रहा है। ट्रंप जैसे नेता शांति के नहीं, बल्कि मानवता के लिए सबसे बड़ा ख़तरा हैं। #WorldWar3 pic.twitter.com/bPvH3Mif05
— Hansraj Meena (@HansrajMeena) June 22, 2025
🗣 @kamalraj_0007 कहते हैं –
“जो राष्ट्रपति शांति के लिए नोबेल की उम्मीद रखता था, वही अब जंग का सबसे बड़ा पैरोकार बन गया है। यह अद्भुत पाखंड है।”
🗣 @TellingRavindra ने ट्वीट किया –
“अमेरिका में ट्रंप का भारी विरोध शुरू! सड़कों पर गूंज रहे हैं नारे – ‘Trump must go…'”
ओवैसी का दर्द भरा बयान
— Amrendra Bahubali 🇮🇳 (@TheBahubali_IND) June 22, 2025
अमेरिका का ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर हमला
अमेरिका के इस हमले ने नेतन्याहू की मदद की है
जो फिलिस्तीनियों का कसाई है
पाकिस्तानियों बताओ क्या ट्रम्प को नोबेल शांति
पुरस्कार मिलना चाहिए.?
अब शांतिदूत धर्मसंकट में है
गाजा का सपोर्ट करे या पकिस्तान का 😅 pic.twitter.com/MFbIYLdvR6
इस पूरे घटनाक्रम ने मध्यपूर्व को एक बार फिर भयंकर अस्थिरता की ओर धकेल दिया है। ईरान की ओर से अब तक 30 घंटे की खामोशी के बाद मिसाइलों की झड़ी से जवाब दिया गया है। सवाल अब यही है – क्या यह जवाबी कार्रवाई है या वाकई तीसरे विश्व युद्ध की शुरुआत?

