ट्रम्प ने ईरान को चेताया: “शांति या तबाही”, परमाणु ठिकानों पर हमलों के बाद विशेष संबोधन
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तेहरान, वाशिंगटन, तेल अवीव
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रविवार तड़के एक विशेष संबोधन में कहा कि अमेरिका ने ईरान के तीन प्रमुख परमाणु ठिकानों — फोर्दो, नतांज़ और इस्फहान — पर हवाई हमले कर उन्हें “पूरी तरह नष्ट” कर दिया है। इसके बाद ट्रम्प ने ईरान को चेताया कि अगर उसने प्रतिशोध लिया, तो अमेरिका “गति, कौशल और सटीकता” से और भी ठिकानों को निशाना बनाएगा।
ट्रम्प ने कहा: “अब या तो शांति होगी या ईरान के लिए ऐसी तबाही, जैसी पहले कभी नहीं देखी गई।”
फॉक्स न्यूज होस्ट शॉन हैनिटी के अनुसार, फोर्दो संयंत्र पर B-2 स्टील्थ बॉम्बर्स से छह बंकर बस्टर बम गिराए गए, जबकि नतांज़ और इस्फहान पर अमेरिकी पनडुब्बियों से 30 टॉमहॉक मिसाइलें दागी गईं।
ट्रम्प ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा,
“हमारा मिशन सफल रहा, सभी विमान सुरक्षित हैं। यह अमेरिका, इज़रायल और पूरी दुनिया के लिए ऐतिहासिक क्षण है। ईरान को अब यह युद्ध समाप्त करना ही होगा।”
ईरान की प्रतिक्रिया
ईरान की परमाणु ऊर्जा संस्था ने हमलों की पुष्टि की, लेकिन कहा कि उनका परमाणु कार्यक्रम रुकेगा नहीं। विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा,
“संयुक्त राष्ट्र का स्थायी सदस्य होने के बावजूद अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और NPT का घोर उल्लंघन किया है। यह आक्रोशजनक है और इसके दीर्घकालिक परिणाम होंगे।”
ईरान ने कहा कि वह “संप्रभुता की रक्षा के लिए सभी विकल्प सुरक्षित रखता है।”
इज़रायल की प्रतिक्रिया
इज़रायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्रम्प के फैसले को “ऐतिहासिक और साहसी” बताते हुए कहा,
“आपके फैसले से इतिहास बदलेगा। अमेरिका ने वह किया है जो कोई और देश नहीं कर सकता।”
इज़रायली सेना ने कहा कि उसने ईरान के एक परमाणु अनुसंधान केंद्र पर हमला किया और तीन वरिष्ठ ईरानी कमांडरों को मार गिराया।
सुरक्षा और विमानन पर असर
- इज़रायल ने अपने एयरस्पेस को बंद कर दिया है।
- ईरानी टीवी ने इज़रायल पर 30 नई मिसाइलों की बौछार की जानकारी दी है।
- एयरलाइंस ने पूरे पश्चिम एशिया के हवाई क्षेत्र से उड़ानों को हटाया है।
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख की चिंता
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेस ने इस घटनाक्रम को “बेहद खतरनाक वृद्धि” बताया।
“यह संघर्ष बहुत जल्द नियंत्रण से बाहर हो सकता है, जिसके नागरिकों, क्षेत्र और पूरी दुनिया के लिए भयावह परिणाम हो सकते हैं।”
अमेरिकी राजनीति में हलचल
- ट्रम्प के इस निर्णय को रिपब्लिकन सांसदों का समर्थन मिला है। सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने लिखा, “शानदार काम, राष्ट्रपति ट्रम्प।”
- हाउस स्पीकर माइक जॉनसन ने कहा, “यह सैन्य कार्रवाई ट्रम्प के इरादों का स्पष्ट संदेश है — वह जो कहते हैं, करते हैं।”
ट्रम्प का अंतिम संदेश
“हमें पता है ‘सुप्रीम लीडर’ कहाँ छिपा है। वह आसान लक्ष्य है… लेकिन अभी हम उसे निशाना नहीं बना रहे हैं – कम से कम अभी नहीं।”
विश्लेषण:
ट्रम्प द्वारा ईरान पर सीधा हमला, जो सात साल पहले 2018 में परमाणु समझौते से अमेरिका को अलग करने के निर्णय के बाद सबसे आक्रामक कदम है, अब पश्चिम एशिया को एक विस्तृत युद्ध के कगार पर ले जा रहा है।
📌 क्या यह ट्रम्प की विदेश नीति में निर्णायक मोड़ है या चुनावी रणनीति का हिस्सा? और क्या ईरान की प्रतिक्रिया पूरे क्षेत्र को युद्ध में झोंक देगी? आने वाले दिन बहुत निर्णायक होंगे।

