अमेरिका और ईरान के बीच ऐतिहासिक अंतरिम समझौता: इजरायली मीडिया ने किया सभी 12 गुप्त शर्तें लीक
मुस्लिम नाउ ब्यूरो, नई दिल्ली
पश्चिम एशिया (Middle East) की भू-राजनीति में इस समय एक बहुत बड़ा और अप्रत्याशित उलटफेर देखने को मिल रहा है। लंबे समय से एक-दूसरे के कड़े दुश्मन रहे अमेरिका और ईरान ने आखिरकार तनाव को कम करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। दोनों देशों ने आपसी सहमति से एक 60 दिनों के अंतरिम समझौते यानी समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इस बेहद गोपनीय समझौते के तहत दोनों महाशक्तियां एक स्थायी युद्धविराम (Permanent Ceasefire) पर सहमत हो गई हैं।
इस समझौते का असर भी तुरंत जमीन पर दिखने लगा है। समझौते पर हस्ताक्षर होते ही ईरान ने वैश्विक व्यापार के लिए सबसे महत्वपूर्ण माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को सभी वाणिज्यिक जहाजों के लिए पूरी तरह खोल दिया है। इसके जवाब में अमेरिका ने भी ईरान के खिलाफ की गई अपनी सख्त नौसैनिक नाकाबंदी (Naval Blockade) को हटा लिया है। हालांकि दोनों देशों की सरकारों ने इस समझौते की शर्तों और नियमों को पूरी तरह गुप्त रखने का फैसला किया था, लेकिन इजरायल के प्रमुख मीडिया चैनल ‘चैनल-12’ (Channel 12) ने इस गुप्त दस्तावेज को लीक कर दिया है। इजरायली मीडिया ने उन सभी 12 गुप्त शर्तों को सार्वजनिक कर दिया है, जिन पर वाशिंगटन और तेहरान के बीच सहमति बनी है।
इजरायली मीडिया द्वारा लीक की गई समझौते की सभी 12 शर्तें:
1. आक्रामक व्यवहार पर पूर्ण रोक ईरान, संयुक्त राज्य अमेरिका और उसके सभी सहयोगी देश लेबनान सहित दुनिया के हर कोने में एक-दूसरे के खिलाफ सभी प्रकार के सैन्य, कूटनीतिक या शत्रुतापूर्ण व्यवहार को तुरंत प्रभाव से बंद कर देंगे।
2. परमाणु हथियार न बनाने का संकल्प ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने अपनी पुरानी प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया है कि वह भविष्य में कभी भी परमाणु हथियार (Nuclear Weapons) विकसित नहीं करेगा और न ही उन्हें हासिल करने का प्रयास करेगा।
3. समृद्ध यूरेनियम भंडार का निपटारा संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान इस बात पर पूरी तरह सहमत हो गए हैं कि ईरान के पास मौजूद समृद्ध यूरेनियम (Enriched Uranium) के मौजूदा भंडार को हटाने और उसके सुरक्षित निपटारे के मुद्दे को बातचीत के जरिए जल्द से जल्द सुलझाया जाएगा।
4. यूरेनियम संवर्धन पर खुली चर्चा दोनों देश आने वाले दिनों में यूरेनियम संवर्धन (Uranium Enrichment) की सीमाओं और ईरान की शांतिपूर्ण परमाणु आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एक व्यावहारिक ढांचे पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
5. परमाणु कार्यक्रम पर यथास्थिति जब तक दोनों देशों के बीच अंतिम समझौते को लेकर कूटनीतिक वार्ता जारी रहेगी, तब तक ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को मौजूदा स्तर पर ही रोक कर रखेगा और उसमें कोई नया विस्तार नहीं करेगा।
6. नौसैनिक नाकाबंदी और नए प्रतिबंधों पर रोक अंतिम समझौते के लिए चलने वाली बातचीत के दौरान अमेरिका फारस की खाड़ी से अपनी नौसैनिक नाकाबंदी हटा लेगा। इसके साथ ही वाशिंगटन ईरान पर कोई भी नया आर्थिक प्रतिबंध नहीं लगाएगा और न ही इस क्षेत्र में अपनी सैन्य उपस्थिति को और बढ़ाएगा।
7. होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित आवागमन ईरान अगले 60 दिनों की अवधि तक होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक जहाजों और तेल टैंकरों के निर्बाध और सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक और सुरक्षात्मक उपाय करेगा।
8. फ्रीज किए गए फंड और संपत्तियों की बहाली संयुक्त राज्य अमेरिका ने आधिकारिक तौर पर यह वादा किया है कि इस अंतरिम समझौते के लागू होते ही दुनिया भर के बैंकों में मौजूद ईरान के सभी जमे हुए धन (Frozen Funds) और रोकी गई संपत्तियों को तुरंत बहाल और जारी कर दिया जाएगा।
9. अमेरिकी सैनिकों की वापसी और प्रतिबंधों का खात्मा यदि दोनों देश अगले दो महीनों में किसी अंतिम और स्थायी समझौते पर पहुंच जाते हैं, तो अमेरिका अगले 30 दिनों के भीतर क्षेत्र से अपने सैनिकों को वापस बुला लेगा और ईरान पर लगे सभी पुराने आर्थिक प्रतिबंधों को हमेशा के लिए हटा देगा।
10. ईरान के पुनरुद्धार के लिए $300 बिलियन का फंड इस शांति समझौते के सबसे बड़े वित्तीय प्रावधान के तहत, किसी भी अंतिम समझौते में युद्ध और प्रतिबंधों से प्रभावित ईरान के बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण के लिए 300 अरब डॉलर (300 Billion Dollars) का एक विशाल अंतरराष्ट्रीय कोष बनाने की योजना शामिल की जाएगी।
11. तेल बेचने के लिए अमेरिका से विशेष छूट वाशिंगटन इस वार्ता अवधि के दौरान अस्थाई रूप से तेहरान को आर्थिक प्रतिबंधों से एक विशेष पास (छूट) प्रदान करेगा। इसके जरिए ईरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में बिना किसी कानूनी बाधा के अपना कच्चा तेल (Crude Oil) बेच सकेगा ताकि उसकी अर्थव्यवस्था को सहारा मिल सके।
12. ओमान के साथ समुद्री नियमों पर वार्ता फारस की खाड़ी के अन्य पड़ोसी देशों की प्रत्यक्ष उपस्थिति में ईरान और ओमान के बीच जहाजरानी (Shipping) और समुद्री सेवाओं के नए नियमों व विनियमों को निर्धारित करने के लिए एक विशेष कूटनीतिक वार्ता आयोजित की जाएगी।
वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल बाजार को मिलेगी बड़ी राहत
विशेषज्ञों का मानना है कि चैनल-12 और ईरान इंटरनेशनल द्वारा लीक की गई ये शर्तें यदि पूरी तरह जमीन पर लागू होती हैं, तो इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को एक बहुत बड़ी संजीवनी मिलेगी। पिछले कई महीनों से फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी तनाव के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित हो रही थी, जिससे दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही थीं।
अब ईरान द्वारा व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने और अमेरिका द्वारा तेल बिक्री पर अस्थाई छूट देने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से नीचे आ सकती हैं। इससे भारत सहित उन सभी विकासशील देशों को बड़ी राहत मिलेगी जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए भारी मात्रा में कच्चे तेल का आयात करते हैं।
इजरायल की बढ़ी चिंताएं
इस गुप्त समझौते के लीक होने से इजरायल के राजनीतिक और सैन्य गलियारों में भारी बेचैनी देखी जा रही है। इजरायल हमेशा से ईरान के परमाणु कार्यक्रम का कड़ा विरोधी रहा है और वह तेहरान पर किसी भी तरह की नरमी बरतने के खिलाफ है। इजरायली विश्लेषकों का मानना है कि $300 बिलियन का पुनर्निर्माण फंड और तेल बेचने की छूट मिलने से ईरान की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, जिसका इस्तेमाल वह मध्य पूर्व में अपने सहयोगी संगठनों को मजबूत करने के लिए कर सकता है। यही वजह है कि इजरायली मीडिया ने इस समझौते की गोपनीयता को भंग करते हुए इसकी सभी शर्तों को दुनिया के सामने उजागर कर दिया है ताकि अमेरिकी प्रशासन पर दबाव बनाया जा सके। आने वाले 60 दिन वैश्विक शांति और कूटनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण होने वाले हैं।

