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तैराकी से आत्मनिर्भर बनेंगी एएमयू की छात्राएं

मुस्लिम नाउ ब्यूरो, अलीगढ़

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के वीमेंस कॉलेज में अब छात्राएं अंतरराष्ट्रीय स्तर की स्विमिंग सुविधा का लाभ उठा सकेंगी। लंबे इंतजार के बाद कॉलेज के स्विमिंग पूल में तैराकी गतिविधियों की औपचारिक शुरुआत हो गई है। एएमयू की कुलपति प्रो. नईमा खातून ने 15 मई को इस सुविधा का उद्घाटन किया और इसे छात्राओं के आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम बताया।

कार्यक्रम में मौजूद छात्राओं और शिक्षकों को संबोधित करते हुए प्रो. नईमा खातून ने कहा कि तैराकी सिर्फ एक खेल नहीं है बल्कि यह आत्मविश्वास बढ़ाने का जरिया भी है। उन्होंने कहा कि जीवन के हर क्षेत्र में आत्मविश्वास की जरूरत होती है और स्विमिंग जैसी गतिविधियां युवाओं को मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाती हैं।

कुलपति ने कहा कि वीमेंस कॉलेज में तैयार किया गया ओलंपिक आकार का स्विमिंग पूल छात्राओं को सुरक्षित माहौल में अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधा देने के मकसद से विकसित किया गया है। उन्होंने कहा कि किसी भी छात्रा को अपनी प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए संसाधनों की कमी महसूस नहीं होनी चाहिए। यूनिवर्सिटी का प्रयास है कि छात्राओं को पढ़ाई के साथ खेल और फिटनेस में भी बेहतर अवसर मिलें।

अपने संबोधन में प्रो. नईमा खातून ने एएमयू के इतिहास का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एएमयू के संस्थापकों में शामिल शेख अब्दुल्ला, जिन्हें प्यार से पापा मियां कहा जाता है, का सपना था कि लड़कियां भी आधुनिक शिक्षा और खेल सुविधाओं से जुड़ें। वह चाहते थे कि एएमयू की छात्राएं ब्रिटेन की छात्राओं की तरह तैराकी सीखें। कुलपति ने कहा कि आज इस स्विमिंग सुविधा के शुरू होने के साथ उनका सपना सच होता दिखाई दे रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि स्विमिंग का असर सिर्फ शरीर तक सीमित नहीं रहता। यह मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी बेहद फायदेमंद है। तनाव, चिंता और अवसाद जैसी समस्याओं को कम करने में तैराकी मदद करती है। साथ ही एकाग्रता बढ़ाने और फिटनेस सुधारने में भी इसका अहम योगदान होता है। उन्होंने शिक्षकों और छात्राओं से इस सुविधा का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करने की अपील की।

कार्यक्रम में मौजूद एएमयू के प्रो वाइस चांसलर प्रो. मोहम्मद मोहसिन खान ने कहा कि तैराकी एक जरूरी जीवन कौशल भी है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ प्रतियोगी खेल नहीं बल्कि सुरक्षा और आत्मनिर्भरता से भी जुड़ा विषय है। कई बार जीवन में ऐसी परिस्थितियां आ सकती हैं जहां तैराकी का ज्ञान बेहद उपयोगी साबित हो। उन्होंने यूनिवर्सिटी प्रशासन और वीमेंस कॉलेज प्रबंधन की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल छात्राओं के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्रतीक्षा सिंह जादौन ने कहा कि युवा महिलाओं के लिए खेल गतिविधियां बेहद जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि स्विमिंग जैसी गतिविधियां अनुशासन, आत्मविश्वास और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देती हैं। उनका मानना है कि आज के समय में लड़कियों का खेलों से जुड़ना बहुत जरूरी है ताकि वे मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बन सकें।

वीमेंस कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. मसूद अनवर अलवी ने कुलपति का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि तैराकी सिर्फ शरीर को मजबूत नहीं बनाती बल्कि यह छात्रों में धैर्य, अनुशासन और आत्मविश्वास भी विकसित करती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में एएमयू की छात्राएं तैराकी में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाएंगी।

यूनिवर्सिटी गेम्स कमेटी के सचिव प्रो. यूसुफ उज जमां खान ने स्विमिंग पूल की विशेषताओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह पूल 50 गुणा 25 मीटर के ओलंपिक आकार का है। छात्राओं की सुरक्षा और प्रशिक्षण के लिए यहां दो महिला कोच और दो लाइफगार्ड नियुक्त किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया गया है कि छात्राओं को सुरक्षित माहौल में प्रशिक्षण मिले।

यूनिवर्सिटी स्विमिंग क्लब के अध्यक्ष प्रो. फजल उर रहमान ने इस सुविधा को शुरू करने में सहयोग देने वाले विभागों का आभार जताया। उन्होंने यूनिवर्सिटी बिल्डिंग डिपार्टमेंट और लैंड एंड गार्डन विभाग की भूमिका की सराहना की। उनके मुताबिक इन विभागों के सहयोग के बिना इस परियोजना को पूरी तरह शुरू करना संभव नहीं था।

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। छात्राएं सुमैया, जावेरिया और ज़ायना ने स्विमिंग स्किल्स का प्रदर्शन कर मौजूद लोगों की खूब सराहना बटोरी। उनकी प्रस्तुति ने यह संकेत दिया कि आने वाले समय में एएमयू की छात्राएं तैराकी में नई उपलब्धियां हासिल कर सकती हैं।

इस अवसर पर यूनिवर्सिटी के कई वरिष्ठ अधिकारी और शिक्षाविद भी मौजूद रहे। इनमें रजिस्ट्रार प्रो. मोहम्मद आसिम जफर, प्रॉक्टर प्रो. मोहम्मद नवेद खान, अब्दुल्ला हॉल की प्रोवोस्ट प्रो. शीबा जिलानी, जनसंपर्क कार्यालय की प्रभारी प्रो. विभा शर्मा, जिमखाना क्लब की अध्यक्ष और डिप्टी प्रॉक्टर प्रो. इफ्फत असगर, यूनिवर्सिटी लाइब्रेरियन प्रो. निशात फातिमा, लैंड एंड गार्डन विभाग के प्रभारी प्रो. अनवर शहजाद और एएमयू सीनियर सेकेंडरी स्कूल गर्ल्स की प्रिंसिपल नगमा इरफान शामिल रहीं।

कार्यक्रम का संचालन अमीना बेग ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. नाजिया खान ने प्रस्तुत किया।

एएमयू वीमेंस कॉलेज में स्विमिंग गतिविधियों की शुरुआत को सिर्फ एक खेल सुविधा के रूप में नहीं देखा जा रहा। इसे लड़कियों को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। ऐसे समय में जब महिलाओं की खेलों में भागीदारी लगातार बढ़ रही है, एएमयू की यह पहल नई संभावनाओं का रास्ता खोल सकती है।

यह कदम उन छात्राओं के लिए भी प्रेरणा बन सकता है जो खेलों में आगे बढ़ना चाहती हैं लेकिन अवसरों की कमी महसूस करती हैं। अब एएमयू की बेटियां पढ़ाई के साथ पानी में भी अपनी नई पहचान बनाने के लिए तैयार दिख रही हैं।