एशिया कप 2025: भारत ने पाकिस्तान को हराया, हाथ न मिलाने पर विवाद
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मुस्लिम नाउ ब्यूरो, दुबई
दुबई में खेले गए एशिया कप ग्रुप ए मुकाबले में भारत ने अपने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को सात विकेट से मात देकर एक बार फिर साबित कर दिया कि मैदान पर उसका दबदबा कायम है। मैच से पहले और बाद में दोनों टीमों के बीच खेल भावना की कमी भी साफ झलकी। भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने इस जीत को सशस्त्र बलों और पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों को समर्पित करते हुए कहा कि उनकी टीम केवल खेल ही नहीं, बल्कि देश की भावनाओं का भी प्रतिनिधित्व कर रही है।
टॉस पर भी नहीं मिला हाथ
आमतौर पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में टॉस के समय दोनों कप्तानों के बीच हाथ मिलाना परंपरा है, लेकिन दुबई में इसका नज़ारा बिल्कुल अलग था। भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव और पाकिस्तानी कप्तान सलमान अली आगा ने एक-दूसरे से हाथ मिलाने से परहेज किया और नज़रें भी नहीं मिलाईं। मैच खत्म होने के बाद भी भारतीय खिलाड़ियों ने कतार में खड़े पाकिस्तानी खिलाड़ियों से पारंपरिक हैंडशेक करने से इनकार कर दिया।
पाकिस्तानी टीम मैनेजर नवीद अकरम चीमा ने इस पर नाराज़गी जताते हुए कहा कि भारतीय खिलाड़ियों का यह रवैया खेल भावना के खिलाफ है। उन्होंने मैच रेफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट के खिलाफ औपचारिक शिकायत भी दर्ज कराई। वहीं, पाकिस्तानी कप्तान सलमान आगा ने विरोधस्वरूप समापन समारोह का बहिष्कार कर दिया।

भारत का स्पष्ट संदेश
भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने बाद में मीडिया से साफ किया कि हाथ न मिलाने का फैसला सोच-समझकर लिया गया था। उन्होंने कहा, “हमने यह फैसला इसलिए लिया क्योंकि कुछ चीजें खेल भावना से भी बड़ी होती हैं। हम पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ खड़े हैं। यह जीत भारतीय सशस्त्र बलों को समर्पित है जिन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में शौर्य दिखाया।”
सूर्यकुमार ने आगे कहा कि टीम ने बीसीसीआई और सरकार के निर्णयों के साथ तालमेल रखते हुए यह कदम उठाया। यह पहला मौका था जब अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले और उसके बाद की जवाबी सैन्य कार्रवाई के बाद भारत-पाकिस्तान किसी क्रिकेट मैच में आमने-सामने आए।

पाकिस्तान की कमजोर बल्लेबाज़ी
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तानी टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। पारी की पहली ही कानूनी गेंद पर सलामी बल्लेबाज़ सैम अयूब हार्दिक पांड्या की गेंद पर बुमराह के हाथों कैच आउट हो गए। इसके बाद मोहम्मद हारिस भी लंबे समय तक टिक नहीं पाए और सिर्फ 3 रन बनाकर पवेलियन लौट गए।
टीम ने महज़ 6 रन पर दो विकेट गंवा दिए। इसके बाद शाहिबज़ादा फरहान और फखर ज़मान ने तीसरे विकेट की साझेदारी से पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन ज़मान भी 15 गेंदों पर 13 रन बनाकर चलते बने।
फरहान ने संयम के साथ बल्लेबाजी करते हुए 44 गेंदों पर 40 रन बनाए, लेकिन उन्हें किसी साथी बल्लेबाज़ का सहयोग नहीं मिला। बीच के ओवरों में सलमान अली आगा, हसन नवाज़ और मोहम्मद नवाज़ जैसे बल्लेबाज़ जल्दी-जल्दी आउट होते रहे।
अंत में शाहीन अफरीदी ने एक बार फिर अपनी पावर हिटिंग का नमूना पेश किया। उन्होंने मात्र 16 गेंदों पर चार छक्कों की मदद से नाबाद 33 रन बनाए और पाकिस्तान को 20 ओवरों में 9 विकेट पर 127 रन तक पहुँचाया।
भारतीय गेंदबाज़ों का कमाल
भारतीय गेंदबाज़ों ने सधी हुई गेंदबाजी की। जसप्रीत बुमराह ने शुरुआती झटके दिए, वहीं हार्दिक पांड्या ने भी अहम विकेट लिए। कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव ने लगातार दूसरे मैच में शानदार प्रदर्शन किया और ‘प्लेयर ऑफ़ द मैच’ बने। उन्होंने कहा, “मैंने कुछ अलग नहीं किया। बस रणनीति पर अमल किया और बल्लेबाज़ की कमजोरी के हिसाब से गेंदबाजी की। हर मैच के साथ बेहतर बनने की कोशिश करता हूँ।”
छोटे लक्ष्य का पीछा आसान
128 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने आक्रामक शुरुआत की। शुभमन गिल ने कुछ अच्छे शॉट लगाए लेकिन जल्द ही आउट हो गए। इसके बाद अभिषेक शर्मा ने दिखा दिया कि वह क्यों आईसीसी टी20 रैंकिंग में नंबर 1 बल्लेबाज़ हैं। उन्होंने शाहीन अफरीदी और अयूब पर ताबड़तोड़ शॉट लगाए और महज़ 13 गेंदों पर 31 रन बनाए।
हालाँकि, वह लंबी पारी नहीं खेल पाए और फहीम अशरफ की गेंद पर कैच आउट हो गए। लेकिन तब तक भारत ने जीत की बुनियाद रख दी थी।
कप्तान सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा ने पारी को आगे बढ़ाया और टीम को 15.5 ओवर में लक्ष्य तक पहुँचा दिया। सूर्यकुमार 37 गेंदों पर नाबाद 47 रन बनाकर लौटे।

मैच के बाद की प्रतिक्रियाएँ
मैच के बाद सूर्यकुमार यादव ने कहा, “यह जीत मेरे जन्मदिन पर देशवासियों के लिए रिटर्न गिफ्ट है। लेकिन असली गिफ्ट हमने अपने सशस्त्र बलों को दिया है। वे हमें हमेशा प्रेरित करते हैं और हम चाहते हैं कि हमारे प्रदर्शन से उन्हें गर्व महसूस हो।”
उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबला भी किसी और टीम के मुकाबले की तरह ही है। “हम हर मैच में समान रणनीति के साथ उतरते हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार मैदान से बाहर की परिस्थितियाँ अलग थीं।”
पाकिस्तानी कोच माइक हेसन ने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों का रवैया असामान्य था, लेकिन पाकिस्तान की प्रतिक्रिया भी स्वाभाविक थी। उन्होंने माना कि उनकी टीम का बल्लेबाजी प्रदर्शन उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा।
भारत की नई खेल नीति का असर
इस मैच का महत्व इसलिए भी बढ़ गया क्योंकि हाल ही में भारत सरकार ने नई खेल नीति की घोषणा की है। इसके तहत भारतीय टीमें और खिलाड़ी पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय सीरीज़ में हिस्सा नहीं लेंगे। हालांकि बहुपक्षीय टूर्नामेंट जैसे एशिया कप या वर्ल्ड कप में दोनों टीमें आमने-सामने हो सकती हैं।
इस नीति ने भारतीय खिलाड़ियों के पाकिस्तान जाने और पाकिस्तान की टीमों या खिलाड़ियों की मेजबानी पर भी रोक लगा दी है। ऐसे में यह मुकाबला सिर्फ क्रिकेट मैच नहीं बल्कि दोनों देशों के बदलते रिश्तों का प्रतीक भी बन गया।
निष्कर्ष
भारत ने एशिया कप 2025 के इस हाई-प्रोफाइल मुकाबले में पाकिस्तान को एकतरफा अंदाज़ में हराया। मैदान पर टीम इंडिया का प्रदर्शन बेहतरीन रहा, वहीं मैदान के बाहर खिलाड़ियों ने देश के साथ अपनी एकजुटता दिखाने का फैसला किया। यह जीत क्रिकेट से कहीं आगे बढ़कर उस संदेश की तरह रही जो आतंकवाद के खिलाफ भारत की सामूहिक भावना और सशस्त्र बलों के सम्मान को दर्शाती है।

