जामिया हमदर्द में ‘पहला भारत एआई मिशन चैप्टर’ लॉन्च, शोध को मिलेगा आयाम
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मुस्लिम नाउ ब्यूरो, नई दिल्ली।
राजधानी स्थित Jamia Hamdard के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग तथा स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग साइंसेज़ एंड टेक्नोलॉजी (SEST) में 18 फरवरी 2026 को एक ऐतिहासिक पहल के तहत “पहला भारत एआई मिशन चैप्टर” का औपचारिक उद्घाटन किया गया। यह चैप्टर भारत एआई मिशन और एडुपिरामिड्स के संयुक्त सहयोग से स्थापित किया गया है। कार्यक्रम का आयोजन भारत एआई मिशन एवं EduPyramids द्वारा, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन यूनानी मेडिसिन और CTSI, जामिया हमदर्द के सहयोग से किया गया।
इस गरिमामय अवसर पर जामिया हमदर्द के कुलपति प्रो. एम. अफशार आलम की उपस्थिति में चैप्टर का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में भारत एआई मिशन के संस्थापक रचित गुप्ता, स्पोकन ट्यूटोरियल, EduPyramids, SINE, IIT बॉम्बे की सीनियर एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट आकांक्षा सैनी, भारत एआई मिशन के राहुल कनौई, डॉ. दिव्या सिंह और कीर्ति गुप्ता सहित कई प्रमुख शिक्षाविद और विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
इसके अलावा SEST की डीन एवं सीएसई विभागाध्यक्ष प्रो. पारुल अग्रवाल, CTSI की निदेशक प्रो. मायमोना अख्तर, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन यूनानी मेडिसिन के निदेशक प्रो. सईद अहमद, पहले भारत एआई चैप्टर की फैकल्टी कोऑर्डिनेटर डॉ. शिरीन जफर, फैकल्टी सदस्य, कोर स्टूडेंट टीम और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं कार्यक्रम में मौजूद रहे।

छात्रों के लिए कक्षा से बाहर सीखने का अवसर
भारत एआई मिशन चैप्टर का शुभारंभ जामिया हमदर्द के शैक्षणिक और शोध पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाने की दिशा में एक दूरदर्शी कदम माना जा रहा है। इस पहल के माध्यम से छात्रों को पारंपरिक कक्षाओं से आगे बढ़कर अनुभवात्मक शिक्षण के अवसर मिलेंगे।
चैप्टर के तहत एआई वर्कशॉप, हैकाथॉन, मेंटरशिप प्रोग्राम, लाइव प्रोजेक्ट्स और उद्योग जगत के साथ संवाद जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन गतिविधियों से छात्रों में आलोचनात्मक सोच, नवाचार की क्षमता और रोजगारोन्मुख कौशल का विकास होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलावों के बीच इस तरह की पहल छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में अहम भूमिका निभाएगी।

फैकल्टी के लिए शोध सहयोग का मंच
यह चैप्टर न केवल छात्रों बल्कि शिक्षकों के लिए भी एक सशक्त मंच प्रदान करेगा। इसके माध्यम से शोध सहयोग को बढ़ावा मिलेगा, पाठ्यक्रम को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप समृद्ध किया जा सकेगा और उद्योग तथा राष्ट्रीय पहलों के साथ ज्ञान-विनिमय को गति मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि एआई केवल तकनीकी प्रगति का माध्यम नहीं है, बल्कि यह स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और पारंपरिक चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में भी परिवर्तनकारी भूमिका निभा सकता है। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन यूनानी मेडिसिन और CTSI के सहयोग से एआई के माध्यम से अनुसंधान और नवाचार को नई दिशा देने की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी।

नैतिक और सुरक्षित एआई उपयोग की शपथ
कार्यक्रम की एक विशेष उपलब्धि यह रही कि उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने सुरक्षित और नैतिक एआई उपयोग की शपथ ली। इस पहल का उद्देश्य तकनीकी प्रगति के साथ-साथ जिम्मेदार और नैतिक दृष्टिकोण को भी बढ़ावा देना है।
वक्ताओं ने कहा कि एआई के क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए डेटा सुरक्षा, गोपनीयता और सामाजिक उत्तरदायित्व को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

नवाचार संस्कृति को मिलेगा बल
भारत एआई चैप्टर की स्थापना से SEST की शैक्षणिक नेतृत्व क्षमता को मजबूती मिलेगी और परिसर में नवाचार की सजीव संस्कृति का विकास होगा। यह पहल जामिया हमदर्द के छात्रों और शिक्षकों को तकनीकी प्रगति और राष्ट्र निर्माण में सार्थक योगदान के लिए तैयार करेगी।
समापन सत्र में वक्ताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि यह चैप्टर जामिया हमदर्द को एआई शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में एक अग्रणी संस्थान के रूप में स्थापित करने में सहायक सिद्ध होगा।

इस प्रकार, “पहला भारत एआई मिशन चैप्टर” का शुभारंभ जामिया हमदर्द के लिए एक मील का पत्थर साबित हुआ, जिसने अकादमिक उत्कृष्टता, नवाचार और राष्ट्रीय विकास के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को और मजबूत किया।

