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सऊदी अरब के दो एयरपोर्ट पर हूती हमला, तीन विदेशी नागरिकों की मौत

रियाद:

सऊदी अरब में दो दिनों के भीतर दो प्रमुख हवाई अड्डों को निशाना बनाए जाने से सुरक्षा स्थिति गंभीर हो गई है। अबहा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमलों में तीन विदेशी नागरिकों की मौत हुई है। दर्जनों लोग घायल हुए हैं। सऊदी अधिकारियों के अनुसार, घायलों में कई लोगों की हालत गंभीर है।

इन हमलों के बाद सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र और नागरिक उड्डयन व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। अमेरिका ने भी अपने नागरिकों को सऊदी अरब में हूती खतरों को लेकर सतर्क किया है। अमेरिकी चेतावनी में यात्रियों से संभावित उड़ान बाधाओं के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

अबहा एयरपोर्ट पर हमले में दो महिलाओं की मौत

पहला हमला मंगलवार को दक्षिण पश्चिमी सऊदी अरब के असिर प्रांत में स्थित अबहा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुआ। यह इलाका यमन की सीमा के करीब है। सऊदी अरब की जनरल अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन के मुताबिक, हमले में मोरक्को की एक महिला और अल्जीरिया की एक महिला की मौत हो गई।

हमले में 28 लोग घायल हुए। इनमें कुछ की हालत गंभीर बताई गई है। घायलों में बांग्लादेश और फिलीपींस के नागरिक भी शामिल हैं। सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।

अधिकारियों ने बताया कि हमले से एयरपोर्ट के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचा है। नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हमले में इस्तेमाल किए गए हथियार और उसके प्रभाव का दायरा कितना था।

अबहा एयरपोर्ट पहले भी यमन से जुड़े हमलों के खतरे के कारण सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील रहा है। इसकी भौगोलिक स्थिति इसे विशेष रूप से महत्वपूर्ण बनाती है।

रियाद एयरपोर्ट पर भी हमला

बुधवार को सऊदी राजधानी रियाद में किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाया गया। सऊदी नागरिक उड्डयन अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में सूडान के एक नागरिक की मौत हुई।

आठ अन्य लोग घायल हुए। घायलों में मिस्र के दो नागरिक और पाकिस्तान का एक नागरिक शामिल है। बाकी घायलों की राष्ट्रीयता के बारे में तत्काल विस्तृत जानकारी नहीं दी गई।

सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों ने कहा कि यात्रियों और एयरपोर्ट कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

दोनों हमलों के बाद सऊदी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। एयरपोर्ट और नागरिक उड्डयन व्यवस्था की सुरक्षा को मजबूत किया जा रहा है।

रियाद के ऊपर बैलिस्टिक मिसाइल का खतरा

बुधवार सुबह सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन की ओर से कहा गया कि सऊदी एयर डिफेंस ने रियाद के उत्तर में एक हूती बैलिस्टिक मिसाइल को मार गिराया।

गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल मलिकी ने बाद में दावा किया कि जिस लॉन्च प्लेटफॉर्म से मिसाइल दागी गई थी, उसे यमन की राजधानी सना में नष्ट कर दिया गया।

अल मलिकी के मुताबिक, उस समय हूती लड़ाके सऊदी अरब के खिलाफ एक और हमले की तैयारी कर रहे थे। सऊदी पक्ष का कहना है कि मिसाइल हमले और एयरपोर्ट पर हुए हमलों के बीच सीधा संबंध है।

हूती समूह की ओर से इन दावों पर अलग से तत्काल प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं किया गया है।

अमेरिका ने नागरिकों को किया सतर्क

सऊदी अरब में ताजा हमलों के बाद अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा चेतावनी जारी की है। इसमें हूती हमलों से जुड़े खतरे को गंभीरता से लेने को कहा गया है।

अमेरिकी चेतावनी में सऊदी अरब के हवाई अड्डों और हवाई क्षेत्र को लेकर संभावित जोखिम का उल्लेख किया गया है। यात्रियों को उड़ानों में देरी और अन्य व्यवधान के लिए तैयार रहने की सलाह दी गई है।

अमेरिका ने सऊदी अरब के लिए लेवल 3 यात्रा सलाह बरकरार रखी है। इसका मतलब है कि अमेरिकी नागरिकों को यात्रा से पहले सुरक्षा स्थिति पर गंभीरता से विचार करने की सलाह दी जाती है।

ताजा घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब यमन और सऊदी अरब के बीच सैन्य तनाव फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है।

जॉर्डन ने की हमलों की निंदा

सऊदी अरब के दोनों एयरपोर्ट पर हुए हमलों की जॉर्डन ने कड़ी निंदा की है। जॉर्डन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता फुआद अल माजली ने सऊदी अरब के साथ पूर्ण एकजुटता व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि जॉर्डन सऊदी अरब की सुरक्षा और स्थिरता की रक्षा के लिए उठाए जाने वाले कदमों का समर्थन करता है। उन्होंने सऊदी नागरिकों और वहां रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर भी समर्थन जताया।

जॉर्डन का बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में यमन से जुड़े संघर्ष का असर खाड़ी देशों की सुरक्षा पर भी पड़ रहा है।

यमन में हूती ठिकानों पर बड़े हमले

सऊदी एयरपोर्ट पर हमलों के बाद यमन में हूती सैन्य ठिकानों के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान की जानकारी सामने आई है।

सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने दावा किया है कि उसने यमन में 82 हूती सैन्य ठिकानों को नष्ट किया है। गठबंधन के मुताबिक, यह कार्रवाई सऊदी अरब में नागरिक ठिकानों को निशाना बनाए जाने के बाद की गई।

मेजर जनरल तुर्की अल मलिकी ने कहा कि हमले सादा, होदेइदाह, अल जौफ और मारिब इलाकों में किए गए।

गठबंधन के मुताबिक, इनमें सादा में पहाड़ी इलाकों में मौजूद 11 बैलिस्टिक मिसाइल भंडारण केंद्र भी शामिल थे। इसके अलावा कमांड और कंट्रोल सेंटर, संचार व्यवस्था, मिसाइल डिपो, हथियार भंडार और सैन्य जमावड़े वाले स्थानों को निशाना बनाया गया।

सऊदी गठबंधन ने कहा कि नागरिक ठिकानों पर हमलों को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।

यमनी सरकारी बलों का भी बड़ा दावा

यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार से जुड़े सैन्य बलों ने भी हूती समूह के खिलाफ अपने अभियान को तेज करने का दावा किया है।

यमनी सैन्य प्रवक्ता के अनुसार, डॉन ऑफ यमन अभियान के तहत अलग अलग मोर्चों पर 2,103 सटीक सैन्य कार्रवाई की गई है।

इन अभियानों में हूती लड़ाकों की गतिविधियों, सैन्य किलेबंदी, हथियारों की आपूर्ति करने वाले मार्गों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया गया है।

यमनी सरकारी बलों ने दावा किया कि अभियान में 1,860 हूती लड़ाकों को निष्क्रिय किया गया। इसके अलावा बड़ी संख्या में सैन्य उपकरण, हथियार और सैन्य ठिकाने नष्ट किए गए।

इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि तत्काल उपलब्ध नहीं है। युद्ध की स्थिति में दोनों पक्षों के दावों को सावधानी से देखने की जरूरत होती है।

सऊदी अरब के लिए बढ़ी सुरक्षा चुनौती

अबहा और रियाद के एयरपोर्ट पर हमले सऊदी अरब के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि दोनों स्थान नागरिक हवाई यातायात के प्रमुख केंद्र हैं।

अबहा एयरपोर्ट दक्षिणी सऊदी अरब में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वहीं किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट रियाद का प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है। यहां घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की बड़ी संख्या संचालित होती है।

एयरपोर्ट पर किसी भी तरह का मिसाइल या ड्रोन खतरा यात्रियों की सुरक्षा के साथ साथ उड़ानों के संचालन को भी प्रभावित कर सकता है।

अमेरिका की यात्रा चेतावनी के बाद एयरलाइन यात्रियों के बीच भी चिंता बढ़ सकती है। उड़ानों में देरी, मार्ग परिवर्तन और अस्थायी परिचालन प्रतिबंध जैसी स्थिति बन सकती है।

आगे क्या होगा?

सऊदी अधिकारी फिलहाल एयरपोर्ट की सुरक्षा और नुकसान के आकलन पर ध्यान दे रहे हैं। एयर डिफेंस सिस्टम को भी सतर्क रखा गया है।

दूसरी ओर, यमन में हूती ठिकानों पर सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन की कार्रवाई बढ़ने से क्षेत्रीय तनाव और बढ़ सकता है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या आने वाले दिनों में सऊदी अरब के एयरपोर्ट और अन्य नागरिक ठिकाने फिर से निशाना बनते हैं या नहीं।

फिलहाल सऊदी अरब में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। यात्रियों को भी एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति जांचने और स्थानीय सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है।

मुख्य सवाल यह है कि सऊदी अरब के एयरपोर्ट पर हमला क्यों हुआ? उपलब्ध सऊदी दावों के अनुसार, हमले हूती समूह से जुड़े हैं और यमन से दागी गई मिसाइलों के खतरे से संबंधित हैं।

कौन से एयरपोर्ट निशाने पर रहे? अबहा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और रियाद का किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट हमलों से प्रभावित हुए।

हमलों में कितने लोगों की मौत हुई? सऊदी नागरिक उड्डयन अधिकारियों के अनुसार, तीन विदेशी नागरिकों की मौत हुई। दर्जनों लोग घायल हुए।

क्या उड़ानें प्रभावित हो सकती हैं? अमेरिकी चेतावनी के अनुसार, यात्रियों को संभावित उड़ान व्यवधान और देरी के लिए तैयार रहना चाहिए।

क्या सऊदी अरब ने जवाबी कार्रवाई की है? सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन में 82 हूती सैन्य ठिकानों को नष्ट करने का दावा किया है।

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