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ईरान युद्ध में अमेरिका के 81 विमान क्षतिग्रस्त या नष्ट

वॉशिंगटन।

ईरान के साथ युद्ध में अमेरिका को अपने सैन्य विमानों और ड्रोन के मोर्चे पर बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। अमेरिकी कांग्रेस की शोध शाखा कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस यानी CRS की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान के दौरान कम से कम 81 अमेरिकी सैन्य विमान, हेलीकॉप्टर और ड्रोन नष्ट या क्षतिग्रस्त हुए हैं।

5 अक्टूबर को जारी CRS की अपडेटेड रिपोर्ट को अमेरिकी सैन्य शक्ति पर उपलब्ध सार्वजनिक आकलनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि 81 विमानों का आंकड़ा यह नहीं बताता कि सभी विमान पूरी तरह नष्ट हो गए। इनमें कुछ विमान ऐसे भी हैं, जिन्हें नुकसान पहुंचा था, लेकिन बाद में उनकी मरम्मत कर उन्हें दोबारा सेवा में शामिल कर लिया गया।

रिपोर्ट के अनुसार, इस नुकसान में सबसे बड़ी संख्या MQ 9 रीपर ड्रोन की है। कुल 45 रीपर ड्रोन के नष्ट होने या क्षतिग्रस्त होने का उल्लेख किया गया है। इसके अलावा 12 F 15E स्ट्राइक ईगल लड़ाकू विमान भी इस सूची में शामिल हैं। सात KC 135 ईंधन भरने वाले विमान भी प्रभावित हुए हैं।

यह आकलन ऐसे समय सामने आया है, जब ईरान युद्ध की आर्थिक लागत भी अमेरिका के लिए तेजी से बढ़ रही है। रिपोर्ट के अनुसार, इस सैन्य संघर्ष की कुल लागत सितंबर की शुरुआत तक करीब 43.6 अरब डॉलर पहुंच चुकी थी।

81 विमानों के नुकसान का पूरा अर्थ क्या है

CRS की रिपोर्ट में शामिल 81 विमानों को केवल युद्ध में नष्ट हुए विमान मानना सही नहीं होगा। रिपोर्ट में नष्ट और क्षतिग्रस्त दोनों तरह के विमान शामिल हैं।

कुछ विमान गंभीर रूप से प्रभावित हुए। कुछ को हल्का नुकसान पहुंचा। कुछ विमानों को मरम्मत के बाद दोबारा इस्तेमाल में लाया गया।

इसलिए 81 का आंकड़ा अमेरिकी वायु शक्ति को हुए कुल नुकसान को दर्शाता है, लेकिन यह पूरी तरह नष्ट हुए विमानों की संख्या नहीं है।

CRS ने यह भी चेतावनी दी है कि आंकड़े आगे बदल सकते हैं। इसके पीछे कई कारण हैं। कुछ घटनाओं की जानकारी वर्गीकृत है। सैन्य अभियान जारी रहने के कारण नए मामले सामने आ सकते हैं। इसके अलावा अलग अलग घटनाओं में विमानों को हुए नुकसान की परिस्थितियों की पूरी जानकारी जुटाना भी आसान नहीं है।

F 15E विमानों को बड़ा नुकसान

अमेरिकी विमानों में F 15E स्ट्राइक ईगल को भी उल्लेखनीय नुकसान हुआ है। CRS के अनुसार, कुल 12 F 15E विमानों को नष्ट या क्षतिग्रस्त विमानों की सूची में रखा गया है।

इनमें चार विमान विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं। रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध के शुरुआती चरण में तीन F 15E विमान कुवैत के ऊपर एक कथित फ्रेंडली फायर घटना में गिर गए थे।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, उस समय ईरानी विमानों, बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से जुड़ी सैन्य गतिविधियां चल रही थीं। इसी दौरान कुवैती वायु रक्षा प्रणाली ने गलती से तीन अमेरिकी F 15E विमानों को निशाना बनाया।

इन तीनों विमानों में मौजूद छह चालक दल के सदस्य सुरक्षित रूप से बाहर निकल गए थे। बाद में उन्हें सुरक्षित बरामद कर लिया गया।

एक अन्य F 15E विमान ईरान के ऊपर सैन्य अभियान के दौरान मार गिराया गया। इसमें मौजूद दोनों चालक दल के सदस्यों को बाद में बचा लिया गया।

जॉर्डन में भी आठ F 15E प्रभावित

CRS की नई सूची में F 15E विमानों की संख्या बढ़ने का एक और कारण सामने आया है।

रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर में जॉर्डन स्थित मुवाफ्फक सलती एयर बेस पर ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल हमले के दौरान आठ अन्य F 15E विमानों को हल्का नुकसान पहुंचा।

इन विमानों को पूरी तरह नष्ट नहीं माना गया। रिपोर्ट में बताया गया है कि वे सेवा योग्य थे और बाद में उन्हें दोबारा इस्तेमाल में लाया गया।

इस तरह चार पहले से नष्ट हुए F 15E विमानों के साथ आठ क्षतिग्रस्त विमानों को जोड़ने पर कुल संख्या 12 हो गई।

यह आंकड़ा बताता है कि ईरान युद्ध के दौरान केवल सीधे हवाई मुकाबले में ही अमेरिकी विमानों को नुकसान नहीं हुआ। अमेरिकी सैन्य ठिकाने भी हमलों की चपेट में आए।

रीपर ड्रोन को सबसे ज्यादा नुकसान

अमेरिकी सैन्य नुकसान में सबसे बड़ा हिस्सा MQ 9 रीपर ड्रोन का है। CRS ने 45 रीपर ड्रोन को नष्ट या क्षतिग्रस्त विमानों की सूची में रखा है।

यह संख्या मई में जारी पहले के आकलन से काफी ज्यादा है। उस समय 24 रीपर ड्रोन के नुकसान की जानकारी सामने आई थी।

नई रिपोर्ट में रीपर ड्रोन की संख्या बढ़कर 45 हो गई है। इससे अमेरिकी ड्रोन बेड़े पर ईरान युद्ध के प्रभाव का अंदाजा लगाया जा सकता है।

MQ 9 रीपर अमेरिकी सेना का महत्वपूर्ण मानवरहित विमान है। इसका इस्तेमाल निगरानी और सैन्य अभियानों सहित विभिन्न भूमिकाओं में किया जाता है।

कई दूसरे अमेरिकी विमान भी प्रभावित

CRS की सूची केवल F 15E और MQ 9 रीपर तक सीमित नहीं है। इसमें कई अन्य अमेरिकी विमान और हेलीकॉप्टर भी शामिल हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, दो A 10 थंडरबोल्ट II ग्राउंड अटैक विमान, दो MC 130J कमांडो II विशेष अभियान विमान और एक F 35A लाइटनिंग II भी नुकसान की सूची में हैं।

इसके अलावा एक E 3 सेंट्री एयरबोर्न वार्निंग एंड कंट्रोल विमान, एक HH 60W जॉली ग्रीन II खोज और बचाव हेलीकॉप्टर तथा एक MQ 4C ट्राइटन निगरानी ड्रोन का भी उल्लेख किया गया है।

सूची में चार AH 6 लिटिल बर्ड हेलीकॉप्टर, तीन MQ 1 सीरीज ड्रोन, एक AH 64 अपाचे और एक MH 60 सी हॉक हेलीकॉप्टर भी शामिल हैं।

इससे साफ है कि ईरान युद्ध में अमेरिकी नुकसान केवल लड़ाकू विमानों तक सीमित नहीं रहा। निगरानी, ईंधन भरने, विशेष अभियान और बचाव मिशनों से जुड़े विमान भी प्रभावित हुए हैं।

अमेरिका पर बढ़ता आर्थिक बोझ

ईरान युद्ध में अमेरिकी सैन्य विमानों के नुकसान के साथ आर्थिक दबाव भी बढ़ा है।

CRS के अनुसार, अमेरिकी कांग्रेस के लिए तैयार आकलन में बताया गया कि 1 अगस्त तक हुए उपकरणों के नुकसान की भरपाई में करीब 1.9 अरब डॉलर से 3.3 अरब डॉलर तक खर्च हो सकता है।

यह रकम इस बात पर निर्भर करेगी कि अमेरिकी रक्षा विभाग खोए या क्षतिग्रस्त सैन्य उपकरणों को किस तरीके से बदलने का फैसला करता है।

इससे अलग, अमेरिकी सेंट्रल कमांड की ओर से सांसदों को दी गई जानकारी के अनुसार 3 सितंबर तक ईरान युद्ध की कुल लागत करीब 43.6 अरब डॉलर थी।

इसमें 28.1 अरब डॉलर खर्च किए गए हथियारों और गोला बारूद को बदलने पर खर्च होने का अनुमान था। करीब 4.3 अरब डॉलर उपकरणों के नुकसान से जुड़े थे।

इस आंकड़े में मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को हुए नुकसान को शामिल नहीं किया गया था।

अमेरिकी वायु शक्ति को लेकर सवाल

CRS की रिपोर्ट ने अमेरिकी कांग्रेस के सामने कुछ बड़े सवाल भी रखे हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि क्या अमेरिकी सेना के पास एक साथ कई संभावित सैन्य अभियानों को संभालने के लिए पर्याप्त विमान हैं।

कुछ प्रभावित विमान पुराने मॉडल के हैं और उनका बेड़ा बहुत बड़ा नहीं है। ऐसे में किसी सीमित संख्या वाले विमान की कई इकाइयों का नुकसान भी सैन्य क्षमता पर अपेक्षाकृत अधिक असर डाल सकता है।

इसके अलावा विमान और ड्रोन को तेजी से बदलने की अमेरिकी रक्षा उद्योग की क्षमता पर भी सवाल उठ रहे हैं।

एक तरफ ईरान युद्ध में इस्तेमाल हुए उपकरणों को बदलना है। दूसरी तरफ अमेरिका को दुनिया के दूसरे संभावित संघर्षों के लिए भी अपनी सैन्य क्षमता तैयार रखनी है।

यही कारण है कि CRS की रिपोर्ट को केवल नुकसान की सूची नहीं माना जा रहा। यह अमेरिकी सैन्य तैयारी और रक्षा उत्पादन क्षमता से जुड़े व्यापक सवाल भी सामने रखती है।

पेंटागन ने जारी नहीं किया पूरा आंकड़ा

ईरान संघर्ष के दौरान अमेरिकी विमानों को हुए नुकसान का एक व्यापक आधिकारिक आंकड़ा पेंटागन ने सार्वजनिक रूप से जारी नहीं किया है।

ऐसे में CRS की रिपोर्ट महत्वपूर्ण हो जाती है। यह अमेरिकी कांग्रेस की गैर राजनीतिक शोध संस्था है और उसने उपलब्ध जानकारी के आधार पर नुकसान का विस्तृत आकलन प्रस्तुत किया है।

हालांकि रिपोर्ट ने खुद भी साफ किया है कि यह अंतिम आंकड़ा नहीं है। सैन्य अभियानों के दौरान घटनाओं की जानकारी बदल सकती है और नए विवरण सामने आ सकते हैं।

फिलहाल उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, ईरान युद्ध में कम से कम 81 अमेरिकी सैन्य विमान, हेलीकॉप्टर और ड्रोन नष्ट या क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनमें 45 MQ 9 रीपर ड्रोन और 12 F 15E विमान शामिल हैं।

यह नुकसान अमेरिका के लिए केवल सैन्य संपत्ति का नुकसान नहीं है। इसके साथ विमानों की भरपाई, हथियारों की दोबारा खरीद, रक्षा उत्पादन क्षमता और भविष्य के सैन्य अभियानों की तैयारी जैसे सवाल भी जुड़े हैं।

AEO सवाल और जवाब

ईरान युद्ध में अमेरिका के कितने विमान क्षतिग्रस्त या नष्ट हुए?
CRS की 5 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार कम से कम 81 अमेरिकी विमान, हेलीकॉप्टर और ड्रोन नष्ट या क्षतिग्रस्त हुए।

अमेरिका के किस ड्रोन को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ?
MQ 9 रीपर ड्रोन को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। रिपोर्ट में 45 रीपर ड्रोन शामिल हैं।

कितने F 15E विमानों को नुकसान हुआ?
CRS ने 12 F 15E स्ट्राइक ईगल विमानों को नष्ट या क्षतिग्रस्त सूची में रखा है।

ईरान युद्ध में अमेरिका की कुल लागत कितनी बताई गई है?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार 3 सितंबर तक युद्ध की कुल लागत करीब 43.6 अरब डॉलर थी।

क्या 81 विमान पूरी तरह नष्ट हो गए?
नहीं। 81 के आंकड़े में नष्ट और क्षतिग्रस्त दोनों विमान शामिल हैं। कुछ क्षतिग्रस्त विमान बाद में सेवा में लौट आए।

CRS क्या है?
कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस अमेरिकी कांग्रेस की गैर राजनीतिक शोध शाखा है, जो सांसदों के लिए विभिन्न मुद्दों पर शोध और विश्लेषण उपलब्ध कराती है।

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