इज़राइल ने ग़ज़ा संघर्ष विराम योजना को दी मंज़ूरी, हमास कर रहा समीक्षा: अमेरिका की पुष्टि, जानिए डील के अहम बिंदु
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मुस्लिम नाउ ब्यूरो,,नई दिल्ली/वॉशिंगटन/काहिरा
ग़ज़ा में पिछले आठ महीनों से जारी हिंसक संघर्ष के बीच एक बड़ी कूटनीतिक सफलता सामने आई है। अमेरिका ने गुरुवार को पुष्टि की कि इज़राइल ने ग़ज़ा के लिए एक नई संघर्ष विराम योजना को स्वीकार कर लिया है, जबकि हमास इस प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है। इस प्रस्ताव के पीछे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के पश्चिम एशिया विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ की अहम भूमिका रही है।
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📌 क्या है प्रस्ताव का प्रारंभिक प्रारूप?
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्ताव का पहला चरण 60 दिनों के संघर्ष विराम पर आधारित है, जिसमें संयुक्त राष्ट्र के माध्यम से मानवीय सहायता ग़ज़ा तक पहुंचाई जाएगी। हालांकि इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने औपचारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलीन लेविट ने पत्रकारों को बताया कि इज़राइल प्रस्ताव पर सहमत हो चुका है।
📌 हमास की प्रतिक्रिया
हमास के एक वरिष्ठ अधिकारी ने Reuters को बताया कि संगठन “संशोधित विटकॉफ़ प्रस्ताव” की समीक्षा कर रहा है। उन्होंने कहा कि “हम उच्च जिम्मेदारी की भावना से प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं ताकि फिलिस्तीनी जनता के हितों की रक्षा हो सके और इस आक्रामकता का अंत सुनिश्चित किया जा सके।”
📌 खाद्य सहायता वितरण में अमेरिकी पहल
ग़ज़ा में अत्यधिक खाद्य संकट के बीच ग़ज़ा ह्यूमैनिटेरियन फाउंडेशन (GHF) नामक एक निजी अमेरिकी समर्थित समूह ने अब तीसरे स्थान पर भोजन वितरण शुरू कर दिया है। GHF अब तक 18 लाख भोजन वितरित कर चुका है और अगले कुछ हफ्तों में और केंद्र खोलने की योजना है।
हालांकि इस पहल की संयुक्त राष्ट्र और कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने आलोचना की है, और इसे अपर्याप्त और अव्यवस्थित बताया है। मंगलवार को ग़ज़ा में वितरण केंद्रों पर हजारों लोगों की भीड़ उमड़ने के कारण सुरक्षा व्यवस्था चरमरा गई थी।
📌 अमेरिका की भूमिका और डील की जटिलताएं
स्टीव विटकॉफ़ ने बुधवार को कहा कि अमेरिका “एक नया टर्म शीट” तैयार कर रहा है जो दोनों पक्षों को भेजा जाएगा। उन्होंने आशा जताई कि इस बार एक स्थायी समाधान की ओर कदम बढ़ सकते हैं।
लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि इस प्रस्ताव से वे गहरे मतभेद सुलझेंगे जो अब तक संघर्षविराम बहाल करने के प्रयासों को नाकाम करते आए हैं। इज़राइल हमास के पूर्ण निरस्त्रीकरण और 58 बंधकों की वापसी की शर्त पर ही युद्ध समाप्त करने को तैयार है, जबकि हमास इज़राइली सेना की पूरी तरह वापसी और युद्ध समाप्ति की गारंटी चाहता है।
📌 अंतरराष्ट्रीय दबाव और मानवीय संकट
इज़राइल पर अब यूरोप और संयुक्त राष्ट्र समेत कई अंतरराष्ट्रीय संस्थानों का अभूतपूर्व दबाव है कि वह युद्ध रोके और मानवीय सहायता को सुगम बनाए। ग़ज़ा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इज़राइली सैन्य कार्रवाई में अब तक 54,000 से अधिक फिलिस्तीनियों की मौत हो चुकी है और पूरी पट्टी मलबे में तब्दील हो चुकी है।
गौरतलब है कि इज़राइल ने यह सैन्य अभियान 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले, जिसमें 1,200 इज़राइली मारे गए थे और 251 को बंधक बना लिया गया था, के जवाब में शुरू किया था।

