TOP STORIES

ग्रीन रैंकिंग में जामिया की बड़ी छलांग, दुनिया में 334वां स्थान

नौशाद अख्तर,नई दिल्ली

जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने वैश्विक सस्टेनेबिलिटी रैंकिंग में इस साल अपनी स्थिति में उल्लेखनीय सुधार किया है। विश्वविद्यालय ने UI GreenMetric World University Rankings 2026 में दुनिया भर में 334वां स्थान हासिल किया है। पिछले साल जामिया 376वें स्थान पर था। इस तरह विश्वविद्यालय ने एक साल में 42 पायदान की बढ़त दर्ज की है।

रैंकिंग में जामिया की स्थिति केवल वैश्विक स्तर पर ही नहीं सुधरी है। विश्वविद्यालय ने भारत में 13वां और एशिया में 192वां स्थान हासिल किया है। जामिया के लिए यह उपलब्धि इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि UI GreenMetric रैंकिंग विश्वविद्यालयों में सस्टेनेबिलिटी, पर्यावरणीय जिम्मेदारी और कैंपस विकास से जुड़े प्रयासों का आकलन करती है।

आधिकारिक UI GreenMetric 2026 रैंकिंग के अनुसार, जामिया मिल्लिया इस्लामिया वैश्विक स्तर पर 334वें, भारत में 13वें और एशिया में 192वें स्थान पर है।

विश्वविद्यालय ने इस उपलब्धि को अपने विभिन्न विभागों, केंद्रों, प्रशासनिक इकाइयों, शिक्षकों, छात्रों, शोधकर्ताओं और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया है।

एक साल में 42 पायदान ऊपर पहुंचा जामिया

UI GreenMetric World University Rankings 2026 में जामिया की सबसे खास उपलब्धि उसकी वैश्विक रैंक में सुधार है। 2025 में विश्वविद्यालय 376वें स्थान पर था। इस साल वह 334वें स्थान पर पहुंच गया।

यानी एक वर्ष में जामिया ने 42 स्थान की बढ़त हासिल की।

विश्वविद्यालय के लिए यह बदलाव कैंपस में सस्टेनेबल प्रैक्टिस, पर्यावरण प्रबंधन, संसाधनों के संरक्षण और ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में किए जा रहे प्रयासों से जुड़ा है।

जामिया ने भारत में 13वीं और एशिया में 192वीं रैंक हासिल की है। विश्वविद्यालय के अनुसार, यह प्रदर्शन पर्यावरणीय जिम्मेदारी और सस्टेनेबल कैंपस डेवलपमेंट के प्रति उसकी निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

क्या है UI GreenMetric World University Rankings

UI GreenMetric World University Rankings एक अंतरराष्ट्रीय सस्टेनेबिलिटी रैंकिंग पहल है। यह Universitas Indonesia से जुड़ी हुई है।

इस रैंकिंग में विश्वविद्यालयों का मूल्यांकन सस्टेनेबल डेवलपमेंट और कैंपस सस्टेनेबिलिटी से जुड़े अलग अलग पहलुओं के आधार पर किया जाता है।

2026 के संस्करण में दुनिया भर के विश्वविद्यालयों को सस्टेनेबिलिटी से संबंधित प्रमुख संकेतकों पर आंका गया। इन संकेतकों के आधार पर विश्वविद्यालयों के पर्यावरणीय और संस्थागत प्रयासों का मूल्यांकन किया गया।

जामिया की इस साल की रैंकिंग भी इसी मूल्यांकन प्रक्रिया का हिस्सा है।

विश्वविद्यालय के मुताबिक, UI GreenMetric में लगातार सुधार इस बात को दिखाता है कि सस्टेनेबिलिटी को उसके अकादमिक, शोध और प्रशासनिक इकोसिस्टम का हिस्सा बनाने पर ध्यान दिया जा रहा है।

कुलपति ने पूरे जामिया परिवार को दी बधाई

रैंकिंग में सुधार के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया के कुलपति प्रो. मजहर आसिफ ने विश्वविद्यालय के शिक्षकों, छात्रों, शोधकर्ताओं, पूर्व छात्रों और कर्मचारियों को बधाई दी।

उन्होंने इस उपलब्धि में पूरे जामिया परिवार के योगदान को महत्वपूर्ण बताया।

कुलपति के अनुसार, UI GreenMetric में जामिया की बेहतर स्थिति अकादमिक उत्कृष्टता, पर्यावरणीय जिम्मेदारी, सस्टेनेबल डेवलपमेंट और उच्च शिक्षा में गुणवत्ता के लिए किए जा रहे लगातार प्रयासों का प्रमाण है।

उन्होंने उम्मीद जताई कि विश्वविद्यालय आने वाले वर्षों में अपनी सस्टेनेबिलिटी पहलों को और मजबूत करेगा।

उनके मुताबिक, मौजूदा उपलब्धि को आगे की दिशा में एक पड़ाव के रूप में देखा जा सकता है।

रजिस्ट्रार ने बताया गर्व का विषय

जामिया मिल्लिया इस्लामिया के रजिस्ट्रार प्रो. मो. महताब आलम रिजवी ने भी रैंकिंग में सुधार को विश्वविद्यालय के लिए गर्व का विषय बताया।

उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जामिया की अकादमिक तथा संस्थागत स्थिति मजबूत करने में विश्वविद्यालय से जुड़े लोगों के सामूहिक प्रयासों की सराहना की।

विश्वविद्यालय की ओर से जारी विवरण में कहा गया है कि रैंकिंग में सुधार किसी एक विभाग या इकाई के प्रयास का परिणाम नहीं है। इसमें विश्वविद्यालय की विभिन्न फैकल्टी, विभाग, केंद्र और प्रशासनिक इकाइयां शामिल हैं।

शिक्षकों, छात्रों, शोधकर्ताओं और कर्मचारियों के योगदान को भी इस उपलब्धि से जोड़ा गया है।

IQAC की भूमिका भी महत्वपूर्ण

जामिया ने इस उपलब्धि में Internal Quality Assurance Cell यानी IQAC की भूमिका को भी रेखांकित किया है।

विश्वविद्यालय के अनुसार IQAC का नेतृत्व प्रो. रफ़त परवीन और उनकी टीम कर रही है। संस्थागत डेटा मैनेजमेंट, क्वालिटी एश्योरेंस, रैंकिंग और एक्रेडिटेशन से जुड़ी प्रक्रियाओं में IQAC की भूमिका बताई गई है।

सस्टेनेबिलिटी से संबंधित डेटा को व्यवस्थित तरीके से जुटाना भी इस प्रक्रिया का हिस्सा रहा।

विश्वविद्यालय ने कहा कि सबूत आधारित गवर्नेंस और डेटा प्रबंधन पर ध्यान देने से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग फ्रेमवर्क में संस्थान के प्रदर्शन को बेहतर तरीके से प्रस्तुत करने में मदद मिली।

यह पहल केवल रैंकिंग तक सीमित नहीं है। संस्थागत स्तर पर डेटा को व्यवस्थित करना और अलग अलग क्षेत्रों के प्रदर्शन को रिकॉर्ड करना भी इसका हिस्सा है।

सस्टेनेबल कैंपस पर जोर

जामिया की इस उपलब्धि में सस्टेनेबल कैंपस प्रैक्टिस को महत्वपूर्ण बताया गया है।

विश्वविद्यालय के अनुसार पर्यावरण प्रबंधन, संसाधनों का संरक्षण, ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर और जिम्मेदार संस्थागत विकास पर लगातार काम किया जा रहा है।

इन प्रयासों में विश्वविद्यालय की विभिन्न इकाइयों की भागीदारी रही है।

जामिया का कहना है कि सस्टेनेबिलिटी को केवल कैंपस की हरियाली तक सीमित नहीं रखा गया है। इसे अकादमिक गतिविधियों, शोध और प्रशासनिक व्यवस्था से भी जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

यही वजह है कि विश्वविद्यालय अपनी UI GreenMetric रैंकिंग में सुधार को व्यापक संस्थागत प्रयासों से जोड़कर देख रहा है।

पर्यावरणीय जिम्मेदारी पर लगातार ध्यान

जामिया मिल्लिया इस्लामिया की इस साल की रैंकिंग ऐसे समय में सामने आई है जब विश्वविद्यालयों के लिए पर्यावरणीय जिम्मेदारी और सस्टेनेबल डेवलपमेंट महत्वपूर्ण विषय बन चुके हैं।

UI GreenMetric जैसे अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग फ्रेमवर्क में विश्वविद्यालयों की सस्टेनेबिलिटी से जुड़ी गतिविधियों को एक व्यापक संदर्भ में देखा जाता है।

जामिया के लिए 2026 की रैंकिंग में 334वां स्थान हासिल करना पिछले साल की तुलना में स्पष्ट सुधार है।

भारत में 13वां स्थान और एशिया में 192वां स्थान भी विश्वविद्यालय की मौजूदा स्थिति को दर्शाता है।

विश्वविद्यालय का कहना है कि रैंकिंग में लगातार प्रगति उसके पर्यावरण के प्रति जागरूकता और जिम्मेदार संसाधन प्रबंधन को संस्थागत व्यवस्था में शामिल करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों से जुड़ी है।

वैश्विक रैंकिंग में जामिया की स्थिति सुधरी

2025 में 376वें स्थान से 2026 में 334वें स्थान तक पहुंचना जामिया के लिए 42 स्थान का सुधार है।

यह सुधार केवल संख्या में बदलाव नहीं है। विश्वविद्यालय इसे सस्टेनेबिलिटी से जुड़े अपने काम की निरंतरता के रूप में देख रहा है।

जामिया ने भारत में 13वां और एशिया में 192वां स्थान हासिल किया है। इससे विश्वविद्यालय की सस्टेनेबिलिटी प्रोफाइल को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नया संदर्भ मिला है।

विश्वविद्यालय के मुताबिक आने वाले समय में भी सस्टेनेबल डेवलपमेंट, पर्यावरण प्रबंधन और जिम्मेदार संसाधन इस्तेमाल से जुड़ी पहलों को मजबूत किया जाएगा।

अब आगे की चुनौती

UI GreenMetric World University Rankings 2026 में 334वीं वैश्विक रैंक जामिया के लिए एक उपलब्धि है। लेकिन इसके साथ अगली रैंकिंग में प्रदर्शन बनाए रखना भी एक चुनौती होगी।

विश्वविद्यालय पहले ही अपनी सस्टेनेबिलिटी पहलों को मजबूत करने की बात कह चुका है।

इसके लिए कैंपस प्रैक्टिस, पर्यावरण प्रबंधन, ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर, संसाधन संरक्षण, संस्थागत डेटा और सस्टेनेबल डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों पर लगातार काम करना होगा।

जामिया के कुलपति और रजिस्ट्रार ने इस उपलब्धि में विश्वविद्यालय के पूरे समुदाय के योगदान को रेखांकित किया है।

नई दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया के लिए 2026 की UI GreenMetric रैंकिंग इस लिहाज से महत्वपूर्ण है कि विश्वविद्यालय ने एक साल में वैश्विक स्तर पर 42 स्थान की छलांग लगाई है।

अब विश्वविद्यालय के सामने इस प्रदर्शन को आगे बढ़ाने और सस्टेनेबिलिटी से जुड़े प्रयासों को और मजबूत करने की दिशा में काम जारी रखने की चुनौती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

UI GreenMetric 2026 में जामिया की वैश्विक रैंक क्या है?
जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने वैश्विक स्तर पर 334वां स्थान हासिल किया है।

2025 में जामिया की UI GreenMetric रैंक क्या थी?
2025 में जामिया 376वें स्थान पर था।

जामिया ने एक साल में कितने स्थान की बढ़त हासिल की?
विश्वविद्यालय ने वैश्विक रैंकिंग में 42 स्थान की बढ़त दर्ज की है।

भारत में जामिया की रैंक क्या है?
UI GreenMetric 2026 में जामिया भारत में 13वें स्थान पर है।

एशिया में जामिया की रैंक क्या है?
जामिया ने एशिया में 192वां स्थान हासिल किया है।

UI GreenMetric रैंकिंग क्या है?
यह Universitas Indonesia से जुड़ी अंतरराष्ट्रीय सस्टेनेबिलिटी रैंकिंग पहल है, जिसमें विश्वविद्यालयों का मूल्यांकन सस्टेनेबल डेवलपमेंट और कैंपस सस्टेनेबिलिटी से जुड़े संकेतकों पर किया जाता है।

जामिया की सस्टेनेबिलिटी रैंकिंग में IQAC की क्या भूमिका है?
विश्वविद्यालय के अनुसार IQAC ने क्वालिटी एश्योरेंस, संस्थागत डेटा मैनेजमेंट, रैंकिंग, एक्रेडिटेशन और सस्टेनेबिलिटी से जुड़े डेटा संग्रह में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

जामिया के कुलपति कौन हैं?
दिए गए विश्वविद्यालयीय विवरण के अनुसार प्रो. मजहर आसिफ जामिया मिल्लिया इस्लामिया के कुलपति हैं।

🌟

बिना ₹1 खर्च किए ‘मुस्लिम नाउ’ को मजबूत बनाएं!

आज के दौर में निष्पक्ष और स्वतंत्र पत्रकारिता को ज़िंदा रखना एक बड़ी चुनौती है। आप बिना अपनी जेब से एक भी पैसा खर्च किए ‘मुस्लिम नाउ’ की आवाज़ को ताकत दे सकते हैं।

आप कैसे मदद कर सकते हैं? (3 आसान स्टेप्स)

  • अमेज़न (Amazon) से शॉपिंग करने से ठीक पहले हमारी कोई भी खबर खोलें।
  • खबर में दिख रहे अमेज़न के विज्ञापन (Shop Now) पर क्लिक करें।
  • अमेज़न पर अपनी खरीदारी सामान्य तरीके से पूरी करें।