ख़ामेनेई का गर्जन, इज़राइल का इरादा: सर्वोच्च नेता बोले, ईरान ने ज़ायोनी सत्ता को कुचला, अमेरिका को दिया मुँहतोड़ जवाब
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मुस्लिम नाउ ब्यूरो, दुबई/तेहरान
12 दिन तक चले विनाशकारी युद्ध के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली ख़ामेनेई ने गुरुवार को राष्ट्र को संबोधित किया। अपने टेलीविज़न संदेश में उन्होंने दावा किया कि इस्लामिक रिपब्लिक ने ज़ायोनी शासन (इज़राइल) को पराजित कर दिया है और अमेरिका को निर्णायक जवाब दिया है। वहीं दूसरी ओर, इज़राइल के रक्षा मंत्री इज़राइल काट्ज़ ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा कि उन्होंने युद्ध के दौरान ख़ामेनेई की हत्या की योजना बनाई थी, लेकिन “उन्हें मौका नहीं मिला।”
✦ “ज़ायोनी सरकार पर हमारी विजय पूर्ण है”: ख़ामेनेई
ख़ामेनेई ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा,
“मैं ज़ायोनी सरकार पर आपकी विजय के लिए आप सबको बधाई देता हूं। इस्लामिक रिपब्लिक के प्रहार से ज़ायोनी शासन टूट चुका है। वे घमंड करते थे, लेकिन अब उनके स्तंभ हिल चुके हैं। अगर अमेरिका ने बीच में हस्तक्षेप न किया होता, तो वे पूरी तरह गिर चुके होते।”
उन्होंने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा,
“ईरान ने अमेरिका को अंतिम झटका दिया है। यह हमारी जीत है, हमारी जनता की एकता की जीत है। 9 करोड़ ईरानी अपने सशस्त्र बलों के साथ एकजुट खड़े हैं।”
ख़ामेनेई ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर कोई दोबारा ईरान पर हमला करने का प्रयास करता है, तो “उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।”
✦ “हम ख़ामेनेई को मारना चाहते थे”: इज़राइल का खुला कबूलनामा
इज़राइल के रक्षा मंत्री इज़राइल काट्ज़ ने ‘चैनल 13’ को दिए इंटरव्यू में स्वीकार किया कि
“हमारे पास अयातुल्ला ख़ामेनेई को मारने की योजना थी। लेकिन मौका नहीं मिला। अगर वो हमारी पकड़ में आते, तो हम उन्हें ज़रूर मार देते।”
जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने अमेरिका से इस ऑपरेशन के लिए अनुमति मांगी थी, तो काट्ज़ ने जवाब दिया,
“हमें अमेरिका की अनुमति की आवश्यकता नहीं है।”
✦ “ईरान आत्मसमर्पण नहीं करेगा” – ट्रंप पर तीखा हमला
ख़ामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान को भी खारिज किया, जिसमें ट्रंप ने कहा था कि ईरान को आत्मसमर्पण करना ही होगा।
ख़ामेनेई ने कहा,
“ईरान कभी आत्मसमर्पण नहीं करेगा। ट्रंप की बातों ने असली अमेरिकी मानसिकता को उजागर किया है – वे हमें अपने अधीन करना चाहते हैं। लेकिन ईरान ने उनके मुंह पर तमाचा मारा है।”
उन्होंने आगे कहा कि
“हमारे सशस्त्र बलों ने दुश्मनों की बहुस्तरीय रक्षा प्रणालियों को तोड़ते हुए उनके रणनीतिक केंद्रों पर हमला किया। हमारा परमाणु ढांचा सुरक्षित है। अमेरिकी हमले से कुछ हासिल नहीं हुआ।”
✦ “हम विजयी हैं, हम इतिहास हैं”
अपने भाषण के अंत में ख़ामेनेई ने ईरानी जनता की प्रशंसा करते हुए कहा,
“हमारा देश मजबूत है, हमारी सभ्यता हजारों वर्षों पुरानी है। हमारे लोग विजयी हैं, और सदा सम्मानित रहेंगे। ईश्वर का धन्यवाद।”
सूत्रों के अनुसार, युद्ध शुरू होने के बाद से ख़ामेनेई एक अज्ञात सुरक्षित स्थान पर हैं, और उनका यह संबोधन वहीं से प्रसारित किया गया।
📌 विश्लेषण:
ईरान और इज़राइल के बीच यह टकराव केवल सैन्य मोर्चे पर नहीं, बल्कि कूटनीति, मनोवैज्ञानिक दबाव और वैश्विक संदेशों का भी युद्ध है। ख़ामेनेई की सार्वजनिक जीत की घोषणा और इज़राइल द्वारा की गई हत्या की कोशिश की स्वीकारोक्ति इस बात का संकेत है कि यह संघर्ष अभी थमा नहीं है – यह बस नए रूपों में आगे बढ़ने वाला है।
(स्रोत: टाइम्स ऑफ इज़राइल, मुस्लिम नाउ)

