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सलमान खान की ‘मातृभूमि’ पर सरकार का दबाव नहीं, 4 दिसंबर को होगी रिलीज

नई दिल्ली/मुंबई

बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान की बहुप्रतीक्षित युद्ध आधारित फिल्म ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ को लेकर लंबे समय से चल रही चर्चाओं पर अब विराम लगता दिखाई दे रहा है। फिल्म की पटकथा में बदलाव को लेकर उठ रहे सवालों पर सलमान खान ने साफ कहा है कि फिल्म बनाने वाली टीम पर न तो सरकार ने कोई दबाव बनाया और न ही केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) ने स्क्रिप्ट बदलने का निर्देश दिया।

शुक्रवार, 6 नवंबर को मुंबई में आयोजित एक प्रचार कार्यक्रम में सलमान खान ने फिल्म की रिलीज तारीख का ऐलान किया। उन्होंने बताया कि फिल्म 4 दिसंबर 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इससे पहले फिल्म को कई बार टाला जा चुका है। अब दर्शकों को इस युद्ध ड्रामा फिल्म का इंतजार है, जो जून 2020 में भारत और चीन के सैनिकों के बीच गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प की पृष्ठभूमि पर आधारित है।

फिल्म को पहले ‘बैटल ऑफ गलवान’ नाम दिया गया था। बाद में इसका नाम बदलकर ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ कर दिया गया। नाम बदलने के साथ ही इसकी कहानी और पटकथा में कथित बदलाव को लेकर भी सवाल उठने लगे थे। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया था कि फिल्म में चीन विरोधी दृश्यों को कम करने और कुछ हिस्सों को दोबारा शूट करने की सलाह दी गई थी। हालांकि, सलमान खान ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया।

सरकार और सेंसर बोर्ड के दबाव की खबरों को बताया गलत

सलमान खान ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि फिल्म को लेकर यह प्रचार किया जा रहा है कि भारत सरकार ने चीन के खिलाफ दिखाए गए कुछ दृश्यों को हटाने या कहानी दोबारा लिखने का दबाव बनाया। लेकिन यह सब गलत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिल्म को सरकार या सेंसर बोर्ड की ओर से किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।

अभिनेता के मुताबिक, सेंसर बोर्ड और संबंधित एजेंसियों ने फिल्म देखी। उन्हें इसमें ऐसा कुछ नहीं मिला, जिसके लिए कट लगाने की जरूरत होती। सलमान ने कहा कि फिल्म बिना किसी कट के पास हुई है। उन्होंने इसके लिए मंत्रालयों और सेंसर बोर्ड का आभार भी जताया।

उनके इस बयान के बाद फिल्म को लेकर चल रही अटकलों पर नई चर्चा शुरू हो गई है। खासकर इसलिए क्योंकि गलवान घाटी की घटना भारत और चीन के रिश्तों के लिहाज से बेहद संवेदनशील मानी जाती है।

क्यों बार बार टली फिल्म की रिलीज?

सलमान खान ने फिल्म की रिलीज में देरी की वजह भी बताई। उन्होंने कहा कि शुरुआत में टीम को उम्मीद थी कि फिल्म की शूटिंग 45 से 50 दिनों में पूरी हो जाएगी। लेकिन उनकी सह कलाकार चित्रांगदा सिंह के घायल होने के कारण शूटिंग कार्यक्रम प्रभावित हुआ। उन्हें ठीक होने में समय लगा।

इसके अलावा फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स यानी वीएफएक्स को बेहतर बनाने पर भी काफी ध्यान दिया गया। सलमान ने कहा कि आजकल दर्शक और विशेषज्ञ फिल्म के हर दृश्य को बारीकी से देखते हैं। किसी भी सीन को बड़ा करके उसकी तकनीकी कमियों पर सवाल उठाए जा सकते हैं। इसलिए टीम नहीं चाहती थी कि फिल्म के वीएफएक्स को लेकर किसी को आलोचना का मौका मिले।

उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश है कि फिल्म देखने वाले दर्शक इसके दृश्य प्रभावों से प्रभावित हों। फिल्म की शूटिंग और तकनीकी काम को लेकर टीम ने किसी तरह की जल्दबाजी नहीं की।

सलमान के अनुसार, फिल्म को पहले जनवरी या जून में रिलीज करने की योजना थी। बाद में इसकी तारीख अगस्त तक पहुंची। इसके बाद 20 नवंबर को रिलीज करने पर भी विचार हुआ। लेकिन वीएफएक्स का काम पूरा नहीं होने के कारण इसे अब 4 दिसंबर के लिए तय किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि फिल्म का आधिकारिक ट्रेलर रिलीज की तारीख के कुछ दिनों बाद जारी किया जाएगा।

गलवान घाटी की घटना पर आधारित है कहानी

‘मातृभूमि’ की कहानी मई और जून 2020 में पूर्वी लद्दाख के गलवान क्षेत्र में भारत और चीन के सैनिकों के बीच पैदा हुए सैन्य तनाव से प्रेरित है। जून 2020 में गलवान घाटी में दोनों देशों के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। इस संघर्ष में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हुए थे।

फिल्म में सलमान खान बिहार रेजिमेंट की 16वीं बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर रहे कर्नल बी. संतोष बाबू की भूमिका निभा रहे हैं। वह उन 20 भारतीय सैनिकों में शामिल थे, जिन्होंने देश की रक्षा करते हुए अपनी जान गंवाई थी।

हालांकि, सलमान ने स्पष्ट किया कि ‘मातृभूमि’ किसी एक व्यक्ति की पारंपरिक बायोपिक नहीं है। यह वास्तविक घटनाओं से प्रेरित कहानी है। फिल्म में उनका उद्देश्य युद्ध के राजनीतिक और व्यापक परिणामों के बजाय सैनिकों के बीच होने वाले सीधे संघर्ष और उस दौरान पैदा होने वाली परिस्थितियों को दिखाना है।

युद्ध के दोनों पक्षों के सैनिकों की कहानी

सलमान खान ने फिल्म के विषय को समझाते हुए कहा कि यह केवल भारत और चीन के बीच टकराव की कहानी नहीं है। इसमें सैनिकों, उनके परिवारों और उनके जीवन से जुड़े संघर्षों को भी दिखाया गया है।

उन्होंने कहा कि फिल्म में किसी पक्ष को नकारात्मक शक्ति के रूप में पेश करने की कोशिश नहीं की गई है। परिस्थितियां नकारात्मक होती हैं। सैनिक व्यक्तिगत रूप से एक दूसरे के प्रति सम्मान रख सकते हैं, लेकिन जब देश की बात आती है तो राष्ट्र सर्वोपरि हो जाता है।

सलमान ने अपने पिता सलीम खान की एक बात का भी जिक्र किया। उनके पिता कहा करते थे कि युद्ध में एक गोली अपने निशाने तक पहुंचती है, लेकिन वह किसी मां के दिल तक भी पहुंचती है। अभिनेता के मुताबिक, वह युद्ध की इसी मानवीय कीमत को समझते हैं। इसलिए फिल्म में उनका ध्यान सैनिकों के आमने सामने के संघर्ष पर रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि किसी फिल्म को देखकर भारत या चीन के लोग एक दूसरे के खिलाफ युद्ध शुरू कर देंगे, ऐसा सोचना भी सही नहीं है। फिल्म का उद्देश्य किसी देश के प्रति नफरत पैदा करना नहीं है।

चीन के मीडिया ने भी की थी आलोचना

फिल्म का पहला टीजर सलमान खान के 60वें जन्मदिन पर दिसंबर 2025 में जारी किया गया था। इसके बाद चीन के सरकारी मीडिया संस्थान ग्लोबल टाइम्स ने फिल्म को लेकर आलोचनात्मक टिप्पणी की थी।

ग्लोबल टाइम्स ने आरोप लगाया था कि फिल्म में गलवान घाटी की घटना को सिनेमाई तरीके से बढ़ा चढ़ाकर दिखाया जा सकता है और वास्तविक तथ्यों को प्रभावित किया जा सकता है। इससे फिल्म को लेकर भारत और चीन के बीच संवेदनशील मुद्दों पर नई बहस शुरू हो गई थी।

हालांकि, सलमान खान ने अपनी बातचीत में इस तरह की आलोचनाओं को फिल्म का उद्देश्य नहीं बताया। उनके अनुसार, फिल्म सैनिकों के अनुभव और युद्ध की परिस्थितियों को सामने लाने की कोशिश करती है।

गाने से मिला फिल्म को नया नाम

फिल्म के नाम में बदलाव को लेकर भी सलमान खान ने दिलचस्प जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ‘बैटल ऑफ गलवान’ फिल्म का स्थायी नाम नहीं था। शूटिंग के दौरान क्लैपरबोर्ड पर इसे अस्थायी रूप से इस्तेमाल किया गया था।

बाद में टीम ने एक अलग नाम रखने का फैसला किया। अंततः सलमान खान की फिल्म के लिए ‘मातृभूमि’ नाम चुना गया। उन्होंने बताया कि यह नाम संगीतकार हिमेश रेशमिया के एक गाने से मिला। इस तरह फिल्म का नया नाम उसके विषय और भावनात्मक पक्ष से भी जुड़ गया।

सलमान खान फिल्म्स के बैनर तले बनी इस फिल्म का निर्देशन अपूर्व लाखिया ने किया है। इसमें सलमान खान के साथ चित्रांगदा सिंह भी महत्वपूर्ण भूमिका में नजर आएंगी।

अब 4 दिसंबर 2026 को फिल्म की रिलीज के साथ यह देखना दिलचस्प होगा कि दर्शक गलवान घाटी की इस कहानी को किस तरह स्वीकार करते हैं। फिलहाल सलमान खान ने एक बात साफ कर दी है कि उनके मुताबिक फिल्म की पटकथा में सरकार या सेंसर बोर्ड के दबाव में कोई बदलाव नहीं किया गया।

महत्वपूर्ण सवाल जवाब

1. सलमान खान की मातृभूमि फिल्म कब रिलीज होगी?
फिल्म 4 दिसंबर 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

2. क्या सरकार ने मातृभूमि फिल्म की स्क्रिप्ट बदलने का दबाव बनाया था?
सलमान खान ने ऐसे किसी भी दबाव की खबरों को गलत बताया है।

3. क्या सेंसर बोर्ड ने फिल्म में कट लगाए हैं?
सलमान खान के अनुसार, फिल्म बिना किसी कट के सेंसर बोर्ड से पास हुई है।

4. मातृभूमि फिल्म किस घटना पर आधारित है?
यह फिल्म 2020 में भारत और चीन के सैनिकों के बीच गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प से प्रेरित है।

5. मातृभूमि फिल्म में सलमान खान किसकी भूमिका निभा रहे हैं?
वह भारतीय सेना के अधिकारी कर्नल बी. संतोष बाबू की भूमिका निभा रहे हैं।

6. मातृभूमि फिल्म का निर्देशन किसने किया है?
फिल्म का निर्देशन अपूर्व लाखिया ने किया है।

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