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नीट परीक्षा विवाद पर बोले सचिन तेंदुलकर, CJP का विरोध प्रदर्शन तेज

मुस्लिम नाउ ब्यूरो, नई दिल्ली

नीट यूजी परीक्षा 2026 में हुए कथित पेपर लीक मामले ने पूरे देश में हलचल मचा दी है। इस मुद्दे को लेकर छात्रों का गुस्सा लगातार बढ़ रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के नेतृत्व में दिल्ली के जंतर मंतर पर जोरदार प्रदर्शन चल रहा है। इस बीच भारत के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि हमें समाज में एक ऐसी संस्कृति बनानी होगी जहां सिर्फ योग्यता और प्रतिभा की जीत हो।

सचिन तेंदुलकर से पहले पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह भी छात्रों के समर्थन में अपनी बात रख चुके हैं। सचिन तेंदुलकर का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब देश के लाखों छात्र सड़कों पर उतरकर अपना विरोध जता रहे हैं। छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। वहीं सीजेपी ने 24 जुलाई को पूरे देश में शांतिपूर्ण प्रदर्शन का आह्वान भी किया है।

सचिन तेंदुलकर का संदेश और पिता की सीख

सचिन तेंदुलकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक विचारशील पोस्ट साझा किया। इसमें उन्होंने अपने दिवंगत पिता रमेश तेंदुलकर को याद किया। उनके पिता एक प्राध्यापक थे। सचिन ने बताया कि उनके पिता ने उन्हें बचपन में एक बहुत जरूरी सीख दी थी। उन्होंने कहा था कि परीक्षा में असफल होना ठीक है। लेकिन धोखाधड़ी करना बिल्कुल गलत है। इंसान को अपनी जिंदगी में कभी भी शॉर्टकट नहीं अपनाने चाहिए।

सचिन ने लिखा कि समाज के बड़े लोगों के तौर पर हमारी यह सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम सही संस्कृति का निर्माण करें। जब कोई समाज मेहनत के बजाय केवल नतीजों को तरजीह देने लगता है, तो लोग योग्यता को छोड़कर गलत रास्तों की तरफ भागते हैं। आज जब छात्र निराश महसूस कर रहे हैं, तो उनकी यह नाराजगी पूरी तरह से स्वाभाविक और जायज है। छात्रों को लग रहा है कि उनकी दिन रात की कड़ी मेहनत का उन्हें सही फल नहीं मिला है।

उन्होंने कहा कि हमें मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारे युवाओं को दोबारा कभी इस तरह की निराशा न झेलनी पड़े। भारत के युवा सपनों और असीम ऊर्जा से भरे हुए हैं। वे हमारे देश की प्रगति और सफलता का असली आधार हैं। माता पिता, शिक्षक, रिश्तेदार, स्कूल और प्रशासन सभी को मिलकर युवाओं का हौसला बढ़ाना होगा। हमें एक ऐसा वातावरण तैयार करना होगा जहां ईमानदारी को प्रोत्साहन मिले और कड़ी मेहनत का सम्मान हो।

सीजेपी का देशव्यापी प्रदर्शन और जंतर मंतर पर हंगामा

नीट यूजी परीक्षा में हुई धांधली को लेकर देश की राजनीति भी पूरी तरह से गरमा गई है। कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थकों ने जंतर मंतर पर एकत्र होकर केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर पेपर लीक होना सीधे तौर पर परीक्षा प्रणाली और प्रशासन की नाकामी है।

सीजेपी के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत चिपके ने सरकार को सीधी चेतावनी दी है। उनका कहना है कि अगर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं लिया गया तो यह आंदोलन और बड़ा रूप ले लेगा। पार्टी ने 24 जुलाई को देश के अलग अलग हिस्सों में व्यापक और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। उन्होंने सभी छात्र संगठनों, नागरिक समाज और युवाओं से इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की है।

इससे पहले 20 जुलाई को सीजेपी के संसद चलो मार्च के दौरान दिल्ली में माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया था। प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन की तरफ बढ़ने की कोशिश की थी। इस दौरान पुलिस और उग्र प्रदर्शनकारियों के बीच भारी झड़प हुई। इस घटना में कई छात्र और पुलिसकर्मी चोटिल हुए थे। इस मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय में एनआईए जांच की मांग को लेकर एक याचिका भी दायर की जा चुकी है।

सोनम वांगचुक का अनशन और बढ़ता जनसमर्थन

इस पूरे आंदोलन को उस समय और ताकत मिली जब प्रसिद्ध पर्यावरणविद और समाज सेवी सोनम वांगचुक भी इसमें शामिल हुए। सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से छात्रों की मांगों के समर्थन में अनशन पर बैठे थे। उनके अनशन के 19वें दिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें अचानक हिरासत में ले लिया।

सोनम वांगचुक को हिरासत में लिए जाने के बाद विपक्षी दल भी खुलकर छात्रों के मैदान में आ गए हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत कई विपक्षी सांसदों ने गांधी स्मृति पहुंचकर छात्रों के प्रति अपनी एकजुटता दिखाई है। विपक्ष का कहना है कि सरकार छात्रों की जायज मांगों को सुनने के बजाय पुलिस बल का इस्तेमाल कर रही है।

फिल्म और खेल जगत की कई अन्य हस्तियों ने भी सोशल मीडिया के जरिए छात्रों का खुलकर समर्थन किया है। करीना कपूर, सलमान खान, आलिया भट्ट और पूर्व क्रिकेटर इरफान पठान ने इस मुद्दे पर अपनी चिंता जताई है। पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने भी दिल्ली की सड़कों पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निंदा की है।

सरकार का रुख और आगे की राह

विवाद को गहराता देखकर सरकार की तरफ से भी प्रतिक्रिया आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐलान किया है कि पेपर लीक मामलों की तेज सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे। सरकार का कहना है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

हालांकि प्रदर्शनकारी छात्र केवल बयानों और आश्वासनों से संतुष्ट नहीं हैं। छात्रों का कहना है कि जब तक परीक्षा प्रणाली में पूरी पारदर्शिता नहीं लाई जाती और जिम्मेदारी तय नहीं होती, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा।

नीट भारत की सबसे महत्वपूर्ण और कठिन प्रवेश परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। इसमें हर साल देश के लाखों बच्चे डॉक्टर बनने का सपना लेकर बैठते हैं। जब इस तरह के घोटालों की खबरें आती हैं, तो छात्रों का भरोसा बुरी तरह टूटता है। ऐसे समय में सचिन तेंदुलकर का यह संदेश बहुत मायने रखता है कि देश के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए हमें हर हाल में योग्यता, कड़ी मेहनत और ईमानदारी की रक्षा करनी होगी।

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