एएमयू कोर्ट के सदस्य बने साइमा यूनुस, अरमान रसूल और सतीश कुमार
Table of Contents
अलीगढ़।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी यानी एएमयू कोर्ट में तीन वरिष्ठ विभागाध्यक्षों को सदस्य घोषित किया गया है। इनमें प्रोफेसर साइमा यूनुस खान, प्रोफेसर अरमान रसूल फरीदी और प्रोफेसर सतीश कुमार शामिल हैं। तीनों की सदस्यता तत्काल प्रभाव से लागू होगी।
एएमयू की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, तीनों प्रोफेसरों को उनके संबंधित विभागों में वरिष्ठतम अध्यक्ष होने के आधार पर रोटेशन के तहत एएमयू कोर्ट का सदस्य बनाया गया है। यह सदस्यता तीन वर्ष की अवधि के लिए होगी। हालांकि, यदि इससे पहले वे अपने संबंधित विभागों के अध्यक्ष पद पर नहीं रहते हैं, तो उनकी कोर्ट सदस्यता भी उसी समय समाप्त हो जाएगी।
एएमयू कोर्ट के सदस्य कौन बने?
प्रोफेसर साइमा यूनुस खान अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के पीडियाट्रिक्स एंड प्रिवेंटिव डेंटिस्ट्री विभाग से जुड़ी हैं। उन्हें वरिष्ठ विभागाध्यक्ष के रूप में एएमयू कोर्ट का सदस्य घोषित किया गया है।
प्रोफेसर अरमान रसूल फरीदी एएमयू के कंप्यूटर साइंस विभाग के अध्यक्ष हैं। उन्हें भी वरिष्ठता और रोटेशन के निर्धारित प्रावधानों के तहत कोर्ट की सदस्यता मिली है।
तीसरे सदस्य प्रोफेसर सतीश कुमार हैं। वह अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के वाइल्डलाइफ साइंसेज विभाग से जुड़े हैं। उन्हें भी विभाग के वरिष्ठतम अध्यक्षों में शामिल होने के आधार पर एएमयू कोर्ट में सदस्य बनाया गया है।
एएमयू कोर्ट क्या है?
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी कोर्ट विश्वविद्यालय की महत्वपूर्ण संस्थागत व्यवस्थाओं में से एक है। इसके सदस्यों की भूमिका विश्वविद्यालय से जुड़े विभिन्न प्रशासनिक और नीतिगत मामलों में महत्वपूर्ण होती है। एएमयू कोर्ट की संरचना विश्वविद्यालय के निर्धारित नियमों और प्रावधानों के अनुसार होती है।
इस बार तीन वरिष्ठ विभागाध्यक्षों को रोटेशन के आधार पर सदस्य बनाया गया है। एएमयू में विभागाध्यक्षों की वरिष्ठता के आधार पर ऐसी जिम्मेदारियां दिए जाने का प्रावधान है।
कितने समय तक रहेगी सदस्यता?
प्रोफेसर साइमा यूनुस खान, प्रोफेसर अरमान रसूल फरीदी और प्रोफेसर सतीश कुमार की एएमयू कोर्ट सदस्यता तीन वर्ष तक रहेगी। हालांकि, उनके कार्यकाल को उनके विभागाध्यक्ष पद से जुड़े नियम से भी जोड़ा गया है।
यदि तीन वर्ष पूरे होने से पहले इनमें से कोई प्रोफेसर अपने संबंधित विभाग का अध्यक्ष नहीं रहता है, तो उसकी एएमयू कोर्ट सदस्यता भी उसी समय समाप्त हो जाएगी।
एएमयू कोर्ट में नई नियुक्तियों का महत्व
तीन वरिष्ठ विभागाध्यक्षों को एएमयू कोर्ट में शामिल किए जाने से विश्वविद्यालय की संस्थागत व्यवस्था में उनकी भागीदारी बढ़ेगी। यह निर्णय अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक ढांचे और विभागीय वरिष्ठता से जुड़े निर्धारित प्रावधानों के तहत लिया गया है।
मुख्य नाम: प्रोफेसर साइमा यूनुस खान, प्रोफेसर अरमान रसूल फरीदी, प्रोफेसर सतीश कुमार, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, एएमयू कोर्ट, एएमयू कोर्ट सदस्य, एएमयू विभागाध्यक्ष, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी समाचार।

