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अमेरिका ईरान युद्ध खत्म: डोनल्ड ट्रंप- तेहरान में समझौता, खुलेगा हॉर्मुज जलडमरूमध्य, ईरान को मिली जीत

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मुस्लिम नाउ ब्यूरो, तेहरान, वाॅशिंगटन

महीनों से चल रहे भीषण तनाव और सैन्य टकराव के बाद आखिरकार अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने पर सहमति बन गई है। दोनों देशों ने सभी मोर्चों पर सैन्य अभियानों को तुरंत और स्थायी रूप से रोकने का फैसला किया है। इस समझौते की पुष्टि खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और मध्यस्थ देश पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने की है। इस फैसले के बाद वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल बाजार को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

क्या है पूरा मामला और ट्रंप का बयान?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर इस समझौते की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ डील पूरी हो चुकी है। इसके साथ ही उन्होंने हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर लगे अमेरिकी नौसेना के प्रतिबंध को तुरंत हटाने के निर्देश दिए हैं। ट्रंप ने लिखा कि दुनिया के जहाज अपने इंजन शुरू करें और तेल को बहने दें। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया है कि अगर ईरान परमाणु शर्तों को पूरा करने में नाकाम रहता है, तो अमेरिका दोबारा सैन्य कार्रवाई शुरू कर सकता है।

ईरान का दावा: मिली रणनीतिक जीत

दूसरी तरफ, ईरान ने इस समझौते को अपनी बड़ी जीत के रूप में पेश किया है। ईरानी सरकारी टेलीविजन पर दिखाए गए बयानों में कहा गया कि अमेरिका को युद्ध खत्म करने के समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम गारीबाबादी ने कहा कि समझौता अंतिम चरण में है, लेकिन इसका औपचारिक रूप से लागू होना शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में होने वाले आधिकारिक हस्ताक्षर के बाद ही शुरू होगा।

ईरान इस बात पर अड़ा था कि युद्धविराम में लेबनान का मोर्चा भी शामिल होना चाहिए, जहां इजरायल लगातार हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमले कर रहा था।

समझौते के मुख्य बिंदु और चुनौतियां

पाकिस्तान और कतर की मध्यस्थता से तैयार हुए इस समझौते के तहत कुछ बेहद अहम कदम उठाए जाने हैं:

  • हॉर्मुज जलडमरूमध्य का खुलना: दुनिया के कुल तेल और प्राकृतिक गैस सप्लाई का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। युद्ध के कारण यह रास्ता पूरी तरह ठप था, जिससे वैश्विक बाजार में ईंधन का संकट खड़ा हो गया था। The Guardian
  • प्रतिबंधों में ढील और फंड की रिहाई: ईरानी मीडिया के मुताबिक, अमेरिका अगले 60 दिनों के भीतर ईरान के फ्रीज किए गए 24 अरब डॉलर के फंड में से आधी रकम यानी 12 अरब डॉलर जारी कर सकता है ताकि ईरान की चरमराती अर्थव्यवस्था को संभाला जा सके। The Hindu
  • परमाणु कार्यक्रम का मुद्दा: ईरान के पास इस समय 60 प्रतिशत तक संवर्धित (enriched) यूरेनियम का बड़ा भंडार है। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि वे इस क्षेत्र में शांति स्थापित होने के बाद इस न्यूक्लियर मटेरियल को नष्ट या देश से बाहर भेजने पर काम करेंगे, जिसके लिए 60 दिनों की तकनीकी बातचीत का समय तय किया गया है। The Washington Post

इजरायल का रुख और क्षेत्रीय समीकरण

इस पूरे समझौते के दौरान इजरायल को बातचीत से अलग रखा गया था। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस डील पर आपत्ति जताई है। सूत्रों के मुताबिक, इजरायल ने साफ किया है कि वह लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ अपने सैन्य अभियानों को रोकने के लिए इस समझौते से बाध्य नहीं है। समझौते की घोषणा वाले दिन भी इजरायल ने बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर हवाई हमले किए थे, जिससे बातचीत टूटने का खतरा पैदा हो गया था।

क्षेत्र में स्थायी शांति तभी आ पाएगी जब जमीनी स्तर पर सक्रिय अन्य सशस्त्र समूह और इजरायल इस युद्धविराम का पूरी तरह पालन करेंगे। फिलहाल, आगामी शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में होने वाले आधिकारिक हस्ताक्षर पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।