Bangladesh : शिष्या सपना खातून ने तोड़ा गुरु का रिकॉर्ड
ढाका:
खेल की दुनिया में कुछ पल सिर्फ जीत के नहीं होते। वे इतिहास बन जाते हैं। बांग्लादेश में ऐसा ही एक भावुक और प्रेरणादायक पल देखने को मिला, जब एक शिष्या ने अपने ही गुरु का 22 साल पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ दिया। लेकिन इस जीत में प्रतिस्पर्धा से ज्यादा सम्मान और रिश्ते की खूबसूरती दिखाई दी।
बांग्लादेश नौसेना की एथलीट सपना खातून ने लंबी कूद में 6.25 मीटर की छलांग लगाकर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बना दिया। इसके साथ ही उन्होंने अपनी कोच और देश की पूर्व स्टार एथलीट फौजिया हुदा जुई का 22 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। फौजिया ने 2004 में इस्लामाबाद में 6.06 मीटर की छलांग लगाकर राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था। तब शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि दो दशक बाद उनकी अपनी शिष्या ही उस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ देगी।
रिकॉर्ड टूटने के बाद सपना खातून की पहली प्रतिक्रिया ने सबका दिल जीत लिया। उन्होंने कहा, “मेरी कोच फौजिया हुदा जुई हैं। मैं उन्हीं के मार्गदर्शन में बीकेएसपी में बड़ी हुई हूं। वह हमेशा चाहती थीं कि मैं रिकॉर्ड बनाऊं।”
यह सिर्फ एक खिलाड़ी का बयान नहीं था। यह उस भरोसे और मेहनत की कहानी थी, जो वर्षों तक मैदान में पसीने के साथ तैयार होती है।
खेल में अक्सर रिकॉर्ड टूटते हैं। लेकिन हर रिकॉर्ड के पीछे एक रिश्ता नहीं होता। सपना की सफलता में उनकी कोच का सपना भी शामिल था। शायद यही वजह है कि इस उपलब्धि को खेल प्रेमी सिर्फ एक जीत नहीं, बल्कि गुरु और शिष्य की साझी जीत मान रहे हैं।
सपना यहीं रुकना नहीं चाहतीं। उनका लक्ष्य अब और बड़ा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता की संभावना के सवाल पर उन्होंने साफ कहा, “अगर मुझे सही मौका मिला तो मैं और बेहतर छलांग लगा सकती हूं। मेरा लक्ष्य 6.60 मीटर तक पहुंचना है।”
उनके आत्मविश्वास ने यह साफ कर दिया कि यह रिकॉर्ड मंजिल नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है।
राष्ट्रीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में सिर्फ सपना ही नहीं चमकीं। कई अन्य खिलाड़ियों ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए नए रिकॉर्ड बनाए।
पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में बांग्लादेश नौसेना के फारुक अहमद ने 47.59 मीटर की दूरी तय कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने बांग्लादेश सेना के अब्दुल अलीम का 2025 में बना 46.94 मीटर का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया।
महिलाओं की डिस्कस थ्रो में बांग्लादेश नौसेना की जफरीन अख्तर ने भी कमाल दिखाया। उन्होंने 46.06 मीटर का थ्रो कर अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया। इससे पहले उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2022 में 43.49 मीटर था। यह दिखाता है कि खिलाड़ी सिर्फ दूसरों को नहीं, खुद को भी लगातार चुनौती दे रहे हैं।
महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ में बांग्लादेश सेना की वर्षा खातून ने नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने 1 मिनट 03.17 सेकंड का समय निकालकर अपना ही पिछला रिकॉर्ड तोड़ा। 2025 में उन्होंने यह दूरी 1 मिनट 04.50 सेकंड में पूरी की थी।
पुरुषों की 110 मीटर बाधा दौड़ में बांग्लादेश नौसेना के एथलीट ने 14.64 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वहीं महिलाओं की 100 मीटर बाधा दौड़ में बीकेएसपी की मोशा तस्मिया हुसैन ने 14.89 सेकंड में दौड़ पूरी कर स्वर्ण पदक जीता।
पुरुषों की 400 मीटर बाधा दौड़ में बांग्लादेश सेना के नाजिमुल हुसैन रोनी ने 51.90 सेकंड का समय निकालकर पहला स्थान हासिल किया।
हालांकि 200 मीटर दौड़ में दर्शकों को एक बड़ा नाम देखने को नहीं मिला। देश के सबसे तेज धावकों में गिने जाने वाले इमरानुर रहमान ने पारिवारिक कारणों से हिस्सा नहीं लिया। बताया गया कि वह जल्द इंग्लैंड रवाना होंगे।
पदक तालिका में बांग्लादेश नौसेना फिलहाल सबसे आगे है। टीम ने 15 स्वर्ण, 12 रजत और 7 कांस्य सहित कुल 34 पदक जीते हैं। बांग्लादेश सेना 40 कुल पदकों के साथ दूसरे स्थान पर है, जिसमें 11 स्वर्ण शामिल हैं। वहीं बीकेएसपी छह पदकों के साथ तीसरे स्थान पर है।
लेकिन इन सबके बीच जिस कहानी ने सबसे ज्यादा दिल छुआ, वह सपना खातून और फौजिया हुदा जुई की रही। खेल में गुरु का रिकॉर्ड तोड़ना बड़ी बात होती है। मगर उससे भी बड़ी बात यह है कि गुरु खुद उस दिन का इंतजार कर रहा हो।

