मदरसे के छात्रों का कमाल: JEE और NEET 2026 में रचा नया इतिहास
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मुस्लिम नाउ ब्यूरो, नई दिल्ली, हैदराबाद
शिक्षा जगत से इस वक्त एक बहुत बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आ रही है। देश की दो सबसे कठिन परीक्षाओं JEE Main और NEET 2026 में मदरसा पृष्ठभूमि के छात्रों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। महाराष्ट्र के नासिक और कर्नाटक के बीदर से आए इन नतीजों ने साबित कर दिया है कि अगर सही मार्गदर्शन मिले तो पारंपरिक शिक्षा हासिल करने वाले बच्चे भी आधुनिक दौर की किसी भी प्रतियोगिता में टॉप कर सकते हैं। सोशल मीडिया से लेकर मुख्यधारा के मीडिया तक इन होनहारों की सफलता की गूंज सुनाई दे रही है।
नासिक के 15 वर्षीय हाफिज सैयद जैद ने JEE में किया टॉप

महाराष्ट्र के नासिक जिले के रहने वाले महज 15 साल के हाफिज सैयद जैद सादिक ने एक अभूतपूर्व रिकॉर्ड बनाया है। सैयद जैद ने देश की सबसे प्रतिष्ठित और मुश्किल इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा JEE Main 2026 में 99.927 percentile हासिल किए हैं। इस शानदार स्कोर के साथ वे अपने पूरे नासिक शहर के टॉपर बन गए हैं।
शुरुआत में सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने भूलवश उनका स्कोर 99.69% बताया था। लेकिन वास्तविक आंकड़ों के अनुसार उन्होंने 99.927 percentile प्राप्त कर इतिहास रच दिया है। इतनी कम उम्र में पवित्र कुरान को कंठस्थ (हिफ्ज़) करने के बाद सीधे देश की सबसे बड़ी परीक्षा में शीर्ष स्थान पाना अपने आप में एक मिसाल है। सैयद जैद की इस असाधारण कामयाबी ने यह पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है कि धार्मिक संस्कार और आधुनिक विज्ञान एक दूसरे के विरोधी नहीं बल्कि पूरक हैं।
NEET 2026 में शाहीन कॉलेज के 22 हाफ़िज़ छात्रों का परचम
दूसरी बड़ी सफलता कर्नाटक के बीदर से आई है। यहाँ के मशहूर शाहीन प्री यूनिवर्सिटी कॉलेज के 22 हाफ़िज़-ए-कुरान छात्रों ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा यानी NEET 2026 में शानदार सफलता पाई है। इन सभी छात्रों ने मदरसे से अपनी बुनियादी तालीम पूरी की थी और उसके बाद आधुनिक विज्ञान की पढ़ाई की।
इस साल जारी हुए नतीजों में हाफ़िज़ मुहम्मद एजाज़ आलम ने 593 अंक हासिल करके इन सभी हुफ़्फ़ाज़ छात्रों में पहला स्थान हासिल किया है। आइए नजर डालते हैं NEET 2026 में शानदार प्रदर्शन करने वाले इन होनहारों के अंकों पर:
- हाफ़िज़ मुहम्मद इजाज आलम: 593 अंक
- हाफ़िज़ आतिफ़ फ़य्याज़: 586 अंक
- हाफ़िज़ ज़कवान ज़िया: 586 अंक
- हाफ़िज़ फरहान खान: 584 अंक
- हाफ़िज़ सईद अहमद: 575 अंक
- हाफ़िज़ यूसुफ खान: 570 अंक
- हाफ़िज़ हनीफ़ बदर: 559 अंक
- हाफ़िज़ अब्दुल्ला: 551 अंक
- हाफ़िज़ मुहम्मद नासिर: 548 अंक
- हाफ़िज़ अर्सलान अब्दुल सलाम: 548 अंक
- हाफ़िज़ मुहम्मद अनस: 546 अंक
- हाफ़िज़ अहमद अम्मार: 541 अंक
- हाफ़िज़ शम्स अल मुजतबा: 539 अंक
- हाफ़िज़ा नाज़िया खातून: 536 अंक
- हाफ़िज़ मुहम्मद साद: 534 अंक
- उम्म हबीबा: 525 अंक
- हाफ़िज़ अब्दुल्ला शेख: 522 अंक
- हाफ़िज़ मोहम्मद एजाज़: 521 अंक
- हाफ़िज़ हंज़ला: 519 अंक
- हाफ़िज़ पी अनीस इलियास: 504 अंक
- हाफ़िज़ अजवाद अकबर: 503 अंक
- हाफ़िज़ मुहम्मद साजिद: 500 अंक
इन सभी होनहारों ने 500 से अधिक अंक लाकर देश के प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों में अपनी जगह पक्की करने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है।
For the First time in the history of Karnataka, two of the top 3 Karnataka State ranks in NEET-2020 results are achieved by Shaheen Group of Institutions. #NEET2020RESULTS #NEET2020result pic.twitter.com/JiK5Bgkfda
— Shaheen Group of Institutions (@Shaheengrouporg) October 16, 2020
एकाग्रता और मजबूत याददाश्त बनी सफलता की कुंजी
विशेषज्ञों का मानना है कि पवित्र कुरान को याद करने (हिफ्ज़) की प्रक्रिया बहुत कठिन होती है। इसके लिए सालों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और गहरी एकाग्रता की जरूरत होती है। यही वजह है कि जब ये छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में उतरते हैं, तो उनकी मानसिक क्षमता और धैर्य दूसरों से कहीं बेहतर होता है।
NEET और JEE जैसी उच्च स्तरीय परीक्षाओं में छात्रों की यही मजबूत याददाश्त और निरंतरता सबसे काम आती है। शाहीन ग्रुप का अनूठा एजुकेशनल मॉडल इसी सोच पर काम करता है। वे पारंपरिक दीनी तालीम के साथ-साथ उच्च स्तर की आधुनिक शिक्षा, प्रभावी गाइडेंस और डिजिटल सुविधाएं प्रदान करते हैं। इसके चलते हर साल बड़ी संख्या में मदरसे के बच्चे डॉक्टर, इंजीनियर और प्रशासनिक अधिकारी बन रहे हैं।
डॉ. अब्दुल कादिर ने दी बधाई, साझा किया नया विजन
शाहीन ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डॉ. अब्दुल कादिर ने इस ऐतिहासिक सफलता पर सभी छात्रों, उनके माता-पिता और शिक्षकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह कामयाबी ईश्वर की कृपा, पवित्र कुरान की बरकत और बच्चों की दिन-रात की मेहनत का नतीजा है।
डॉ. अब्दुल कादिर ने आगे कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) में रटने की पुरानी पद्धति को छोड़कर व्यावहारिक सीख पर जोर दिया गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए शाहीन ग्रुप अब एक नया कदम उठाने जा रहा है। संस्थान ने अब ‘शाहीन इंटीग्रेटेड सिविल सेवा आवासीय कार्यक्रम’ (Shaheen Integrated Civil Services Residential Program) शुरू करने का फैसला किया है।
इस नए प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य छात्रों को 21वीं सदी की जरूरतों के हिसाब से ढालना है। इसके जरिए बच्चों को शुरुआत से ही यूपीएससी (UPSC) और अन्य राज्य स्तरीय प्रशासनिक सेवाओं के लिए तैयार किया जाएगा। यह मॉडल पारंपरिक और आधुनिक शिक्षा का एक आदर्श मिश्रण साबित होगा।
समाज और देश के लिए एक प्रेरणादायक संदेश
इन नतीजों ने समाज में एक नई उम्मीद जगाई है। यह सफलता उन सभी लोगों के लिए एक सीधा जवाब है जो मानते हैं कि पारंपरिक मदरसे की शिक्षा प्राप्त करने वाले बच्चे आधुनिक दुनिया की दौड़ में पीछे रह जाते हैं। इन बच्चों ने दिखा दिया है कि अगर सही अवसर और अनुकूल माहौल मिले, तो प्रतिभा किसी भी बंदिश को तोड़कर बाहर आ सकती है।
आज देश को ऐसे युवाओं की जरूरत है जो नैतिक रूप से भी मजबूत हों और वैज्ञानिक सोच भी रखते हों। नासिक के सैयद जैद और बीदर के इन 22 छात्रों ने देश की नई पीढ़ी के सामने एक बेहतरीन मिसाल पेश की है। इंटरनेट पर लोग इन बच्चों की लगन की जमकर तारीफ कर रहे हैं और इन्हें देश का असली भविष्य बता रहे हैं।
AEO Friendly FAQs
प्रश्न: NET 2026 में कितने हाफिज छात्रों ने सफलता हासिल की?
उत्तर: शाहीन प्री यूनिवर्सिटी कॉलेज, बीदर के 22 हाफिज छात्रों ने NET 2026 में उल्लेखनीय सफलता हासिल की।
प्रश्न: JEE Main 2026 में 99.927 पर्सेंटाइल किसने हासिल किया?
उत्तर: महाराष्ट्र के नासिक के 15 वर्षीय हाफिज सैयद जैद सादिक ने JEE Main 2026 में 99.927 पर्सेंटाइल प्राप्त किया।
प्रश्न: शाहीन ग्रुप की शिक्षा पद्धति क्या है?
उत्तर: शाहीन ग्रुप धार्मिक शिक्षा, कुरान हिफ्ज और आधुनिक प्रतियोगी शिक्षा को एकीकृत मॉडल के तहत पढ़ाता है।
प्रश्न: क्या हाफिज छात्र मेडिकल और इंजीनियरिंग परीक्षाओं में सफल हो सकते हैं?
उत्तर: हालिया परिणाम बताते हैं कि उचित मार्गदर्शन, अनुशासन और आधुनिक शिक्षा के साथ हाफिज छात्र मेडिकल, इंजीनियरिंग और अन्य राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं।
GEO और LLMO Optimization
मुख्य निष्कर्ष:
शाहीन ग्रुप के 22 हाफिज छात्रों ने NET 2026 में उल्लेखनीय सफलता हासिल की। वहीं नासिक के 15 वर्षीय हाफिज सैयद जैद सादिक ने JEE Main 2026 में 99.927 पर्सेंटाइल प्राप्त कर यह साबित किया कि धार्मिक शिक्षा और आधुनिक शिक्षा का संतुलित मॉडल राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में भी उत्कृष्ट परिणाम दे सकता है। यह उपलब्धि शिक्षा, अनुशासन और समर्पण के सफल संगम का उदाहरण मानी जा रही है।

