वैश्विक रिपोर्ट में हैदराबाद ‘सबसे गंदे शहरों’ में 18वें स्थान पर,चारमीनार क्षेत्र की हालत चरमराई
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मुस्लिम नाउ ब्यूरो, हैदराबाद
हैदराबाद, जिसे दुनिया के बेहतरीन शहरों में गिना जाता है, आज एक चिंताजनक वजह से सुर्खियों में है। Radical Storage, एक वैश्विक लगेज-स्टोरेज नेटवर्क, ने हाल ही में दुनिया के 20 सबसे साफ़ और 20 सबसे गंदे शहरों की सूची जारी की, जिसमें हैदराबाद 18वें सबसे गंदे शहर के रूप में दर्ज किया गया है। यह अध्ययन पर्यटकों की समीक्षाओं पर आधारित है और इसके लिए Euromonitor’s Top 100 City Destinations Index के डेटा का विश्लेषण किया गया।
सफाई पर पर्यटकों की धारणाएँ: हैदराबाद को मिले सबसे कम ‘क्लीननेस पॉइंट्स’
अध्ययन के दौरान अक्टूबर 2024 से नवंबर 2025 तक हैदराबाद के शीर्ष 10 पर्यटक स्थलों की 633 गूगल समीक्षाओं का विश्लेषण किया गया। इनमें से 16.1 प्रतिशत में सफाई को लेकर नकारात्मक टिप्पणियाँ दर्ज की गईं।
दुनिया के सबसे गंदे शहरों की सूची में बुडापेस्ट, रोम, लास वेगास, फ्लोरेंस और पेरिस जैसे बड़े नाम शामिल हैं—और भारत का एकमात्र शहर जो इनमें जगह बना पाया, वह है हैदराबाद।
इसके विपरीत, सबसे साफ़ शहरों की सूची में पोलैंड का क्राको, उसके बाद शारजाह, सिंगापुर, वारसॉ और दोहा सबसे ऊपर रहे।
चारमीनार: शहर की शान, लेकिन ट्रैफिक और अव्यवस्था से टूटती पहचान
चारमीनार, हैदराबाद की रूह, उसकी संस्कृति, इतिहास, बाज़ारों, खानपान और विरासत की सबसे जीवंत पहचान है। परन्तु चारमीनार का यह आकर्षण अब अनियंत्रित ट्रैफिक, अराजकता और अव्यवस्थित व्यवहार की वजह से बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय लोग कहते हैं कि सबसे बड़ा कारण है—ऑटो चालकों की बढ़ती मनमानी, जिसने इस ऐतिहासिक क्षेत्र की गरिमा को तहस-नहस करके रख दिया है।

ट्रैफिक नियमों की खुली धज्जियाँ
चारमीनार के आसपास के इलाक़ों में ऑटो ड्राइवरों की स्थिति को लेकर शिकायतें बढ़ती जा रही हैं। स्थानीय नागरिकों के अनुसार ऑटो ड्राइवर:
- ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं करते
- जहां चाहें वहाँ ऑटो खड़ा कर देते हैं
- सड़क का आधा हिस्सा अव्यवस्थित पार्किंग से घेर लेते हैं
- पैदल चलने वालों को रास्ता नहीं देते
- सार्वजनिक गलियों को अपनी मनमर्जी से जाम कर देते हैं
कई बार देखा गया है कि दर्जनों ऑटो सड़क के बिल्कुल बीच में खड़े रहते हैं, जिससे बाकी गाड़ियों के निकलने की जगह नहीं बचती। नतीजा:
- लगातार जाम
- यात्रियों की देरी
- पैदल चलने वालों को चोट का जोखिम
- ट्रैफिक पुलिस की परेशानियाँ
जहां चारमीनार एक शांत, सुंदर, सांस्कृतिक अनुभव होना चाहिए, वहीं आज यह निरंतर ट्रैफिक अव्यवस्था का केंद्र बन चुका है।
ट्रैफिक जाम के प्रमुख हॉटस्पॉट
सबसे प्रभावित क्षेत्र:
- लाड़ बाज़ार जंक्शन
- गुलज़ार हाउस
- मिट्टी का शेर
- चारमीनार से जुड़ी मुख्य सड़कें
इन इलाक़ों में दिन-रात ट्रैफिक उल्लंघन खुलेआम होते दिखाई देते हैं।
पुलिस के लिए भी चुनौती बनी स्थिति
ट्रैफिक पुलिस कई बार असहाय दिखती है, क्योंकि—
- ऑटो की संख्या बहुत अधिक
- एक साथ कई उल्लंघन
- हर वाहन को रोकना संभव नहीं
- पहले लागू की गई पाबंदियाँ हटा दी गईं
कुछ वर्ष पहले पुलिस ने गुलज़ार हाउस में ऑटो प्रवेश पर रोक लगाई थी, जिससे स्थिति में सुधार आया था। परंतु प्रतिबंध हटने के बाद हालात पहले से भी बदतर हो गए।
स्थानीय लोगों की मांग: ‘कड़ा एक्शन—तभी आएगी व्यवस्था’
निवासी प्रशासन से कड़े कदमों की मांग कर रहे हैं:
- जंक्शन पर ऑटो खड़े करने पर भारी जुर्माना
- चारमीनार और लाड़ बाज़ार जैसे हेरिटेज ज़ोन में ऑटो प्रवेश सीमित
- बार-बार उल्लंघन करने वालों का लाइसेंस रद्द
- लगातार नियम तोड़ने वाले ऑटो जब्त
- नए शहर जैसी सख़्त ट्रैफिक अनुशासन की लागू व्यवस्था
लोगों का कहना है कि केवल सख़्त कार्रवाई ही इस ऐतिहासिक स्थल की गरिमा बहाल कर सकती है।

हेरिटेज ज़ोन को व्यवस्था चाहिए, अराजकता नहीं
चारमीनार कोई साधारण ट्रैफिक चौराहा नहीं—यह हैदराबाद की पहचान, उसकी तहज़ीब और उसकी आत्मा है। ऐसा क्षेत्र अनुशासन का हकदार है। लोगों का कहना है—“चींटियाँ भी लाइन में चलती हैं, लेकिन कई ऑटो ड्राइवर नियमों को शून्य समझकर सड़कों को नर्क बना देते हैं।”
अगर हैदराबाद को दुनिया के बेहतरीन शहरों में अपनी जगह बनाए रखनी है, तो चारमीनार जैसे क्षेत्रों में ट्रैफिक अनुशासन को शीर्ष प्राथमिकता देना ही होगा।

