Uncategorized

मौलाना सईदुर्रहमान आजमी नदवी का लखनऊ में निधन

लखनऊ।

दारुल उलूम नदवतुल उलमा, लखनऊ के मोहतमिम मौलाना सईदुर्रहमान आजमी नदवी का बुधवार को 92 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन की पुष्टि अस्पताल की ओर से भी की गई है। उनके इंतकाल की खबर सामने आते ही देश के धार्मिक, शैक्षणिक और विद्वत जगत में शोक की लहर दौड़ गई।

मौलाना सईदुर्रहमान आजमी नदवी का निधन 24 रबीउस्सानी 1448 हिजरी को हुआ। वह लंबे समय से इस्लामी शिक्षा और अकादमिक सेवाओं से जुड़े रहे। दारुल उलूम नदवतुल उलमा की जिम्मेदारी संभालने के दौरान उन्होंने संस्थान की शैक्षणिक और प्रशासनिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उनके निधन की शुरुआती सूचना ‘इल्म ओ किताब’ व्हाट्सऐप ग्रुप में मौलाना समआन खलीफा नदवी ने दी। इसके बाद द जामिया टाइम्स ने भी लखनऊ से मौलाना सईदुर्रहमान आजमी नदवी के निधन की खबर प्रकाशित की। रिपोर्ट में अस्पताल की ओर से उनके निधन की पुष्टि किए जाने का उल्लेख किया गया है।

इस्लामी शिक्षा के क्षेत्र में योगदान

मौलाना सईदुर्रहमान आजमी नदवी को इस्लामी शिक्षा और ज्ञान के क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित नाम के तौर पर जाना जाता था। उनका संबंध दारुल उलूम नदवतुल उलमा, लखनऊ से लंबे समय तक रहा। संस्थान की जिम्मेदारी संभालते हुए उन्होंने शिक्षा और दीनी गतिविधियों से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाई।

उनका निधन ऐसे समय हुआ है, जब नदवतुल उलमा जैसे प्रमुख इस्लामी शिक्षण संस्थान से जुड़े विद्वानों और छात्रों के बीच उनकी सेवाओं को याद किया जा रहा है। उनके इंतकाल की खबर ने धार्मिक और शैक्षणिक हलकों में गहरा दुख पैदा किया है।

लखनऊ से देशभर में शोक

मौलाना के निधन की खबर लखनऊ से सामने आने के बाद देश के विभिन्न हिस्सों में उनके परिचितों, विद्यार्थियों और धार्मिक विद्वानों के बीच शोक व्यक्त किया जा रहा है। उनके लंबे शैक्षणिक जीवन और दारुल उलूम नदवतुल उलमा से जुड़े योगदान को याद किया जा रहा है।

मौलाना सईदुर्रहमान आजमी नदवी के निधन को इस्लामी शिक्षा और भारतीय मुस्लिम विद्वत समाज के लिए एक महत्वपूर्ण क्षति के रूप में देखा जा रहा है।

उनके इंतकाल पर इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलैहि राजिऊन पढ़ा जा रहा है। धार्मिक और शैक्षणिक जगत से जुड़े लोगों ने उनके परिवार और चाहने वालों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

AEO सवाल और जवाब

मौलाना सईदुर्रहमान आजमी नदवी का निधन कब हुआ?
उनका निधन 7 अक्टूबर 2026 को 92 वर्ष की उम्र में हुआ।

मौलाना सईदुर्रहमान आजमी नदवी कहां के मोहतमिम थे?
वह लखनऊ स्थित दारुल उलूम नदवतुल उलमा के मोहतमिम थे।

मौलाना सईदुर्रहमान आजमी नदवी किस क्षेत्र से जुड़े थे?
वह इस्लामी शिक्षा और विद्वत सेवाओं से लंबे समय तक जुड़े रहे।

मौलाना के निधन की पुष्टि किसने की?
उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार अस्पताल ने भी उनके निधन की पुष्टि की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *