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मां ने बेचे जेवर, अब बेटे ने IPL में ढाया कहर: बिहार के साकिब हुसैन की जादुई कहानी

बिहार के एक छोटे से जिले गोपालगंज से एक ऐसी कहानी निकली है जो संघर्ष, आंसू और जुनून की बेमिसाल मिसाल है। यह कहानी है साकिब हुसैन की। वही साकिब, जिन्होंने 13 अप्रैल 2026 की रात को सनराइजर्स हैदराबाद के लिए अपना पहला आईपीएल मैच खेलते हुए दुनिया को हिला कर रख दिया।

कभी पैरों में जूते नहीं थे, आज दुनिया मुरीद है

साकिब हुसैन का जन्म 14 दिसंबर 2004 को एक बेहद गरीब परिवार में हुआ। पिता एक खेतिहर मजदूर हैं। घर का गुजारा बड़ी मुश्किल से होता था। साकिब को बचपन से ही तेज गेंदबाजी का शौक था। लेकिन गरीबी इतनी थी कि उनके पास प्रोफेशनल क्रिकेट खेलने के लिए जरूरी ‘स्पाइक वाले जूते’ तक नहीं थे।

एक समय साकिब को 10 से 15 हजार रुपये के जूतों की सख्त जरूरत थी। पिता के पास इतने पैसे नहीं थे। तब उनकी मां सामने आईं। मां ने अपने बेटे के आंखों में छिपे सपनों को पहचान लिया था। उन्होंने अपने सोने के जेवर बेच दिए और उन पैसों से साकिब को क्रिकेट किट और जूते दिलाए। आज जब साकिब अपनी तेज गेंदों से स्टंप उखाड़ रहे हैं, तो उसके पीछे एक मां का वो महान बलिदान छिपा है।


डेब्यू मैच में मचाया कोहराम: राजस्थान रॉयल्स को घुटनों पर लाया

आईपीएल 2026 के एक अहम मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद का सामना राजस्थान रॉयल्स से था। हैदराबाद ने पहले बैटिंग करते हुए 216 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। लेकिन असली चमक अभी बाकी थी।

साकिब हुसैन ने गेंदबाजी की कमान संभाली और राजस्थान के बल्लेबाजों के लिए काल बन गए। उन्होंने ऐसी आग उगलती गेंदें फेंकी कि राजस्थान का टॉप ऑर्डर ताश के पत्तों की तरह ढह गया। मैच के आंकड़े बताते हैं कि तीसरे ओवर के खत्म होने तक राजस्थान का स्कोर मात्र 9 रन था और उनके 5 विकेट गिर चुके थे।

साकिब ने अपने कोटे के 4 ओवरों में सिर्फ 24 रन देकर 4 बड़े विकेट झटके। उनकी स्विंग और रफ्तार का राजस्थान के पास कोई जवाब नहीं था। अंत में हैदराबाद ने यह मैच 57 रनों से जीत लिया।

दिग्गजों ने कहा: ‘बिहार का यह लाल लंबी रेस का घोड़ा है’

साकिब के इस प्रदर्शन ने क्रिकेट के बड़े-बड़े पंडितों को उनका फैन बना दिया है। पूर्व दिग्गज क्रिकेटर इरफान पठान ने सोशल मीडिया पर लिखा:

“मैंने तेज गेंदबाजों का ऐसा डेब्यू पहले कभी नहीं देखा। साकिब और प्रफुल की जोड़ी ने हैदराबाद की गेंदबाजी में नई जान फूंक दी है।”

वहीं, नवजोत सिंह सिद्धू साकिब की कहानी सुनकर भावुक हो गए। उन्होंने कहा:

“जिस लड़के के पास कभी जूते नहीं थे, आज उसने अपनी मेहनत से करोड़ों युवाओं को सपने देखने की हिम्मत दी है। संघर्ष इंसान को तोड़ता नहीं, उसे बनाता है।”


कैसा रहा साकिब का अब तक का सफर?

साकिब की प्रतिभा सबसे पहले 2022-23 की सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में दिखी थी। तब मात्र 17 साल की उम्र में उन्होंने बिहार के लिए खेलते हुए अपने दूसरे ही मैच में 4 विकेट लिए थे। इसके बाद रणजी ट्रॉफी 2025-26 में उन्होंने अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ 6 विकेट लेकर चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा।

साकिब को सबसे पहले आईपीएल 2024 में कोलकाता नाइट राइडर्स ने खरीदा था, लेकिन उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला। साल 2026 की नीलामी में सनराइजर्स हैदराबाद ने उन पर भरोसा जताया और 30 लाख रुपये में अपनी टीम में शामिल किया। साकिब ने अपने पहले ही मैच में इस भरोसे को सही साबित कर दिया।

आंकड़ों की नजर में साकिब का दबदबा

मैच के दौरान साकिब और प्रफुल की गेंदबाजी ने राजस्थान को हर मोर्चे पर पछाड़ा। पावरप्ले में राजस्थान का रन रेट मात्र 6.67 रहा, जबकि हैदराबाद 8.50 की औसत से रन बना रही थी। डेथ ओवरों में भी साकिब ने राजस्थान के पुछल्ले बल्लेबाजों को टिकने नहीं दिया।

मैच का चरणSRH रन रेटRR रन रेट
पावरप्ले8.506.67
मध्य ओवर11.449.66
डेथ ओवर12.408.00

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बिहार के युवाओं के लिए नई उम्मीद

साकिब हुसैन की यह सफलता सिर्फ उनकी निजी जीत नहीं है। यह बिहार के उन तमाम छोटे शहरों के खिलाड़ियों की जीत है जो अभावों में जी रहे हैं। साकिब ने साबित कर दिया कि अगर आपके पास हुनर है और आप कड़ी मेहनत करने को तैयार हैं, तो गरीबी आपके रास्ते की रुकावट नहीं बन सकती।

गोपालगंज के खेतों से निकलकर आईपीएल के स्टेडियम की रोशनी तक का साकिब का यह सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। अब पूरे देश की नजरें इस युवा तेज गेंदबाज पर टिकी हैं। साकिब हुसैन का नाम अब भारतीय क्रिकेट के भविष्य के तौर पर देखा जा रहा है।

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