मुंबई फायरिंग मामला: केआरके गिरफ्तार, कोर्ट ने 27 जनवरी तक पुलिस कस्टडी में भेजा
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मुस्लिम नाउ ब्यूरो, नई दिल्ली
फिल्म समीक्षाओं और विवादित बयानों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहने वाले अभिनेता-निर्माता और स्वयंभू फिल्म क्रिटिक कमाल राशिद खान उर्फ केआरके एक बार फिर गंभीर कानूनी संकट में घिर गए हैं। मुंबई के अंधेरी स्थित ओशिवारा इलाके में हुई फायरिंग की घटना के सिलसिले में मुंबई पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। बांद्रा की एक अदालत ने केआरके को 27 जनवरी 2026 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। मामले की जांच जारी है और पुलिस घटना के पीछे के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है।
क्या है पूरा मामला?
मुंबई पुलिस के अनुसार, यह घटना 18 जनवरी 2026 को ओशिवारा क्षेत्र की नालंदा सोसाइटी में सामने आई, जब एक रिहायशी इमारत की दूसरी और चौथी मंजिल पर गोलियों के निशान पाए गए। हालांकि इस फायरिंग में किसी के घायल होने की कोई सूचना नहीं है, लेकिन रिहायशी इलाके में हुई इस घटना से स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई थी। फायरिंग की सूचना मिलते ही ओशिवारा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।
शुरुआती जांच में पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और स्थानीय निवासियों से पूछताछ की, लेकिन प्रारंभिक स्तर पर कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा। इसके बाद फोरेंसिक जांच कराई गई, जिसमें यह संकेत मिला कि गोलियां पास ही स्थित एक बंगले से चलाई गई थीं, जो कथित तौर पर केआरके का बताया जा रहा है।
पुलिस पूछताछ में क्या सामने आया?
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान कमाल आर. खान ने स्वीकार किया कि फायरिंग उनके नाम पर पंजीकृत लाइसेंसी हथियार से हुई थी। उन्होंने यह भी बताया कि वे बंदूक की सफाई और टेस्टिंग कर रहे थे और इसी दौरान गोलियां चलीं। केआरके का दावा है कि उन्होंने जानबूझकर किसी इमारत या व्यक्ति को निशाना नहीं बनाया था, बल्कि पास के मैंग्रोव क्षेत्र की ओर फायर किया गया था। हालांकि, तेज हवाओं के कारण गोलियां भटक गईं और रिहायशी इमारत से जा टकराईं।
पुलिस ने केआरके की बंदूक जब्त कर ली है और हथियार की बैलिस्टिक जांच कराई जा रही है, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि बरामद कारतूस उसी हथियार से फायर किए गए थे या नहीं।
कोर्ट में क्या हुआ?
केआरके को पूछताछ के बाद बांद्रा कोर्ट में पेश किया गया, जहां पुलिस ने बताया कि घटना के दौरान दो राउंड फायरिंग हुई और मौके से एक खाली कारतूस बरामद किया गया है। पुलिस का कहना है कि फायरिंग का मकसद अभी स्पष्ट नहीं है और यह जानना जरूरी है कि यह घटना लापरवाही से हुई या इसके पीछे कोई अन्य उद्देश्य था।
कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए केआरके को 27 जनवरी तक पुलिस हिरासत में भेज दिया, ताकि आगे की जांच की जा सके।
वकील ने लगाए झूठे फंसाने के आरोप
केआरके की ओर से पेश हुए अधिवक्ता नागेश मिश्रा ने कोर्ट में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह मामला पूरी तरह से मनगढ़ंत है और उनके मुवक्किल को झूठा फंसाया जा रहा है। उन्होंने दलील दी कि जिस इमारत में गोलियां लगी हैं और केआरके के बंगले के बीच लगभग 400 मीटर की दूरी है, जबकि जिस पिस्टल को पुलिस ने जब्त किया है, उसकी प्रभावी रेंज मात्र 20 मीटर है।
वकील ने यह भी दावा किया कि फायरिंग किसी अज्ञात व्यक्ति ने दो अलग-अलग फ्लैटों पर की थी और केआरके का इस घटना से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि फिल्म इंडस्ट्री के कुछ बड़े नाम केआरके के खिलाफ हैं और उन्हीं के दबाव में पुलिस उन्हें फंसाने की कोशिश कर रही है।
पुलिस का पक्ष
मुंबई पुलिस का कहना है कि तकनीकी और फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर ही केआरके से पूछताछ की गई और उन्हीं की स्वीकारोक्ति के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, लाइसेंसी हथियार होने के बावजूद इस तरह की फायरिंग गंभीर अपराध की श्रेणी में आती है, खासकर जब यह रिहायशी इलाके में हुई हो।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान यह भी देखा जा रहा है कि क्या हथियार के इस्तेमाल में नियमों का उल्लंघन हुआ है और क्या यह घटना महज लापरवाही थी या इसके पीछे कोई और मंशा थी।
विवादों से पुराना नाता
गौरतलब है कि कमाल आर. खान पहले भी अपने बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट्स को लेकर विवादों में रहे हैं। वे कई बड़े फिल्मी सितारों और कॉमेडियन पर आपत्तिजनक टिप्पणियां करने के कारण आलोचना और कानूनी पचड़ों में फंस चुके हैं। सलमान खान और कपिल शर्मा सहित कई हस्तियों पर की गई टिप्पणियों के चलते उनकी छवि एक विवादास्पद व्यक्ति की बन चुकी है।
आगे क्या?
फिलहाल केआरके पुलिस हिरासत में हैं और उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस बैलिस्टिक रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्य और घटनास्थल से जुड़े सभी तकनीकी पहलुओं की गहन जांच कर रही है। आने वाले दिनों में कोर्ट के सामने जांच रिपोर्ट पेश की जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी।
इस मामले ने एक बार फिर लाइसेंसी हथियारों के सुरक्षित इस्तेमाल और सेलिब्रिटीज़ की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब यह देखना अहम होगा कि जांच में क्या निष्कर्ष निकलते हैं और अदालत इस पूरे मामले को किस दृष्टि से देखती है।

