शरिया अभियान पर मुस्लिम बुद्धिजीवियों ने उठाए सवाल
Table of Contents
मुस्लिम नाउ ब्यूरो, नई दिल्ली
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की ओर से शुरू किए गए ‘सेव इंडिया, सेव शरीयत’ अभियान को लेकर मुस्लिम समाज के भीतर ही बहस तेज हो गई है। 22 सितंबर 2026 को जारी एक संयुक्त बयान में मुस्लिम कार्यकर्ताओं, महिला अधिकार समर्थकों, बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के एक समूह ने अभियान पर आपत्ति जताई है। बयान में मुस्लिम पर्सनल लॉ में लैंगिक समानता और सुधार की जरूरत पर जोर दिया गया है।
यह विरोध ऐसे समय सामने आया है, जब AIMPLB का अभियान देशभर में चल रहा है। बोर्ड ने इस अभियान के जरिए संविधान, धार्मिक स्वतंत्रता और मुस्लिम पर्सनल लॉ से जुड़े मुद्दों को उठाने की बात कही है। अभियान को लेकर पहले से ही अलग अलग मुस्लिम संगठनों और सामाजिक समूहों में मतभेद सामने आए हैं। सितंबर की शुरुआत में इस अभियान को लेकर पसमांदा संगठनों की ओर से भी आपत्ति दर्ज की गई थी।
अब सामने आए बयान में 92 लोगों के हस्ताक्षर हैं। इसमें अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, अमोल पालेकर और रत्ना पाठक, सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ और तुषार गांधी, शिक्षाविद राम पुनियानी, इस्लामी विद्वान ज़ीनत शौकत अली तथा कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और महिला अधिकार समर्थकों के नाम शामिल हैं।
ALSO READ
आरएसएस और मुस्लिम राजनीति पर वरिष्ठ पत्रकार श्यामलाल यादव का बड़ा खुलासा
वोटर लिस्ट से 11 करोड़ नाम गायब योगेंद्र यादव के बड़े खुलासे से सनसनी
हामिद अंसारी से पद्म श्री वापस मांगने वालों पर सवाल
पूर्व CDS अनिल चौहान और मुस्लिम थिंक टैंक की बहस: आत्ममंथन का वक्त
अभियान पर क्यों उठ रहे हैं सवाल
संयुक्त बयान की शुरुआत जावेद आनंद और फिरोज मित्थीबोरवाला के साथ ज़किया सोमन, नूरजहां सफिया नियाज़, शम्सुद्दीन तांबोली और बादर सईद ने की है। इसमें कहा गया है कि ‘सेव इंडिया, सेव शरीयत’ अभियान मुस्लिम समाज के भीतर जरूरी सामाजिक और कानूनी सुधार की बहस को पीछे कर सकता है। बयान के मुताबिक, व्यक्तिगत कानून से जुड़े सवालों पर महिलाओं के अधिकार और लैंगिक समानता को भी केंद्र में रखा जाना चाहिए।
बयान में अभियान के राजनीतिक असर को लेकर भी चिंता जताई गई है। हस्ताक्षरकर्ताओं का कहना है कि मौजूदा राजनीतिक माहौल में शरीयत और यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी UCC को लेकर बहस आसानी से सामुदायिक ध्रुवीकरण का हिस्सा बन सकती है। यह उनका राजनीतिक विश्लेषण है। इसे सभी मुस्लिम संगठनों की राय नहीं माना जा सकता।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक AIMPLB ने 31 अगस्त को अभियान की घोषणा की थी। यह अभियान 17 सितंबर से शुरू होकर तीन महीने चलने वाला है। बोर्ड ने समान नागरिक संहिता को लेकर अपनी चिंताओं को सामने रखने की बात कही है। वहीं पसमांदा मुस्लिम महाज ने अभियान पर सवाल उठाते हुए कहा था कि इससे राजनीतिक ध्रुवीकरण का खतरा हो सकता है।
मुस्लिम पर्सनल लॉ में सुधार की मांग
संयुक्त बयान का बड़ा हिस्सा मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों से जुड़ा है। इसमें विवाह की न्यूनतम उम्र, बहुविवाह, तलाक, विरासत, बच्चों की कस्टडी और गोद लेने जैसे मुद्दों पर समान अधिकारों की मांग की गई है। बयान में हलाला और महिला जननांग विकृति जैसे मुद्दों को भी सुधार के दायरे में शामिल करने की बात कही गई है।
हस्ताक्षरकर्ताओं का कहना है कि धार्मिक स्वतंत्रता के साथ संविधान में दिए गए समानता के अधिकारों पर भी चर्चा जरूरी है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 का उल्लेख किया है। साथ ही अनुच्छेद 25 से 30 के तहत धार्मिक स्वतंत्रता की संवैधानिक व्यवस्था को भी बहस का हिस्सा बनाया है।
यहां एक महत्वपूर्ण बात यह है कि बयान में व्यक्त विचार हस्ताक्षरकर्ताओं के हैं। इन्हें AIMPLB या पूरे मुस्लिम समाज की स्थिति नहीं माना जा सकता। मुस्लिम पर्सनल लॉ, UCC और धार्मिक स्वतंत्रता पर भारत में अलग अलग संगठनों और विशेषज्ञों के बीच अलग राय मौजूद है।
तीन तलाक के पुराने हलफनामे का हवाला
बयान में 2016 के तीन तलाक मामले का भी उल्लेख किया गया है। हस्ताक्षरकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट में AIMPLB की ओर से दिए गए हलफनामे को अपने तर्क का आधार बनाया है। उनका कहना है कि उस समय व्यक्तिगत कानून की कुछ व्याख्याओं में महिलाओं के अधिकारों को लेकर गंभीर सवाल सामने आए थे।
तीन तलाक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 2017 में तत्काल तीन तलाक की प्रथा को असंवैधानिक घोषित किया था। हालांकि इस रिपोर्ट का केंद्र 2026 में शुरू हुआ ‘सेव इंडिया, सेव शरीयत’ अभियान और उसके विरोध में आया बयान है।
दूसरे मुस्लिम देशों का उदाहरण
संयुक्त बयान में पाकिस्तान, बांग्लादेश, ट्यूनीशिया और मोरक्को जैसे मुस्लिम बहुल देशों में व्यक्तिगत कानूनों में किए गए सुधारों का उदाहरण दिया गया है। हस्ताक्षरकर्ताओं का तर्क है कि मुस्लिम समाजों में पारिवारिक कानूनों को समय के साथ बदला और संहिताबद्ध किया गया है।
इस आधार पर बयान में भारत में भी मुस्लिम पर्सनल लॉ पर व्यापक बहस की मांग की गई है। इसमें महिलाओं के अधिकार, विवाह, तलाक, विरासत और बच्चों से जुड़े कानूनी अधिकारों को विशेष महत्व दिया गया है।
UCC की बहस भी केंद्र में
भारत में यूनिफॉर्म सिविल कोड लंबे समय से राजनीतिक और कानूनी बहस का विषय रहा है। AIMPLB का अभियान इसी बहस के बीच शुरू हुआ है। अभियान समर्थक पक्ष धार्मिक स्वतंत्रता और व्यक्तिगत कानून की संवैधानिक सुरक्षा पर जोर देता है। दूसरी ओर विरोध करने वाले समूह समान नागरिक अधिकार और लैंगिक न्याय को प्राथमिकता देने की मांग कर रहे हैं।
22 सितंबर के बयान में हस्ताक्षरकर्ताओं ने ऐसे UCC की मांग की है, जिसे वे लैंगिक न्याय और धर्मनिरपेक्ष कानूनी सिद्धांतों पर आधारित मानते हैं। साथ ही उन्होंने कहा है कि व्यक्तिगत कानून में सुधार का आधार समानता और मानवाधिकार होना चाहिए।
फ्री प्रेस जर्नल ने भी इस विवाद को मुस्लिम पर्सनल लॉ, UCC और महिला अधिकारों के बीच चल रही बहस के रूप में रिपोर्ट किया है। रिपोर्ट के अनुसार IMSD, BMMA और मुस्लिम सत्यशोधक मंडल से जुड़े लोगों ने AIMPLB अभियान की आलोचना की है।
हिंदू संगठनों की भूमिका पर भी सवाल
संयुक्त बयान में केवल AIMPLB की आलोचना नहीं की गई है। इसमें हिंदू दक्षिणपंथी संगठनों की ओर से मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों को उठाए जाने के राजनीतिक इस्तेमाल पर भी सवाल किए गए हैं। हस्ताक्षरकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों की बहस को राजनीतिक ध्रुवीकरण के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह आरोप बयान में शामिल पक्ष की स्थिति है और स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।
बयान में यह भी कहा गया है कि मुस्लिम समुदाय के सामने केवल व्यक्तिगत कानून का सवाल नहीं है। शिक्षा, रोजगार, सामाजिक और आर्थिक स्थिति तथा सुरक्षा जैसे मुद्दे भी महत्वपूर्ण हैं। हस्ताक्षरकर्ताओं का कहना है कि इन सवालों पर भी मुस्लिम नेतृत्व को ध्यान देना चाहिए।
92 हस्ताक्षरकर्ताओं ने क्या कहा
इस बयान पर कुल 92 लोगों के हस्ताक्षर बताए गए हैं। सूची में अलग अलग क्षेत्रों से जुड़े लोग शामिल हैं। इनमें फिल्म, पत्रकारिता, सामाजिक कार्य, अकादमिक क्षेत्र, महिला अधिकार आंदोलन और मुस्लिम सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग हैं। नसीरुद्दीन शाह, अमोल पालेकर, रत्ना पाठक, मल्लिका साराभाई, तीस्ता सीतलवाड़, तुषार गांधी और राम पुनियानी जैसे नाम प्रमुख हैं।
सूची में मुस्लिम सत्यशोधक मंडल, भारतीय मुस्लिम महिला आंदोलन और Indian Muslims for Secular Democracy से जुड़े कई कार्यकर्ता भी शामिल हैं।
मुस्लिम समाज के भीतर बहस का नया चरण
‘सेव इंडिया, सेव शरीयत’ अभियान के विरोध में आया यह बयान मुस्लिम पर्सनल लॉ को लेकर चल रही बहस का एक नया पक्ष सामने रखता है। एक तरफ AIMPLB धार्मिक स्वतंत्रता और व्यक्तिगत कानून के सवाल को प्रमुखता दे रहा है। दूसरी तरफ विरोध करने वाले मुस्लिम कार्यकर्ता और महिला अधिकार समर्थक व्यक्तिगत कानून में सुधार और लैंगिक समानता की मांग कर रहे हैं।
इस पूरे विवाद का एक अहम पहलू यह है कि मुस्लिम समाज को एक समान राजनीतिक या सामाजिक राय रखने वाले समूह के रूप में देखना इस बहस को पूरी तरह नहीं समझाता। अलग अलग मुस्लिम संगठन और सामाजिक कार्यकर्ता UCC, शरीयत और मुस्लिम पर्सनल लॉ को लेकर अलग विचार रखते हैं।
आने वाले दिनों में यह बहस संविधान, धार्मिक स्वतंत्रता, मुस्लिम पर्सनल लॉ, महिला अधिकार और समान नागरिक संहिता जैसे मुद्दों के इर्द गिर्द और तेज हो सकती है। फिलहाल इतना स्पष्ट है कि AIMPLB का ‘सेव इंडिया, सेव शरीयत’ अभियान केवल धार्मिक कानून की बहस तक सीमित नहीं रहा है। यह अब मुस्लिम समाज के भीतर सुधार, महिलाओं के अधिकार और भारत के संवैधानिक ढांचे को लेकर अलग अलग विचारों के टकराव का भी विषय बन गया है।
Our Call:
We call upon all progressive forces, civil society organizations, and secular political parties to intervene actively to ensure that the demand for a gender-just, religion-neutral Uniform Civil Code is rooted in equality and human rights, rather than weaponized for communal division.
Signatories:
1. Javed Anand, Convenor, Indian Muslims for Secular Democracy (IMSD), Mumbai
2. Zakia Soman, Co-convenor, Bhartiya Muslim Mahila Andolan (BMMA), Ahmedabad
3. Noorjehan Safia Niaz, Co-convenor, BMMA, Mumbai
4. Feroze Mithiborwala, Co-Convenor, IMSD, Mumbai
5. Shamsuddin Tamboli, Muslim Satyashodhak Mandal, Pune
6. Bader Sayeed, Former MLA, lawyer, President, Roshni, Chennai
7. A. J. Jawad, Lawyer, Arbitrator, IMSD, Chennai
8. Afroz Javed Inamdar, Muslim Satyashodhak Mandal Bengaluru
9. Ajij Sayyed Muslim Satyashodhak Mandal Pune
10. Akbar Shaikh, Social Activist, IMSD, Farmer, Solapur
11. Altaphusen Ramjan Nabab, Muslim Satyashodhak Mandal, Satara
12. Amar Tamboli, Muslim Satyashodhak Mandal Satara
13. Amol Palekar – Actor, director, film producer – Pune
14. Anand Patwardhan, Documentary Filmmaker, Mumbai
15. Ani Zonneveld, President, Muslims for Progressive Values (MPV), USA, and Founder Member, Alliance of Inclusive Muslims (International)
16. Anita Cheria, Indian Christian Women’s Movement, Bangalore
17. Anjum Rajabali, Film Script writer, IMSD, Mumbai
18. Anwar Shaikh, Muslim Satyashodhak Mandal, Pune
19. Arshad Alam, Columnist, editor, IMSD, Delhi
20. Ashok Dhiware IPS, Rtd. Additional DIG of Maharashtra State, Pune
21. (Dr) Ashwini KP, UN independent Expert, Bangalore
22. Asim Sayyed, Muslim Satyashodhak Mandal, Pune
23. Askari Zaidi, Veteran journalist, IMSD, Delhi
24. (Prof) Azharuddin Patel, Muslim Satyashodhak Mandal, Satara
25. Azim Pathan, Muslim Satyashodhak Mandal, Pune
26. Benazeer Tamboli, Muslim Satyashodhak Mandal, Pune
27. Benazir Kazi, Muslim Satyashodhak Mandal, Solapur
28. Bismilla Sayyed, Muslim Satyashodhak Mandal, Jalana
29. Dilawar Shaikh, Muslim Satyashodhak Mandal, Pune
30. Gulab Attar, Muslim Satyashodhak Mandal, Kolhapur
31. Hasan Ibrahim Pasha, Writer, IMSD, Allahabad
32. Hasina Khan, Bebaak Collective, Mumbai
33. Hilal Ahmed, Scholar and Author, Asst Professor, CSDS, Delhi
34. Iqbal Ahmad, BBC, Delhi
35. Irshad Wadgavkar, Muslim Satyashodhak Mandal, Kolhapur
36. Jamir Momin, Muslim Satyashodhak Mandal, Satara
37. Jamir Shaikh, Muslim Satyashodhak Mandal, Pune
38. Jeibunnisa R, BMMA, Tamil Nadu
39. Jyothi Yedulla, Vice-President, Casteless Society of India, Hyderabad
40. Khadijah Faruqui, Feminist and human rights consultant, Delhi
41. Dr. Lata Pratibha Madhukar, Bahujan Feminist Writer and Critique, Founder of Manomitr
42. Madan Lal Hind, Samajwadi Jan Parishad, Delhi
43. Madhu Bhaduri, Retd. Ambassador, Indian Foreign Service, Delhi
44. Madhu Bhushan, feminist, social activist, Bangalore
45. Mallika Sarabhai, Classical dancer, activist and actress, Ahmedabad
46. Mariya Salim, feminist development professional, Delhi
47. Mohammad Waheed, President, Casteless Society of India, Hyderabad
48. (Dr) Mohd Farooque Khan, Associate Professor, Marathwada University, Sambhajinagar
49. Mufid Shaikh, Muslim Satyashodhak, Mandal, Pune
50. Munir Shikalgar Muslim Satyashodhak Mandal, Sangli
51. Muniza Khan, IMSD, CJP, Varanasi
52. (Adv) Nazrana Ahemad, Social activist, academician, Dibrugarh (Assam)
53. Naseeruddin Shah, Actor, Mumbai
54. Nasreen Contractor, Co-convenor, IMSD, Mumbai
55. Nasreen M, BMMA, Karnataka
56. Naureen Sophie Musvee. EC member, Roshni, Chennai
57. Parvin Altaphusen Nabab, Muslim Satyashodhak Mandal, Satara
58. Peehu Pardeshi, PEHEL Foundation, Mumbai
59. Preeti Oza, Development Professional, Gandhinagar
60. Qaisar Pasha, Homemaker, Allahabad
61. (Prof.) Radha Kumar, renowned academic, former GOI Interlocutor for J&K, Kodaikanal
62. Rajesh Singhi, Social Sector Consultant, Alwar, Rajasthan
63. (Prof) Ram Puniyani, Author, Activist, President, CSSS, Mumbai
64. Ratna Pathak, Actor, Director, Mumbai
65. SR Darapuri, IPS(Retd), National President, All India Peoples Front, Lucknow
66. Sabah Khan, Parcham, Mumbai/Mumbra
67. Sachendra Pratap Yadav, Activist, Lucknow
68. Salim Momin Muslim Satyashodhak Mandal, Sangli
69. Samina Pathan Muslim Satyashodhak Mandal, Pune
70. Samreen Khan, Socio-political Blogger, Kolkata
71. Sandeep Pandey, General Secretary, Socialist Party of India, Lucknow
72. Sandhya Gokhale – Author and activist, Pune
73. Sayara Mulani Muslim Satyashodhak Mandal, Kolhapur
74. Shabana Dean, IMSD, Pune
75. Shagufta Musvee, President Soroptimist International, EC member, Roshni
76. Shahed Shaikh, Muslim Satyashodhak Mandal, Pune
77. Shaikh Yusuf Baba, Convenor, Duniyadari Social Reform Movement, Hyderabad
78. Shahjahan Patel, Muslim Satyashodhak Mandal, Mumbai
79. Shakun Mohini, feminist, social activist, Bangalore
80. Shama Zaidi, filmmaker, script writer, Mumbai
81. (Dr) Shaniya Zarina Khan, Dentist, Delhi
82. Shriya Maini, Advocate, Supreme Court, Delhi
83. (Dr) Shujaat Ali Quadri, Convener, Muslim Youth organization of India
84. Sultan Shahin, Editor-in-chief, New Age Islam (online portal), Delhi
85. (Dr) Suresh Khairnar, Social Activist, Nagpur
86. Suresh Nautiyal, India Green Party (IGP), Garhwal, Uttarakhand
87. Teesta Setalvad, Journalist, activist, educationist, Secretary Citizens for Justice & Peace, IMSD, Mumbai
88. Tushar Gandhi, President, Hum Bharat ke Log, Mumbai
89. Ummid Shaikh Muslim Satyashodhak Mandal, Pune
90. Yash Paranjpe, Writer, Navi Mumbai
91. (Dr) Zaheer A Sayeed, Neurologist, Chennai
92. Zeenat Shaukat Ali, Islamic Scholar, Director-General, Wisdom Foundation, Mumbai

